क्या झारखंड में नगर निकाय चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे?

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क्या झारखंड में नगर निकाय चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे?

सारांश

झारखंड में नगर निकाय चुनावों की तैयारी में भाजपा ने ईवीएम से चुनाव कराने की मांग उठाई है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने दलीय आधार पर चुनाव की आवश्यकता पर जोर दिया है, जिससे कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ेगी। क्या भाजपा अपने लक्ष्यों को हासिल कर पाएगी? जानिए इस महत्वपूर्ण बैठक के फैसलों के बारे में।

Key Takeaways

  • ईवीएम से चुनाव कराने की मांग
  • दलीय आधार पर चुनाव की आवश्यकता
  • राज्य सरकार पर चुनाव टालने का आरोप
  • भाजपा का चुनावी तैयारी का जोर
  • जनता की भागीदारी बढ़ाने के उपाय

रांची, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड में नगर निकायों के चुनाव दलीय आधार पर ईवीएम के माध्यम से कराने की मांग की है। भाजपा की प्रदेश इकाई की इस मुद्दे पर हुई महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रविवार को कहा कि दलीय आधार पर चुनाव होने से राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी जमीनी स्तर तक बढ़ती है और निर्वाचित प्रतिनिधि संगठित रूप से जनता की सेवा कर पाते हैं।

पार्टी की बैठक में राज्य के 48 नगर निकायों में होने वाले चुनावों को लेकर संगठनात्मक रणनीति, कार्यकर्ता समन्वय और चुनावी तैयारी पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और चंपई सोरेन सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए।

आदित्य साहू ने बैठक को संबोधित करते हुए राज्य सरकार से नगर निकाय चुनाव की तिथि अविलंब घोषित करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन की सरकार अपनी संभावित हार के डर से चुनाव को लगातार टाल रही है और दलीय आधार पर चुनाव कराने से बच रही है।

साहू ने दावा किया कि भाजपा सभी 48 नगर निकायों में मजबूती से चुनाव लड़ेगी और कार्यकर्ताओं की जीत सुनिश्चित करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में महाराष्ट्र जैसा परिणाम दोहराया जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि चुनाव पारदर्शी ढंग से नहीं कराए गए तो प्रशासन के माध्यम से मतदान और मतगणना को प्रभावित करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ईवीएम से चुनाव कराए जाने से धांधली और भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा और जनता का भरोसा मजबूत होगा।

बैठक में शामिल नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि नगर निकाय चुनाव आम नागरिकों से सीधे जुड़े होते हैं और शहरी विकास, बुनियादी सुविधाएं, स्वच्छता, जलापूर्ति, सड़क और रोजगार जैसे मुद्दों पर भाजपा जनता के बीच जाएगी। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका देने और जनसंपर्क अभियानों को तेज करने पर भी जोर दिया गया।

इस बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय, प्रदेश महामंत्री एवं सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा, मनोज कुमार सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश, विधायक राज सिन्हा, शशिभूषण मेहता, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, पूर्व विधायक अनंत ओझा, बिरंची नारायण, रणधीर सिंह, प्रदेश मंत्री गणेश मिश्र, कार्यालय मंत्री हेमंत दास सहित बड़ी संख्या में पार्टी नेता मौजूद रहे।

Point of View

NationPress
18/01/2026

Frequently Asked Questions

भाजपा ने नगर निकाय चुनावों में ईवीएम का उपयोग क्यों करने की मांग की?
भाजपा का मानना है कि ईवीएम के माध्यम से चुनाव कराने से पारदर्शिता बढ़ती है और धांधली की संभावना कम होती है।
कौन-कौन से नेता बैठक में शामिल हुए?
बैठक में आदित्य साहू, बाबूलाल मरांडी, अन्नपूर्णा देवी, मधु कोड़ा और कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
भाजपा का चुनावी रणनीति क्या है?
भाजपा ने सभी 48 नगर निकायों में मजबूती से चुनाव लड़ने और कार्यकर्ताओं की जीत सुनिश्चित करने का दावा किया है।
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