प्रशांत किशोर पर JDU के नीरज कुमार का तंज: 'राजनीतिक ड्रामेबाजी के उस्ताद बन जाएंगे'
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने शनिवार, 11 जुलाई को जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यदि उनका यही रवैया जारी रहा, तो वे राजनीतिक ड्रामेबाजी के उस्ताद के रूप में याद किए जाएंगे। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान नीरज कुमार ने बांकीपुर उपचुनाव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा।
प्रशांत किशोर पर सीधा हमला
प्रशांत किशोर ने हाल ही में कहा था कि बांकीपुर उपचुनाव में वे मतदाताओं से मिलकर उन्हें लालू और भाजपा के डर की राजनीति से ऊपर उठकर एक बेहतर उम्मीदवार चुनने की अपील कर रहे हैं। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नीरज कुमार ने कहा कि यदि किशोर का आत्मविश्वास अब भी बना हुआ है, तो उन्हें यह बताना चाहिए कि वे कौन सा मंत्र जप रहे हैं।
नीरज कुमार ने दावा किया कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी एक भी सीट जीतने में नाकाम रही। इसके बावजूद किशोर का लगातार बड़े-बड़े बयान देना, उनके अनुसार, राजनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।
राहुल गांधी और विदेश नीति पर आरोप
नीरज कुमार ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेश जाकर भारत की आलोचना करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब दुनिया के दूसरे देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करते हैं और विभिन्न समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर होते हैं, तो कांग्रेस को उससे आपत्ति क्यों होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश की राष्ट्रीय विदेश नीति पर कभी मतभेद नहीं रहा है। नीरज कुमार के अनुसार, विपक्ष भ्रष्टाचार-आधारित समझौतों की राजनीति करना चाहता है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के रहते यह संभव नहीं है।
बांकीपुर उपचुनाव और भाजपा उम्मीदवार का मामला
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना उम्मीदवार वापस नहीं लिया — बल्कि उम्मीदवार ने स्वयं नामांकन वापस लिया। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति को लोग महज प्रचार सामग्री बांटने वाला कार्यकर्ता समझ रहे थे, वही बाद में उम्मीदवार बना।
नीरज कुमार ने बताया कि वह व्यक्ति पहले भाजपा के मंडल अध्यक्ष के रूप में संगठन में काम कर चुका था। उन्होंने इसे भाजपा की कार्यशैली का उदाहरण बताते हुए कहा कि पार्टी चेहरा देखकर नहीं, बल्कि काम के आधार पर टिकट देती है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
गौरतलब है कि बांकीपुर बिहार की राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील सीट है और इस उपचुनाव में जन सुराज पार्टी की सक्रियता, NDA और विपक्ष दोनों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी के खाली हाथ रहने के बाद उनकी राजनीतिक साख पर सवाल उठ रहे हैं। आने वाले दिनों में बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम तय करेगा कि किशोर की रणनीति कितनी कारगर साबित होती है।