महंगाई और ईंधन संकट: रामगोपाल यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
सारांश
Key Takeaways
- महंगाई अपने उच्चतम स्तर पर है।
- उपभोक्ता एलपीजी के लिए परेशान हैं।
- सरकार की नीतियों पर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
- युद्ध का असर भारत पर भी पड़ रहा है।
- आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट लागू किया गया है।
नई दिल्ली, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामगोपाल यादव ने महंगाई और ईंधन संकट के मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि महंगाई अपने उच्चतम स्तर पर पहुँच चुकी है और सरकार इसे नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रही है।
रामगोपाल यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निवेदन किया है कि युद्ध को जल्द समाप्त किया जाए, क्योंकि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और अब जनता का सरकार से विश्वास उठ चुका है। इसका प्रतिकूल प्रभाव भारत पर भी पड़ रहा है।
उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच एलपीजी और पेट्रोल की आपूर्ति में रुकावट के बारे में कहा कि सरकार कभी भी सही जानकारी नहीं देती। रामगोपाल ने यह भी कहा कि जब परिस्थितियाँ गंभीर नहीं हैं तो अचानक एलपीजी के दाम क्यों बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने बेंगलुरु का उदाहरण देते हुए कहा कि होटल मालिकों ने अचानक दाम बढ़ने के बाद अपने होटल बंद करने की चेतावनी दी है। अब जनता का सरकार पर से भरोसा पूरी तरह टूट चुका है।
उन्होंने कहा कि इस युद्ध के कारण भारतीय नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सरकार इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। इसके बजाय, गैस के दाम बढ़ाकर आम जनता पर बोझ डाला जा रहा है। लोग गैस के लिए लंबी कतारों में खड़े हो रहे हैं, फिर भी उन्हें गैस नहीं मिल रही है।
इसी मुद्दे पर कांग्रेस के सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि हॉरमुज़ जलडमरू के मध्य रुकावट के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। मंगलवार तक केवल एक जहाज इस मार्ग से गुजरा, जबकि यह वेस्ट एशिया से पूर्वी एशिया तक लगभग 40 प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति का प्रबंधन करता है। इसका सीधा असर भारत पर भी पड़ रहा है।
सरकार ने इस संकट की स्थिति में आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट लागू किया है। वहीं, एयरलाइंस ने ईंधन लागत बढ़ने के कारण सरचार्ज लगाना शुरू कर दिया है। इस समय में जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।