क्या पंजाब सरकार मीडिया पर दबाव बना रही है, मनमानी करना उचित है?
सारांश
Key Takeaways
- सरकार द्वारा मीडिया पर दबाव
- फतेहजंग सिंह बाजवा की राज्यपाल से मुलाकात
- मीडिया स्वतंत्रता का महत्व
- बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति
- पंजाब में बिगड़ती कानून व्यवस्था
चंडीगढ़, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा पंजाब में सरकार द्वारा मीडिया पर लगाए जा रहे प्रतिबंध का खुलकर विरोध कर रही है। इस संदर्भ में पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष फतेहजंग सिंह बाजवा ने राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की मनमानी उचित नहीं है।
फतेहजंग सिंह बाजवा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, 'राज्यपाल को पंजाब की स्थिति की चिंता है। हमने उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी है। पत्रकारों को सच दिखाने से रोका जा रहा है। पंजाब सरकार के काम करने का तरीका सही नहीं है। इसका जवाब जनता समय आने पर देगी।'
उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह से राज्य सरकार मीडिया संस्थानों पर दबाव बना रही है, वह सही नहीं है। यदि कोई कहानी उन्हें पसंद नहीं आती है, तो वे उस पत्रकार या संस्था पर दबाव डालने का प्रयास करते हैं। उन्हें नहीं पता कि इससे कुछ नहीं होने वाला है। जनता को आपकी सच्चाई पता चल चुकी है। आज मीडिया को एकजुट होकर सरकार की सच्चाई को सबके सामने लाना चाहिए।
फतेहजंग सिंह बाजवा ने बताया कि कुछ मीडिया संस्थान सरकार के विज्ञापन लेकर सच्चाई को छुपाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। सभी को एक-दूसरे का सहयोग देना चाहिए ताकि मीडिया पर किसी का दबाव न बने और वे स्वतंत्रता से काम कर सकें।
उन्होंने कहा, "आज सभी लोग एकजुट हैं और एक ही बात कह रहे हैं। बांग्लादेश धीरे-धीरे दूसरा पाकिस्तान बनता जा रहा है, जहां अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। देशभर में लोग इसकी निंदा कर रहे हैं और हमारी सरकार इस मुद्दे को उठा रही है।"
इससे पहले, पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखकर राज्य में मीडिया की स्वतंत्रता और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता जताई।
उन्होंने पत्र में लिखा है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। आम लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार मीडिया की आवाज को दबाने में लगी हुई है। राज्य सरकार जानबूझकर मीडिया की स्वतंत्र रिपोर्टिंग को रोकना चाहती है ताकि पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की सच्चाई जनता तक न पहुंच सके।