क्या 'संडे ऑन साइकिल' का 57वां एडिशन डॉ. मांडविया ने गोंडल से फिट इंडिया विजन को आगे बढ़ाया?
सारांश
Key Takeaways
- साइकिलिंग से स्वास्थ्य में सुधार होता है।
- समुदाय की भावना को बढ़ावा मिलता है।
- फिट इंडिया आंदोलन का हिस्सा बनें।
- शारीरिक गतिविधि जीवन में संतुलन लाती है।
- कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद मिलती है।
नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का 57वां एडिशन रविवार को पूरे देश में उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस राष्ट्रीय आंदोलन ने एक बार फिर साबित किया कि किस प्रकार शारीरिक गतिविधि लोगों को न केवल स्वस्थ बनाती है, बल्कि समुदायों को भी जोड़ती है।
केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुजरात के राजकोट के निकट गोंडल से इस पहल की अगुवाई की। केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने हैदराबाद में इसकी जिम्मेदारी संभाली।
डॉ. मनसुख मांडविया ने उपस्थित लोगों को साइकिलिंग की यूनिवर्सल अपील और इसके पर्यावरणीय लाभों पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि साइकिलिंग सभी आयु वर्गों के लिए एक आदर्श व्यायाम है, जो न केवल स्वास्थ्य में सुधार लाता है, बल्कि कार्बन फुटप्रिंट को भी कम करता है। जब लोग एक साथ साइकिल चलाते हैं, तो समुदाय की भावना प्रगाढ़ होती है, जो एक स्वस्थ समाज के लिए आवश्यक है।
राष्ट्रीय दृष्टिकोण पर बात करते हुए, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी देश की मजबूती उसके नागरिकों की शारीरिक और मानसिक सेहत पर निर्भर करती है। यदि भारत को विकसित राष्ट्र बनना है, तो हर नागरिक का फिट और मानसिक रूप से मजबूत होना आवश्यक है, ताकि वे देश के विकास में सक्रिय योगदान कर सकें।
सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा करते हुए, डॉ. मनसुख मांडविया ने लिखा, "इंडिया को फिट बनाने के लिए, हमें संडे ऑन साइकिल में हिस्सा लेना होगा।"
गोंडल में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 250 साइकिलिस्ट जोश और ऊर्जा के साथ शामिल हुए। यह भागीदारी दर्शाती है कि छोटे शहरों और कस्बों में भी फिटनेस को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।
48 वर्षीय बिजनेसमैन हितेन पटेल ने बताया कि पिछले तीन महीनों से नियमित ग्रुप साइकिलिंग उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गई है। यह हमें व्यस्त शेड्यूल के बीच ऊर्जावान रखती है।
हैदराबाद में गाचीबोवली स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में खेल जगत की कई नामचीन हस्तियां शामिल हुईं। बैडमिंटन के दिग्गज और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता पुलेला गोपीचंद, अर्जुन पुरस्कार विजेता निशानेबाज ईशा सिंह और पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता दीप्ति जीवनजी ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को प्रेरणादायक बनाया। फिटनेस को बढ़ावा देने में योगदान के लिए कई एथलीटों, फिट इंडिया एंबेसडरों और साइकिलिंग लीडर्स को सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर जी. किशन रेड्डी ने आधुनिक जीवनशैली में शारीरिक गतिविधि को फिर से शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मोटापा, लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां और मानसिक तनाव बढ़ने का मुख्य कारण शारीरिक गतिविधि की कमी है। प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए, उन्होंने बताया कि स्वस्थ भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब लोग अपने दैनिक जीवन में नियमित मूवमेंट और संतुलित आहार को अपनाएंगे।
पुलेला गोपीचंद ने इस पहल की निरंतरता और व्यापकता की सराहना करते हुए कहा कि 57 हफ्तों तक लाखों स्थानों पर इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन यह दर्शाता है कि खेल और फिटनेस कैसे व्यक्तिगत और राष्ट्रीय विकास को आगे बढ़ा सकते हैं। हैदराबाद इवेंट में ज़ुम्बा, योग, रोप स्किपिंग, कुडो मार्शल आर्ट्स और मल्लखंब जैसे डेमोंस्ट्रेशन ने इसे एक जीवंत फिटनेस कार्निवल का रूप दे दिया।
दिसंबर 2024 में शुरू हुआ फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल कार्यक्रम बहुत कम समय में एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। अब तक यह पहल देशभर में दो लाख से अधिक स्थानों पर लोगों को जोड़ चुकी है और इसमें 22 लाख से ज्यादा प्रतिभागी हिस्सा ले चुके हैं।
29 अगस्त 2019 को शुरू हुआ फिट इंडिया मूवमेंट लोगों की जिंदगी में स्थायी व्यवहार परिवर्तन लाने का प्रयास है। प्रधानमंत्री के "फिटनेस की डोज, आधा घंटा रोज" के संदेश के अनुरूप, संडे ऑन साइकिल पहल न केवल स्वास्थ्य को बढ़ावा दे रही है, बल्कि इको-फ्रेंडली और कम-कार्बन जीवनशैली को भी प्रोत्साहित कर रही है।