फिल्म 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर तेरी सरके' पर एनसीडब्ल्यू को गंभीर शिकायत मिली

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फिल्म 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर तेरी सरके' पर एनसीडब्ल्यू को गंभीर शिकायत मिली

सारांश

फिल्म 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर तेरी सरके' को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग में एक तीखी शिकायत दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक और अश्लील बताया है। जानें इस पर एनसीडब्ल्यू की क्या कार्रवाई होगी।

मुख्य बातें

गाना महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है।
एनसीडब्ल्यू को शिकायत प्राप्त हुई है।
शिकायतकर्ता ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सामाजिक नैतिकता पर सवाल खड़े हुए हैं।
युवा पीढ़ी पर नकारात्मक प्रभाव है।

नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में प्रदर्शित फिल्म 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर तेरी सरके' के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) को एक गंभीर शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायतकर्ता ने इस गाने को अश्लील, आपत्तिजनक और महिलाओं की गरिमा के प्रति एक घोर अपमान के रूप में प्रस्तुत किया है।

फिल्म में नोरा फतेही और संजय दत्त मुख्य भूमिकाओं में हैं, और यह गाना हिंदी एवं मूल कन्नड़ संस्करण में मौजूद है।

शिकायत में कहा गया है कि गाने के बोल शिष्टता की सभी सीमाओं को लांघते हैं और महिलाओं को केवल एक वस्तु के रूप में पेश करते हैं। इस तरह की सामग्री मनोरंजन के नाम पर समाज में महिलाओं के प्रति एक अपमानजनक सोच को बढ़ावा दे रही है।

शिकायतकर्ता ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि ऐसे गाने युवा पीढ़ी पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डालते हैं, जिससे महिलाओं के प्रति वस्तुकरण की मानसिकता सामान्य हो रही है। यह हमारे सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के पतन का स्पष्ट संकेत है। शिकायतकर्ता ने एनसीडब्ल्यू से त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में जोर देकर कहा गया है कि यह केवल एक गाने का मुद्दा नहीं है, बल्कि महिलाओं की गरिमा, समाज के नैतिक वातावरण और युवा पीढ़ी की सुरक्षा का मामला है। ऐसे कंटेंट को किसी भी रूप में सहन नहीं किया जाना चाहिए।

शिकायतकर्ता ने उम्मीद जताई है कि एनसीडब्ल्यू इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करेगा और एक मजबूत मिसाल कायम करेगा, ताकि भविष्य में फिल्म उद्योग में महिलाओं के सम्मान के प्रति अधिक संवेदनशीलता बरती जाए।

यह शिकायत ऐसे समय में आई है जब पहले ही फिल्म 'केडी: द डेविल' के एक अन्य गाने पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संज्ञान लिया था। दोनों मामलों में अश्लीलता और बच्चों-युवाओं पर प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है। एनसीडब्ल्यू से अपेक्षा की गई है कि वह इस शिकायत पर जल्दी जांच शुरू कर कार्रवाई रिपोर्ट तैयार करे और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि समाज में महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता है। शिकायत ने एक महत्वपूर्ण मुद्दे को उजागर किया है, जो न केवल एक गाने से संबंधित है, बल्कि हमारे सांस्कृतिक मूल्यों और नैतिकता से भी जुड़ा है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीडब्ल्यू क्या है?
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) भारत सरकार का एक स्वतंत्र निकाय है, जो महिलाओं के अधिकारों और गरिमा की रक्षा के लिए कार्य करता है।
क्या शिकायतकर्ता का नाम सार्वजनिक किया गया है?
नहीं, शिकायतकर्ता का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
क्या गाने में कुछ आपत्तिजनक है?
शिकायतकर्ता ने गाने के बोलों को अश्लील और अपमानजनक बताया है, जो महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं।
एनसीडब्ल्यू इस मामले में क्या कार्रवाई करेगा?
एनसीडब्ल्यू ने शिकायत पर त्वरित जांच का आश्वासन दिया है और कार्रवाई रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में है।
क्या ऐसे गाने सामाजिक प्रभाव डालते हैं?
हां, ऐसे गाने युवा पीढ़ी पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं और महिलाओं के प्रति वस्तुकरण की मानसिकता को बढ़ावा दे सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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