क्या प्रसिद्ध कृष्णा का सपना है विश्व कप में भारत के लिए ट्रॉफी जीतना?
सारांश
Key Takeaways
- प्रसिद्ध कृष्णा का सपना है विश्व कप जीतना।
- चोटों के कारण करियर में उतार-चढ़ाव।
- निरंतरता पर ध्यान केंद्रित करना।
- बीच के ओवरों में गेंदबाजी की चुनौती।
- टीम के लिए अधिक से अधिक मैच जीतने की इच्छा।
इंदौर, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने भारतीय क्रिकेट टीम में अपने भविष्य के लक्ष्यों के बारे में खुलकर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि वह आईसीसी के प्रमुख टूर्नामेंटों, जैसे कि विश्व कप, में भारतीय टीम का हिस्सा बनें और टीम को खिताब दिलाने में मदद करें।
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ चल रही तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के पहले दो मुकाबलों में उन्हें खेलने का अवसर मिला। तीसरे और अंतिम मैच में उन्हें आराम दिया गया और उनकी जगह अर्शदीप सिंह को टीम में शामिल किया गया।
वडोदरा में खेले गए पहले मैच में उन्होंने दो विकेट लिए और 60 रन दिए। भारत ने यह मैच जीत लिया। वहीं, राजकोट में हुए दूसरे मैच में उन्होंने एक विकेट लिया, लेकिन 49 रन खर्च किए, और भारत यह मैच सात विकेट से हार गया।
अपने करियर के बारे में बात करते हुए उन्होंने तीसरे वनडे मैच की शुरुआत से पहले कहा कि शुरुआत में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन चोटों के कारण उनका करियर कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि जब मैं आया तो मैंने काफी अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन इसके बाद चोट के कारण मुझे समय लगा। जब मैंने वापसी की, तब तक खेल के नियम काफी बदल चुके थे। पावरप्ले के नियम, दूसरी नई गेंद और अन्य बदलाव आए थे। मेरा सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन मैं खुद को बेहतर खिलाड़ी के रूप में देख पा रहा हूं।"
अपने अल्पकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह अपने खेल में निरंतरता बनाए रखना चाहते हैं ताकि हर मैच में अच्छा प्रदर्शन कर सकें।
उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूं कि मैं टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच जीतूं और हर विरोधी टीम को कड़ी चुनौती दूं। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह आईसीसी टूर्नामेंट में जाकर ट्रॉफी जीते।"
आमतौर पर नई गेंद से गेंदबाजी करने वाले प्रसिद्ध कृष्णा को अब सफेद गेंद क्रिकेट में बीच के ओवरों में गेंदबाजी करने की जिम्मेदारी दी जा रही है। इस पर उन्होंने कहा कि जब भी मैं गेंदबाजी करने आता हूं, तो पावरप्ले खत्म होने वाला होता है। गेंदबाजी के लिए चुनौती बढ़ जाती है। ऐसे समय में आवश्यक है कि गेंदबाज अपनी लाइन-लेंथ पर नियंत्रण रखें, एक जैसे अंदाज में गेंदबाजी न करें और विभिन्न प्रकार की गेंदों का उपयोग करें।