ट्रंप की 'तूफान से पहले की शांति' चेतावनी, ईरान पर एयर स्ट्राइक की संभावना पर चर्चा तेज़
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 मई 2025 को मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक तीखी परोक्ष चेतावनी जारी की — सोशल मीडिया पर एक एआई-निर्मित तस्वीर पोस्ट करते हुए, जिसके साथ संदेश था: 'यह तूफान से पहले की शांति है।' इसी के समानांतर रिपोर्टें सामने आ रही हैं कि ट्रंप प्रशासन ईरान पर संभावित एयर स्ट्राइक को लेकर वैकल्पिक सैन्य योजनाओं पर विचार कर रहा है।
पोस्ट में क्या था संदेश
ट्रंप द्वारा साझा की गई एआई-निर्मित तस्वीर में वे एक अमेरिकी नौसैनिक जहाज पर अमेरिकी नौसेना के एक एडमिरल के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं — सिर पर 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' की टोपी, पृष्ठभूमि में तूफानी समुद्र और बिजली कड़कती हुई। उल्लेखनीय रूप से, इस तस्वीर की पृष्ठभूमि में ईरानी जहाज भी दिखाए गए हैं, जिससे यह पोस्ट व्यापक रूप से तेहरान के लिए एक सीधे संदेश के रूप में देखी जा रही है।
प्रशासन में क्या चल रहा है
न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावा किया है कि ट्रंप ईरान नीति पर एक निर्णायक कदम उठाने की तैयारी में हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके शीर्ष सहयोगी कथित तौर पर उन परिस्थितियों पर विचार कर रहे हैं जिनमें कूटनीतिक प्रयास विफल होने पर नए एयर ऑपरेशन शुरू किए जा सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच पिछले महीने ही सीजफायर हुआ था।
ट्रंप का कूटनीतिक रुख
फ्रांसीसी प्रसारक बीएफएमटीवी को दिए एक टेलीफोन साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, 'उनकी दिलचस्पी एक समझौते पर पहुंचने में है।' साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि जल्द शांति समझौता नहीं हुआ तो ईरान के लिए 'बहुत बुरा समय' आएगा। यह दोहरा संदेश — वार्ता का प्रस्ताव और सैन्य दबाव एक साथ — ट्रंप प्रशासन की 'अधिकतम दबाव' रणनीति की विशेषता रही है।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्वीकार किया कि उनकी सरकार को वाशिंगटन से नई बातचीत के लिए तैयार होने के संकेत मिले हैं। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी इरादों पर पूरा भरोसा नहीं है। इससे पहले, ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने कथित तौर पर चेतावनी दी थी कि तेहरान के 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव के दूसरे चरण के प्रयास पूरी तरह बेनतीजा रहेंगे।
होर्मुज़ स्ट्रेट और क्षेत्रीय तनाव
गौरतलब है कि होर्मुज़ स्ट्रेट — जहाँ से दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है — के आसपास तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका खाड़ी में अपनी नौसैनिक उपस्थिति बनाए हुए है, जबकि उसके सबसे बड़े विमानवाहक पोत यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड ने हाल ही में एक लंबी तैनाती पूरी की है। ईरान के संसद समिति अध्यक्ष इब्राहिम अजीजी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के ऑपरेटरों के लिए कुछ समुद्री मार्ग बंद रहेंगे, जबकि ईरान के साथ सहयोग करने वाले व्यावसायिक जहाजों को निर्धारित शर्तों के तहत आवाजाही की अनुमति होगी। आने वाले हफ्ते कूटनीतिक और सैन्य, दोनों मोर्चों पर निर्णायक साबित हो सकते हैं।