पप्पू यादव ने कहा: चुनाव आयोग भाजपा का दरबान, महाभियोग लाना अनिवार्य
सारांश
Key Takeaways
- पप्पू यादव ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए।
- महाभियोग लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
- गैस-डीजल की कमी पर मुनाफाखोरी का आरोप।
- ईरान के साथ रिश्तों को मजबूत करने की सलाह।
- सुरक्षा मुद्दों पर चिंता व्यक्त की गई।
नई दिल्ली, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के प्रति तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा का दरबान बन गया है और चपरासी की तरह कार्य कर रहा है।
सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में टीएमसी द्वारा महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी चल रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने कहा, "यह महाभियोग बहुत पहले लाना चाहिए था। उन्होंने (ज्ञानेश कुमार) एक संवैधानिक संकट उत्पन्न कर दिया है। उन्हें संविधान, भारतीय मूल्यों, मान-सम्मान या नैतिकता से कोई सरोकार नहीं है। वह भाजपा के कार्यालय में दरबान की तरह कार्य कर रहे हैं। इसलिए उनके खिलाफ तुरंत महाभियोग लाने की आवश्यकता है।"
एलपीजी सिलेंडर की कमी पर भी पप्पू यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "हालात बहुत अच्छे नहीं हैं। भारत की दोस्ती को लेकर आज भी ईरान की आंखों में आंसू हैं। वह लगातार प्रयास कर रहा है कि भारत में किसी प्रकार का बड़ा संकट उत्पन्न न हो। मैं मानता हूं कि गैस-डीजल पर संकट नहीं है, बल्कि मुनाफाखोरों ने ब्लैकमार्केटिंग कर दी है। सभी डीलर गैस को काले बाजार में बेच रहे हैं।"
पीएम मोदी की ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत पर पप्पू यादव ने कहा, "अगर भारत सरकार को ईरान की दोस्ती की याद है तो हमारा सुझाव है कि आगे बढ़ना एक अच्छी पहल होगी। भारत को मजबूती से ईरान का समर्थन करना चाहिए और उसका साथ देना चाहिए। ऐसा इसलिए भी कि मिडिल ईस्ट के संकट का सबसे बड़ा असर भारत पर पड़ेगा। चीन, रूस और अमेरिका जैसे देशों पर इसका कोई असर नहीं होगा, लेकिन भारत पर इसका सबसे अधिक प्रभाव होगा। सरकार को इस स्थिति को समझना चाहिए।"
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला और उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी पर कार्यक्रम के दौरान हुई फायरिंग की घटना पर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कहा कि यह सुरक्षा का मुद्दा नहीं है, क्योंकि जो भाजपा सरकार के प्रति चापलूसी करेगा, उसकी सुरक्षा होगी और जो नहीं करेगा, उसकी सुरक्षा छीन ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर में सभी धर्मों और जातियों के नेता हैं। वर्तमान में जो साजिश की जा रही है, मेरा मानना है कि यह अशांति फैलाने का एक प्रयास है।