पप्पू यादव ने चुनाव आयोग के खिलाफ महाभियोग लाने की आवश्यकता पर जोर दिया
सारांश
Key Takeaways
- चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल उठाया गया है।
- पप्पू यादव ने महाभियोग लाने की मांग की है।
- संविधान के अंतर्गत सभी संस्थाओं को कार्य करना चाहिए।
- नीतीश कुमार के प्रति जनता का विश्वास अटूट है।
- निशांत कुमार का राजनीतिक प्रवेश जेडीयू के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
नई दिल्ली, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला किया है। उनका कहना है कि ज्ञानेश कुमार अब एक नेता की भांति व्यवहार कर रहे हैं। वर्तमान में चुनाव आयोग का कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं दिखाई दे रहा है। यह आयोग किसी विशेष पार्टी का समर्थन करने वाला प्रतीत होता है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पद की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों को समाप्त कर दिया है। चुनाव आयोग के खिलाफ महाभियोग लाना अत्यंत आवश्यक है।
पप्पू यादव ने कहा कि हमारा देश संविधान के आधार पर चलता है। सभी संस्थाओं को संविधान द्वारा निर्धारित दायरे में ही कार्य करना चाहिए। कोई भी संस्था महाशक्ति नहीं है, और सभी को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। संविधान ने सभी प्रकार के विचारों और स्वतंत्रताओं को मान्यता दी है और व्यक्तियों को जीने की स्वतंत्रता प्रदान की है।
उन्होंने आगे कहा कि निश्चित रूप से, समय-समय पर, संविधान के अंतर्गत संसद और विधायिका को इस देश को और अधिक सुंदर बनाने की प्रक्रिया पर चर्चा करने और उसे मजबूत करने का अधिकार है। हम इसके पक्ष में हैं। हम संविधान की सीमाओं और नैतिक मूल्यों का सम्मान करते हैं, साथ ही सभी वर्गों, समूहों, लिंगों, भाषाओं, क्षेत्रों, और धर्मों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखना चाहिए।
यह उल्लेखनीय है कि पप्पू यादव ने 8 मार्च को निशांत कुमार के राजनीतिक प्रवेश के बारे में कहा था कि यदि वह राजनीति में आते हैं, तो वह जेडीयू को एकजुट रखेंगे और नीतीश कुमार की विरासत को बनाए रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जदयू के नेतृत्व के लिए निशांत कुमार को पहले ही लाना चाहिए था। यह सवाल जदयू या उसके कार्यकर्ताओं का नहीं है।
पप्पू यादव ने कहा कि यह मुद्दा यह है कि नीतीश कुमार के प्रति बिहार की जनता का अटूट विश्वास रहा है। ऐसे में उनका अचानक निर्णय लेना या बिहार छोड़ना, यह बिहार की जनता की इच्छा के खिलाफ हो सकता है। नीतीश कुमार आज भी बिहार की जनता की पसंद बने हुए हैं। निशांत कुमार देर से आए हैं, लेकिन अब सही समय पर आए हैं। मुझे विश्वास है कि जनता दल युनाइटेड के प्रति लोगों के विश्वास को बनाए रखने में और नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को संजोए रखने में निशांत सफल होंगे।