क्या दिल्ली पुलिस ने ऑटो लिफ्टिंग गैंग के 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस ने ऑटो लिफ्टिंग गैंग का भंडाफोड़ किया।
- तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
- 16 लग्जरी गाड़ियां बरामद की गईं।
- पूछताछ जारी है और अन्य सदस्यों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
- गाड़ियों को बाजार में कम कीमत पर बेचा जाता था।
नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल ने एक बड़े ऑटो लिफ्टिंग गैंग का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही 16 लग्जरी गाड़ियां भी बरामद की गई हैं। फिलहाल पूछताछ जारी है। पुलिस का मानना है कि इस गैंग के और भी सदस्य हो सकते हैं। साथ ही कुछ गाड़ियां अभी बरामद की जा सकती हैं।
गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान अमनदीप, दमनदीप और अरविंद शर्मा के रूप में हुई है, जो वाहनों को चुराकर उसके फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर बाजार में कम कीमत में बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। आरोपियों के पास से बरामद 16 लग्जरी गाड़ियों में सबसे ज्यादा किया और फॉर्च्यूनर शामिल हैं।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि इंटरस्टेट सेल ने इस गैंग का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां दिल्ली, पंजाब, और हिमाचल से की गई हैं। अब तक जो 16 गाड़ियां मिली हैं उनमें आठ फॉर्च्यूनर, पांच किया, एक थार, एक क्रेटा और एक वैन्यू शामिल है। ये सभी गाड़ियां दिल्ली से चुराई गई थीं।
डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि तीन आरोपियों में से हर किसी का अलग काम था। अमनदीप का काम गाड़ियों को पंजाब तक पहुंचाना और वहां उन्हें सप्लाई करवाना था। दमनदीप का काम सबसे ज्यादा तकनीकी था। वह चोरी की गाड़ियों के लिए नकली दस्तावेज बनाता था, नंबर ट्रांसफर करवाता था और उनके आधार पर गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कराता था। इसमें उसकी मदद अरविंद शर्मा करता था। इन गाड़ियों को बाद में बाजार में उनकी असली कीमत से लगभग 60-65 प्रतिशत सस्ते दामों में बेचा जाता था।
डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि क्राइम ब्रांच की इंटरस्टेट सेल ने लंबे समय की जांच और ट्रैकिंग के बाद इस गैंग को पकड़ने में सफलता पाई है। अभी ऑपरेशन जारी है और पुलिस गाड़ियों की पहचान करने और बाकी आरोपियों तक पहुंचने में लगी हुई है।