प्रशांत किशोर का नीतीश कुमार पर हमला: 202 विधायकों के समर्थन के बावजूद राज्यसभा का सफर
सारांश
Key Takeaways
- प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं।
- 202 विधायकों का समर्थन होने के बावजूद राज्यसभा की यात्रा का तर्क है।
- जन सुराज पार्टी का लक्ष्य बिहार में सुधार लाना है।
- गुजरात के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार चलाने की बातें।
- बिहार में राजनीतिक चर्चाएँ बढ़ सकती हैं।
जमुई, २६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि जब उनके पास २०२ विधायकों का समर्थन है, तो वे राज्यसभा क्यों जा रहे हैं?
जमुई में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार के पास २०२ विधायकों का समर्थन है, फिर भी वे राज्यसभा जा रहे हैं। यह बात किसी को समझ में नहीं आ रही है कि आखिर वे ऐसा क्यों कर रहे हैं? लोकतंत्र में, जिस व्यक्ति के पास २०२ विधायकों का समर्थन हो, उसे राज्यसभा जाने की आवश्यकता नहीं होती। वे वहां इसलिए जा रहे हैं, क्योंकि जिस सरकार का वे नेतृत्व कर रहे हैं, वह उनके कार्यों या लोकप्रियता के आधार पर नहीं बनी थी।
प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि जिनकी मदद से बिहार में एनडीए की सरकार बनी है, वे अब नीतीश कुमार के जाने के बाद सरकार का संचालन करेंगे। अब बिहार की अगली सरकार गुजरात के हितों को ध्यान में रखकर चलाई जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गुजरात की फैक्ट्री में श्रमिकों की कमी न हो।
उन्होंने जमुई में कहा कि जन सुराज के सदस्यों के साथ एक बैठक हुई है। चुनाव के परिणाम चाहे जो भी हों, बिहार में बदलाव लाने के हमारे संकल्प से कोई भटकाव नहीं होगा। चाहे इसमें दो साल लगें या पांच, जन सुराज से संबंधित हर व्यक्ति जो शिक्षा, रोजगार में सुधार और पलायन में कमी देखना चाहता है, वह इस संगठन का हिस्सा है।
गौरतलब है कि सीएम नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा जाने का निर्णय लिया था और हाल में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में जीत हासिल की है। नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा पर हैं और लगातार विभिन्न जिलों का दौरा कर योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर रहे हैं। इस बीच, एक बात देखने को मिल रही है कि लोग उनसे बिहार नहीं छोड़ने की अपील कर रहे हैं।