निशांत का राजनीति में आना पार्टी के लिए आवश्यक: अशोक चौधरी
सारांश
Key Takeaways
- निशांत का राजनीति में आना: पार्टी की एकता के लिए आवश्यक।
- महिला आरक्षण विधेयक: महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि।
- नीतीश कुमार की सुरक्षा: सामान्य प्रक्रिया के तहत अपग्रेडेशन।
पटना, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित होने के बाद बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। यह भी संभावित माना जा रहा है कि राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद वे मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं।
इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी और बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने रविवार को मुख्यमंत्री के पुत्र निशांत के राजनीति में प्रवेश को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पार्टी को बांधकर रखने के लिए निशांत का आना आवश्यक था।
अशोक चौधरी ने कहा, "हमारी इच्छा के अनुसार निशांत कुमार राजनीति में आए हैं। उनकी खुद की कोई इच्छा नहीं थी। मुख्यमंत्री भी यह नहीं चाहते थे, लेकिन पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की इच्छा थी कि निशांत को लाना अनिवार्य है। अन्यथा, कई लोग हैं जो पार्टी का नेता बनना चाहते हैं। भविष्य में निशांत कुमार के नेतृत्व में सभी जदयू नेता कार्य करेंगे।"
विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव द्वारा मुख्यमंत्री की सुरक्षा बढ़ाने के संबंध में उठाए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सुरक्षा में किया गया अपग्रेडेशन सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था स्वाभाविक रूप से लागू होती है। उन्होंने यह भी कहा कि लोग बेवजह की बातें करते हैं।
अशोक चौधरी ने कहा कि सुरक्षा को लेकर तेजस्वी यादव ने पहले भी बयान दिए हैं। जब वे पद से हटे थे तब सुरक्षा की मांग कर रहे थे। महिला आरक्षण विधेयक पर उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक पहल है। इससे महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि संसद और राज्यसभा में इससे महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला सशक्तिकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।