एआईसीडब्ल्यूए ने 'सरके चुनर' गाने पर रोक लगाने की मांग की, सरकार से सख्त नियमों की अपील
सारांश
Key Takeaways
- गाने का विवाद: 'सरके चुनर तेरी सरके' को लेकर एआईसीडब्ल्यूए की सख्त आपत्ति।
- सरकार से मांग: अश्लील कंटेंट पर रोक लगाने के लिए सख्त नियम बनाएं।
- जांच की आवश्यकता: क्या यह विवाद जानबूझकर प्रचार के लिए है?
- युवाओं पर प्रभाव: समय पर कदम नहीं उठाने से बुरा असर पड़ सकता है।
- कानूनी कार्रवाई: एफआईआर दर्ज करने की मांग।
मुंबई, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। फिल्म 'केडी: द डेविल' का गाना 'सरके चुनर तेरी सरके' विवादों में घिरा हुआ है। इस मुद्दे पर फिल्म इंडस्ट्री के एक प्रमुख संगठन ने सक्रियता से विरोध करना शुरू कर दिया है। ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) ने इस गाने पर तत्काल बैन लगाने की मांग की है।
एआईसीडब्ल्यूए ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को एक औपचारिक पत्र भेजा है, जिसमें गाने 'सरके चुनर तेरी सरके' के खिलाफ अपनी कड़ी आपत्ति व्यक्त की गई है। संगठन का कहना है कि इस गाने में अश्लील और डबल मीनिंग सामग्री का उपयोग किया गया है, जो भारतीय सिनेमा की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है। इस प्रकार की सामग्री को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
एआईसीडब्ल्यूए ने सरकार से भी हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव से यह मांग की है कि फिल्मों और गानों में बढ़ते अश्लील कंटेंट पर रोक लगाने के लिए सख्त नियम बनाए जाएं। उनका मानना है कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो इसका समाज, खासकर युवाओं, पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
संगठन ने अपनी मांगों में कहा है कि इस गाने को सभी प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाया जाए और इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से फिर से इस फिल्म की जांच करने का अनुरोध किया है। इसके अलावा, प्रोड्यूसर और गाने से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की गई है।
एआईसीडब्ल्यूए ने यह भी संदेह व्यक्त किया है कि क्या इस विवाद को जानबूझकर प्रचार के लिए उत्पन्न किया गया है, इसलिए इसकी भी जांच होनी चाहिए।
यह विवाद गाने के रिलीज होते ही शुरू हुआ था। इस गाने को नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गया है। गाने के बोल रकीब आलम ने लिखे हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर उपयोगकर्ताओं ने अश्लील बताया। विवाद तब और बढ़ गया जब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी इस मामले में नोटिस जारी किया। इसके अलावा, वकील विनीत जिंदल ने भी गाने के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और इसे बैन करने की मांग की।