राष्ट्रीय महिला आयोग ने 'सरके चुनर तेरी' के विवाद में निर्माताओं को कड़ी चेतावनी दी

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राष्ट्रीय महिला आयोग ने 'सरके चुनर तेरी' के विवाद में निर्माताओं को कड़ी चेतावनी दी

सारांश

संजय दत्त और नोरा फतेही के गाने 'सरके चुनर तेरी' के विवाद ने नया मोड़ लिया है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए निर्माताओं को फटकार लगाई है। क्या यह गाना महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाता है?

Key Takeaways

  • राष्ट्रीय महिला आयोग ने निर्माताओं को फटकार लगाई।
  • संजय दत्त और नोरा फतेही को समन भेजा गया।
  • निर्माताओं ने गलती स्वीकार की और सुधार का आश्वासन दिया।
  • गाना महिलाओं की गरिमा के खिलाफ माना गया।
  • सोशल मीडिया से गाना हटा दिया गया।

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। संजय दत्त और नोरा फतेही का गाना 'सरके चुनर तेरी' विवादों के घेरे में है। अब राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस गाने से जुड़े व्यक्तियों को कड़ी चेतावनी दी है।

आयोग का कहना है कि इस प्रकार के गाने महिलाओं की गरिमा के खिलाफ हैं। ऐसे अश्लील गानों को रिलीज करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।

सोमवार को आयोग के समक्ष गीतकार रकीब आलम, निर्देशक प्रेम, और प्रोडक्शन हाउस के प्रतिनिधि गौतम केएम पेश हुए। संजय दत्त और नोरा फतेही को समन भेजा गया था, लेकिन वे व्यक्तिगत कारणों से हाजिर नहीं हो सके।

सुनवाई की अध्यक्षता आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने की। उन्होंने निर्माताओं को फटकारते हुए कहा, "यह महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है और रचनात्मकता के नाम पर इस तरह की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचाई जा सकती।"

फिल्म और गाने से जुड़े निर्माताओं ने अपनी गलती स्वीकार की और आगे से ऐसा न करने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कन्नड़ में होने के कारण उन्हें गीत का सही अर्थ समझ में नहीं आया। सभी उपस्थित लोगों ने आयोग के समक्ष लिखित माफी मांगी और स्वीकार किया कि इस गीत का समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। आगे उन्होंने कहा कि वे अगले तीन महीनों में महिला सशक्तीकरण के लिए काम करेंगे और इसकी रिपोर्ट आयोग को सौंपेंगे।

अभिनेत्री नोरा फतेही और अभिनेता संजय दत्त आयोग के सामने उपस्थित नहीं हो सके। नोरा के अधिवक्ता ने उनकी ओर से अपनी बात रखी, लेकिन आयोग ने उनकी बात सुनने से इंकार कर दिया। आयोग का कहना है कि नोरा को व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा। संजय दत्त इस समय शूटिंग के कारण देश से बाहर हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग ने नोरा को 27 अप्रैल को पेश होने का अंतिम अवसर दिया है, जबकि संजय दत्त को 8 अप्रैल को उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।

गौरतलब है कि विवादित गाने 'सरके चुनर तेरी' को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। नोरा फतेही ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से माफी मांगी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब उनका इस फिल्म या गाने से कोई संबंध नहीं है और वे प्रमोशन का हिस्सा भी नहीं बनेंगी।

Point of View

बल्कि समाज में महिलाओं की गरिमा और उनके प्रति सम्मान का है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस विवाद के माध्यम से हमें यह याद दिलाया है कि रचनात्मकता के नाम पर महिलाओं का अपमान नहीं किया जा सकता। यह एक महत्वपूर्ण संदेश है जो हमें विचार करने पर मजबूर करता है।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

राष्ट्रीय महिला आयोग ने क्यों संजय दत्त और नोरा फतेही को समन भेजा?
आयोग ने गाने 'सरके चुनर तेरी' को महिलाओं की गरिमा के खिलाफ मानते हुए संजय दत्त और नोरा फतेही को समन भेजा।
क्या निर्माताओं ने अपनी गलती स्वीकार की?
हाँ, निर्माताओं ने अपनी गलती स्वीकार की और आगे से ऐसा न करने का आश्वासन दिया।
आयोग ने नोरा और संजय को कब पेश होने का निर्देश दिया?
नोरा को 27 अप्रैल और संजय दत्त को 8 अप्रैल को पेश होने का निर्देश दिया गया है।
गाने को सोशल मीडिया से क्यों हटाया गया?
गाने 'सरके चुनर तेरी' को महिलाओं की गरिमा के खिलाफ मानते हुए सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है।
क्या नोरा फतेही ने माफी मांगी है?
हाँ, नोरा फतेही ने सोशल मीडिया के माध्यम से माफी मांगी है और साफ किया कि उनका अब इस फिल्म या गाने से कोई संबंध नहीं है।
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