मुख्तार अब्बास नकवी बोले — मोदी ने 2014 से भारत को सुशासन का वैश्विक ब्रांड बनाया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 से लेकर अब तक भारत को सुशासन और स्थायित्व के एक विश्वसनीय वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित किया है। उनके अनुसार, यह पहचान किसी संयोग का नतीजा नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री के अथक परिश्रम और सुसंगत नीतिगत दृष्टि का प्रतिफल है।
मोदी की वैश्विक साख पर नकवी का बयान
नकवी ने कहा, 'पूरी दुनिया में भारत की साख अगर बढ़ी है, तो इसका श्रेय निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि 2024 से पहले कुछ राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रयासों के बावजूद मोदी ने वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को और मज़बूत किया। उनके मुताबिक, आज अमेरिका से लेकर अरब देशों तक भारत पर विश्वास बढ़ा है, जिसे सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी इसी सुर में कहा कि 35 से अधिक देश प्रधानमंत्री मोदी को सम्मानित कर चुके हैं, जो 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है।
तमिलनाडु के मुस्लिम आरक्षण मामले पर तीखी प्रतिक्रिया
तमिलनाडु सरकार के मुस्लिम आरक्षण मुद्दे को सर्वोच्च न्यायालय में ले जाने पर नकवी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की स्पष्ट मनाही है, और ऐसे प्रयास पहले भी न्यायालय में विफल हो चुके हैं। उनके अनुसार, इस तरह के कदम मुस्लिम समुदाय के वास्तविक हित में नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ के लिए उठाए जाते हैं।
ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल की राजनीति पर निशाना
नकवी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि राजनीति में हार-जीत होती रहती है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि राजनीतिक मर्यादाएं तोड़ी जाएं। पश्चिम बंगाल में मौजूदा स्थिति को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया और TMC नेताओं को आत्मचिंतन की सलाह दी। उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर क्यों TMC के नेता पार्टी छोड़ रहे हैं।
मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) पर विपक्ष को घेरा
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर नकवी ने कहा कि जो राजनेता पहले इस प्रक्रिया का विरोध करते थे, वही अब इसे समर्थन दे रहे हैं। उनके अनुसार, यह विरोधाभास दर्शाता है कि ये नेता स्वयं SIR को लेकर भ्रमित हैं और उनके पास सही जानकारी का अभाव है। SIR का उद्देश्य वैध मतदाताओं की सुरक्षा और अवैध मतदाताओं की पहचान करना है।
सिंधु जल संधि पर कड़ा रुख
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सिंधु जल संधि पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नकवी ने कहा कि जो लोग भारतीय नागरिकों और सैनिकों का खून बहाते हैं, उन्हें पानी देने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले में उचित जवाब दे रही है और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।