प्रधानमंत्री मोदी का डिब्रूगढ़ में कांग्रेस पर बड़ा हमला, जनता का उत्साह अभूतपूर्व
सारांश
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डिब्रूगढ़, ६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम विधानसभा चुनाव के संदर्भ में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को डिब्रूगढ़ में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। जनसभा में उपस्थित भारी भीड़ और लोगों के उत्साह को देखकर प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें डिब्रूगढ़ आने का कई अवसर मिला है, लेकिन इस बार का जोश और उत्साह अद्वितीय है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह जनसमर्थन कांग्रेस के लिए चिंता का विषय है। कांग्रेस पहले ही तनाव में है और मतदान से पहले इस तरह की तस्वीरें उसे और कमजोर कर देंगी। जनता का यह उत्साह एक स्पष्ट संदेश दे रहा है।
उन्होंने असम की सांस्कृतिक विविधता और एकता की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य में एक भारत-श्रेष्ठ भारत की समृद्ध विरासत रही है। अहोम, कोच-राजबंशी, मोरान, मोतोक, मिसिंग, देवरी जैसे विभिन्न समाज सदियों से यहां सौहार्द के साथ निवास करते आए हैं। कोई असमिया बोलता है, कोई बांग्ला और कोई हिंदी, लेकिन हर किसी का सपना एक ही है, विकसित असम और विकसित भारत। उन्होंने असम के महान नेताओं और विभूतियों को भी याद किया, जैसे भूपेन हजारिका, गोपीनाथ बोरदोलोई और ज्योति प्रसाद अग्रवाल, जिनकी प्रेरणा से भाजपा-एनडीए सरकार डिब्रूगढ़ को एक बड़े व्यापारिक और आर्थिक हब के रूप में विकसित कर रही है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर भी कड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नुमालीगढ़ से डिब्रूगढ़ तक का हाईवे कांग्रेस की असम के प्रति उपेक्षा का स्पष्ट उदाहरण है। यह परियोजना २००५ में स्वीकृत हुई थी, लेकिन २०१३ तक इसमें कोई प्रगति नहीं हुई, जबकि इस दौरान केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।
पीएम मोदी ने बताया कि कांग्रेस ने असम के साथ सौतेला व्यवहार किया, जिसके कारण अपर असम और बराक घाटी जैसे क्षेत्रों का विकास प्रभावित हुआ। इस उपेक्षा के चलते असम लंबे समय तक पिछड़ा और विभाजित रहा। कांग्रेस के दशकों के कुशासन ने असम की कनेक्टिविटी की कोई चिंता नहीं की। बोगिबिल ब्रिज, भूपेन हजारिका सेतु, जोरहाट-माजुली सेतु जैसे पुल इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई पर पहुंचा रहे हैं।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि कुछ दिन पहले, दुनिया ने मोरान में एक अद्वितीय दृश्य देखा, जहां भाजपा-एनडीए सरकार द्वारा बनाए गए एक नए हाईवे पर लड़ाकू विमानों ने लैंडिंग की। मैं भी वायुसेना के साथ उसी सड़क पर उतरा। महज दस साल पहले, असम के लोगों को सड़कों की बुनियादी सुविधाओं के लिए गुहार लगानी पड़ती थी।