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ट्रंप का ऐलान: ईरान से बातचीत जारी, इजरायल नहीं करेगा हिज्बुल्लाह पर हमला

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ट्रंप का ऐलान: ईरान से बातचीत जारी, इजरायल नहीं करेगा हिज्बुल्लाह पर हमला

सारांश

ईरानी मीडिया के 'वार्ता रुकी' वाले दावे को ट्रंप ने सीधे खारिज किया — ट्रूथ सोशल पर कहा, बातचीत तेज़ी से जारी है। साथ ही हिज्बुल्लाह से गोलीबारी बंद करने की सहमति का दावा किया। लेकिन ईरान के विदेश मंत्री की चेतावनी और होर्मुज नाकाबंदी की धमकी से क्षेत्रीय तनाव बरकरार है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 जून को ट्रूथ सोशल पर कहा कि ईरान के साथ बातचीत 'तेज़ी से' जारी है।
ट्रंप ने दावा किया कि इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच सभी गोलीबारी बंद करने पर सहमति बनी है।
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बातचीत के बाद ट्रंप ने कहा — कोई भी सैनिक बेरूत नहीं जाएगा।
ईरान की अर्ध-सरकारी एजेंसी तस्त्रीम ने दावा किया कि लेबनान पर हमलों के चलते वार्ता अस्थायी रूप से रोकी गई।
ईरान और 'रेजिस्टेंस फ्रंट' ने कथित तौर पर होर्मुज स्ट्रेट और बाब अल मंडेब को अवरुद्ध करने की योजना बनाई है।
विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर कहा — सीजफायर उल्लंघन के लिए अमेरिका और इजरायल जिम्मेदार हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 जून को स्पष्ट किया कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ परमाणु और सीजफायर वार्ता निर्बाध रूप से जारी है — यह बयान उस समय आया जब ईरानी मीडिया ने दावा किया था कि तेहरान ने अमेरिका के साथ संदेश-आदान-प्रदान रोक दिया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि इजरायल अब हिज्बुल्लाह पर हमला नहीं करेगा और दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी बंद करने पर सहमति बनी है।

ट्रंप का ट्रूथ सोशल पर बयान

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ बातचीत तेज़ी से चल रही है।' एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ उनकी सकारात्मक बातचीत हुई और कोई भी सैनिक बेरूत नहीं भेजे जाएंगे — जो रास्ते में थे, उन्हें पहले ही वापस बुला लिया गया है।

ट्रंप ने यह भी बताया कि उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों के माध्यम से हिज्बुल्लाह के साथ भी बातचीत हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि इजरायल उन पर हमला नहीं करेगा और हिज्बुल्लाह इजरायल पर हमला नहीं करेगा।

ईरानी मीडिया का दावा और तेहरान की स्थिति

ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज़ एजेंसी तस्त्रीम ने सोमवार को दावा किया कि तेहरान की वार्ता टीम ने लेबनान पर जारी इजरायली हमलों के कारण मध्यस्थों के ज़रिए अमेरिका के साथ संदेश-आदान-प्रदान अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह दावा ट्रंप के बयान से सीधे टकराता है, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संकेतों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है।

होर्मुज और बाब अल मंडेब पर खतरे की आशंका

ईरानी न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ईरान और उसके 'रेजिस्टेंस फ्रंट' — जिसमें यमन, लेबनान और इराक के शिया सहयोगी शामिल हैं — ने कथित तौर पर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह अवरुद्ध करने और बाब अल मंडेब स्ट्रेट समेत अन्य मोर्चों को सक्रिय करने की योजना तैयार की है। गौरतलब है कि बाब अल मंडेब एक अत्यंत संवेदनशील समुद्री मार्ग है जो स्वेज नहर की ओर जाने वाले वैश्विक शिपिंग ट्रैफिक को नियंत्रित करता है — इसके अवरुद्ध होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।

यह ऐसे समय में आया है जब यमन में ईरान समर्थित हूती लड़ाके पहले से ही लाल सागर में जहाजों को निशाना बना रहे हैं। यदि एक नया मोर्चा खुलता है, तो बाब अल मंडेब सबसे संभावित लक्ष्य माना जा रहा है।

ईरानी विदेश मंत्री की चेतावनी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लेबनान में इजरायली अभियान का उल्लेख करते हुए लिखा, 'एक मोर्चे पर नहीं, सभी मोर्चों पर सीजफायर का उल्लंघन है। किसी भी उल्लंघन के नतीजों के लिए अमेरिका और इजरायल जिम्मेदार हैं।' यह बयान क्षेत्रीय तनाव को और गहरा करने वाला माना जा रहा है।

आगे क्या होगा

कूटनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप और ईरान के परस्पर विरोधी बयान वार्ता की नाज़ुक स्थिति को दर्शाते हैं। यदि हिज्बुल्लाह-इजरायल के बीच गोलीबारी वास्तव में बंद होती है, तो यह मध्य पूर्व में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि होगी। हालांकि, ईरान के समुद्री मार्गों को अवरुद्ध करने की धमकियाँ वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों के लिए गंभीर जोखिम बनी हुई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो ज़मीनी हकीकत से मेल नहीं खाती। होर्मुज और बाब अल मंडेब की नाकाबंदी की धमकी — भले ही अभी कथित हो — वैश्विक तेल आपूर्ति और भारत जैसे ऊर्जा-आयातक देशों के लिए एक गंभीर जोखिम संकेत है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को लेकर क्या कहा?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 जून को ट्रूथ सोशल पर लिखा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ बातचीत 'तेज़ी से' जारी है। यह बयान ईरानी मीडिया के उस दावे के जवाब में आया जिसमें कहा गया था कि तेहरान ने वार्ता रोक दी है।
इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच सीजफायर पर क्या स्थिति है?
ट्रंप ने दावा किया कि उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों के ज़रिए हिज्बुल्लाह से बातचीत हुई और दोनों पक्षों ने सभी गोलीबारी बंद करने पर सहमति जताई है। इजरायल हिज्बुल्लाह पर हमला नहीं करेगा और हिज्बुल्लाह इजरायल पर हमला नहीं करेगा।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अवरुद्ध करने की धमकी क्यों दी?
ईरानी न्यूज़ एजेंसी तस्त्रीम के अनुसार, ईरान और उसके 'रेजिस्टेंस फ्रंट' ने लेबनान पर इजरायली हमलों के जवाब में होर्मुज स्ट्रेट को अवरुद्ध करने और बाब अल मंडेब स्ट्रेट को सक्रिय करने की कथित योजना बनाई है। बाब अल मंडेब स्वेज नहर की ओर जाने वाले वैश्विक शिपिंग ट्रैफिक का प्रमुख मार्ग है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने क्या कहा?
विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार को एक्स पर लिखा कि 'एक मोर्चे पर नहीं, सभी मोर्चों पर सीजफायर का उल्लंघन है' और इसके लिए अमेरिका तथा इजरायल को जिम्मेदार ठहराया। उनका यह बयान लेबनान में जारी इजरायली सैन्य अभियान के संदर्भ में आया।
क्या बेरूत में अमेरिकी सैनिक तैनात होने वाले थे?
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बातचीत के बाद यह तय हुआ कि कोई भी अमेरिकी सैनिक बेरूत नहीं जाएगा। जो सैनिक रास्ते में थे, उन्हें पहले ही वापस बुला लिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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