सरके चुनरिया गाने पर बैन: अश्विनी वैष्णव का बयान, अभिव्यक्ति की आजादी की सीमाएं

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सरके चुनरिया गाने पर बैन: अश्विनी वैष्णव का बयान, अभिव्यक्ति की आजादी की सीमाएं

सारांश

कन्नड़ फिल्म 'केडी: द डेविल' के विवादित गाने 'सरके चुनरिया' पर बैन लग गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में इस पर चर्चा करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी की कुछ सीमाएं होनी चाहिए।

Key Takeaways

  • सरके चुनरिया गाना विवादास्पद है।
  • अश्विनी वैष्णव ने अभिव्यक्ति की आजादी पर बात की।
  • गाने को कई संगठनों ने बैन करने की मांग की।
  • यूट्यूब से गाना हटा दिया गया है।
  • कंगना रनौत ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की।

मुंबई, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कन्नड़ फिल्म 'केडी: द डेविल' के विवादास्पद गाने 'सरके चुनरिया' को लेकर चल रहा विवाद अब संसद तक पहुंच गया है। लोकसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस गाने पर बैन लगाया जा चुका है।

अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि गाने पर बैन लगा दिया गया है। हमें अभिव्यक्ति की आजादी (फ्रीडम ऑफ स्पीच) के अंतर्गत उचित पाबंदियों का पालन करना चाहिए, परंतु यह पूरी तरह से असीमित नहीं हो सकती। यह समाज और संस्कृति के मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा, ''डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के युग में सामग्री बहुत तेजी से फैलती है, इसलिए सरकार की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। विशेष रूप से बच्चों और समाज के वंचित वर्गों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे। सरकार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।''

दरअसल, 'सरके चुनरिया' गाना फिल्म 'केडी: द डेविल' का हिस्सा है, जिसमें नोरा फतेही और संजय दत्त नजर आए थे। गाने के रिलीज होते ही इसके बोल और डांस स्टेप्स को लेकर सोशल मीडिया पर भारी विरोध शुरू हो गया। कई लोगों ने इसे अश्लील और डबल मीनिंग बताते हुए आपत्ति जताई।

विवाद बढ़ने पर कई संगठनों ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) ने इस गाने को तुरंत बैन करने की मांग की और इसे भारतीय सिनेमा की छवि के खिलाफ बताया। उन्होंने सरकार से सख्त नियम बनाने की भी अपील की।

विवाद के बीच गाने को यूट्यूब समेत अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटा दिया गया। इस दौरान बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि बॉलीवुड में अश्लीलता की हदें पार हो चुकी हैं, जिस पर सख्ती जरूरी है।

वहीं विवाद बढ़ने पर गाने के गीतकार रकीब आलम ने सफाई दी और कहा कि उन्होंने इस गाने को मूल रूप से नहीं लिखा था, बल्कि यह कन्नड़ में पहले से लिखा गया था और उन्होंने सिर्फ उसका हिंदी अनुवाद किया था।

Point of View

बल्कि यह समाज में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सांस्कृतिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को भी उजागर करता है। सरकार की प्रतिक्रिया और कदम उठाने की आवश्यकता इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

सरके चुनरिया गाने पर बैन क्यों लगाया गया?
गाने के बोल और डांस स्टेप्स को लेकर सोशल मीडिया पर भारी विरोध हुआ, जिसके बाद इसे बैन करने का निर्णय लिया गया।
अश्विनी वैष्णव ने इस मुद्दे पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी सीमित होनी चाहिए और समाज और संस्कृति के मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए।
कौन-कौन से संगठनों ने इस गाने के खिलाफ आवाज उठाई?
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) जैसे संगठनों ने इस गाने को बैन करने की मांग की।
कंगना रनौत ने इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में अश्लीलता की हदें पार हो चुकी हैं और सख्ती जरूरी है।
गीतकार रकीब आलम ने क्या सफाई दी?
उन्होंने कहा कि उन्होंने गाना मूल रूप से नहीं लिखा था, बल्कि यह कन्नड़ में पहले से लिखा गया था और उन्होंने केवल अनुवाद किया था।
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