क्या पीएम मोदी ने कांग्रेस पर घुसपैठियों को असम की मिट्टी सौंपने का आरोप लगाया?
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस पर घुसपैठियों को असम की मिट्टी सौंपने का आरोप
- असम में अस्थिरता और हिंसा का संदर्भ
- भाजपा सरकार द्वारा बढ़ाए गए रेल बजट का उल्लेख
कालियाबोर, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए असम में अस्थिरता उत्पन्न की और राज्य को हिंसा की आग में धकेल दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने केवल सरकारें बनाने और कुछ वोट हासिल करने के लिए असम की मिट्टी को घुसपैठियों को सौंप दिया था।
मोदी ने रविवार को असम में काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई। कार्यक्रम के दौरान, पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए असम में अस्थिरता पैदा की और असम को हिंसा की आग में धकेल दिया।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद असम के सामने बड़ी चुनौतियाँ थीं, लेकिन कांग्रेस ने उन समस्याओं के समाधान की बजाय सियासी लाभ उठाने का प्रयास किया। जब विश्वास की आवश्यकता थी, तब कांग्रेस ने विभाजन को बढ़ावा दिया। संवाद की आवश्यकता होने पर, कांग्रेस ने उपेक्षा की और बातचीत के रास्ते बंद कर दिए। जब असम के लोगों के जख्म भरने और उनकी सेवा की आवश्यकता थी, तब कांग्रेस ने असम के दरवाजे घुसपैठियों के स्वागत में लगा रखा था।
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस असम के लोगों को अपना नहीं मानती है। कांग्रेस को विदेशी घुसपैठियों की ज्यादा पसंद है, क्योंकि वे यहां आकर कांग्रेस के कट्टर वोट बैंक बन जाते हैं। इसीलिए, कांग्रेस के राज में विदेशी घुसपैठिए आते रहे और असम की लाखों बीघा जमीन पर कब्जा करते रहे।
उन्होंने कहा कि जब हम असम की कला, संस्कृति और पहचान का सम्मान करते हैं, तो कुछ लोग इससे असहज हो जाते हैं। असम का सम्मान कांग्रेस के लोगों को पसंद नहीं आता। कांग्रेस ने भूपेन हजारिका जी को भारत रत्न देने का विरोध किया था। कांग्रेस के कर्नाटक सरकार के मंत्री ने असम में सेमीकंडक्टर यूनिट का विरोध किया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी पीड़ा हमेशा दूरी की रही है। दशकों तक यहां के लोगों को यह महसूस होता रहा कि देश का विकास अन्य क्षेत्रों में हो रहा है और वे पीछे छूट रहे हैं। इसका प्रभाव केवल अर्थव्यवस्था पर नहीं, बल्कि भरोसे पर भी पड़ा। इस भावना को बदलने का कार्य भाजपा ने किया।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने नॉर्थ ईस्ट के विकास को प्राथमिकता दी है। रोडवेज, रेलवे, एयरवेज और वाटरवेज के माध्यम से असम को जोड़ने का कार्य एक साथ शुरू हुआ, लेकिन कांग्रेस ने कभी इसकी परवाह नहीं की। जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब असम को बहुत कम (लगभग 2000 करोड़ रुपए) रेल बजट मिलता था। अब भाजपा सरकार ने इसे बढ़ाकर लगभग 10 हजार करोड़ रुपए सालाना कर दिया है।