USS जेराल्ड आर फोर्ड 326 दिनों बाद स्वदेश लौटा, वियतनाम युद्ध के बाद अमेरिका की सबसे लंबी तैनाती

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USS जेराल्ड आर फोर्ड 326 दिनों बाद स्वदेश लौटा, वियतनाम युद्ध के बाद अमेरिका की सबसे लंबी तैनाती

सारांश

326 दिन, तीन महासागर, एक युद्ध — दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत USS जेराल्ड आर फोर्ड नॉरफॉक लौट आया। वियतनाम के बाद की सबसे लंबी तैनाती में 5,000 नाविकों ने कैरेबियन ड्रग ऑपरेशन से लेकर ईरान संघर्ष तक के मोर्चे संभाले।

मुख्य बातें

USS जेराल्ड आर फोर्ड 326 दिनों की तैनाती के बाद 17 मई को वर्जीनिया के नॉरफॉक लौटा।
यह वियतनाम युद्ध के बाद किसी अमेरिकी विमानवाहक पोत स्ट्राइक ग्रुप की सबसे लंबी एकल तैनाती है — पेंटागन के अनुसार।
पोत पर करीब 5,000 नाविक और चालक दल के सदस्य सवार थे।
तैनाती में कैरेबियन में ड्रग-रोधी अभियान, वेनेजुएला ऑपरेशन और मध्य पूर्व में ईरान के विरुद्ध सैन्य कार्रवाई शामिल रही।
मार्च 2026 में लॉन्ड्री क्षेत्र में लगी आग को बुझाने में 30 घंटे लगे; तकनीकी खराबियाँ भी दर्ज हुईं।
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ नॉरफॉक में स्वागत के लिए स्वयं उपस्थित रहे।

अमेरिकी विमानवाहक पोत USS जेराल्ड आर फोर्ड 326 दिनों — यानी करीब 11 महीनों — की ऐतिहासिक तैनाती के बाद शनिवार, 17 मई को वर्जीनिया के नॉरफॉक बंदरगाह पर लौट आया। पेंटागन के अनुसार, यह वियतनाम युद्ध के बाद किसी अमेरिकी विमानवाहक पोत स्ट्राइक ग्रुप की सबसे लंबी एकल तैनाती है। इस पोत पर करीब 5,000 नाविक और चालक दल के सदस्य सवार थे।

स्वागत में उपस्थित रहे रक्षा मंत्री

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ नॉरफॉक में पोत के स्वागत के लिए स्वयं मौजूद रहे। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर नाविकों की भावुक स्वदेश वापसी की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि इस पोत ने जो काम किया, वह 'अद्भुत और असाधारण' रहा। मीडिया से बातचीत में भी उन्होंने चालक दल की सराहना की।

तैनाती का मार्ग और मिशन

पेंटागन के अनुसार, पोत जून 2025 में वर्जीनिया से रवाना हुआ था। पहले यह अटलांटिक महासागर होते हुए भूमध्य सागर और नॉर्वे पहुँचा। जनवरी 2026 में इसे कैरेबियन क्षेत्र में भेजा गया, जहाँ अमेरिकी बलों ने कथित ड्रग-तस्करी नौकाओं पर कार्रवाई की, प्रतिबंधित टैंकरों को रोका और वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने के अभियान में हिस्सा लिया। इसके बाद इसे मध्य पूर्व में ईरान के विरुद्ध सैन्य अभियानों के लिए तैनात किया गया।

तैनाती के दौरान चुनौतियाँ

11 महीनों की इस तैनाती में पोत को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। मार्च 2026 में ईरान संघर्ष के दौरान जहाज के लॉन्ड्री क्षेत्र में आग लग गई, जिसे बुझाने में करीब 30 घंटे लगे। इसके अलावा टॉयलेट प्रणाली में खराबी और अन्य तकनीकी समस्याएँ भी सामने आई थीं। इन परिस्थितियों के बावजूद चालक दल ने मिशन जारी रखा।

ऐतिहासिक संदर्भ

आमतौर पर अमेरिकी विमानवाहक पोतों की तैनाती 6 से 9 महीने के बीच होती है। इस बार 326 दिनों की तैनाती ने वियतनाम युद्ध के बाद का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है और अमेरिका ने अपनी नौसैनिक उपस्थिति को कई मोर्चों पर एक साथ बनाए रखा। गौरतलब है कि USS जेराल्ड आर फोर्ड दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत है।

आगे की स्थिति

नॉरफॉक लौटने के बाद पोत और उसके चालक दल को रखरखाव और विश्राम की अवधि से गुज़रना होगा। इतनी लंबी तैनाती के बाद तकनीकी मरम्मत और दल के पुनर्गठन पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ एक ही पोत को एक साथ कई भू-राजनीतिक मोर्चों पर लगाया गया। कैरेबियन से मध्य पूर्व तक की यह यात्रा दर्शाती है कि अमेरिका एक साथ कितने संघर्षों में उलझा है। लेकिन 30 घंटे की आग, टॉयलेट खराबी और तकनीकी समस्याएँ यह सवाल भी उठाती हैं कि क्या इतनी लंबी तैनाती चालक दल और उपकरणों की क्षमता की सीमा को नहीं लाँघ रही। मुख्यधारा की कवरेज 'ऐतिहासिक वापसी' पर केंद्रित है, लेकिन असली बहस यह होनी चाहिए कि क्या ऐसी खिंची हुई तैनाती टिकाऊ है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

USS जेराल्ड आर फोर्ड कितने दिनों की तैनाती के बाद लौटा?
USS जेराल्ड आर फोर्ड 326 दिनों — करीब 11 महीनों — की तैनाती के बाद 17 मई को वर्जीनिया के नॉरफॉक बंदरगाह पर लौटा। पेंटागन के अनुसार यह वियतनाम युद्ध के बाद किसी अमेरिकी विमानवाहक पोत स्ट्राइक ग्रुप की सबसे लंबी एकल तैनाती है।
USS जेराल्ड आर फोर्ड को कहाँ-कहाँ तैनात किया गया था?
जून 2025 में वर्जीनिया से रवाना होने के बाद पोत अटलांटिक, भूमध्य सागर और नॉर्वे गया। जनवरी 2026 में इसे कैरेबियन में वेनेजुएला ऑपरेशन के लिए भेजा गया और फिर ईरान संघर्ष के दौरान मध्य पूर्व में तैनात किया गया।
तैनाती के दौरान USS फोर्ड पर क्या चुनौतियाँ आईं?
मार्च 2026 में ईरान संघर्ष के दौरान जहाज के लॉन्ड्री क्षेत्र में आग लगी, जिसे बुझाने में करीब 30 घंटे लगे। इसके अलावा टॉयलेट प्रणाली में खराबी और अन्य तकनीकी समस्याएँ भी दर्ज हुईं।
USS जेराल्ड आर फोर्ड के स्वागत में कौन उपस्थित था?
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ नॉरफॉक में पोत के स्वागत के लिए स्वयं मौजूद रहे। उन्होंने एक्स पर वापसी की तस्वीरें साझा कीं और मीडिया से बात करते हुए चालक दल के काम को 'अद्भुत और असाधारण' बताया।
USS जेराल्ड आर फोर्ड दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत क्यों कहलाता है?
USS जेराल्ड आर फोर्ड अमेरिकी नौसेना का फोर्ड-क्लास विमानवाहक पोत है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर माना जाता है। इस पोत पर करीब 5,000 नाविक और चालक दल के सदस्य सवार हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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