यशस्वी जायसवाल: आईपीएल के सितारे, फिर भी टी20 टीम में नजरअंदाज क्यों?
सारांश
Key Takeaways
- यशस्वी जायसवाल का आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन
- टी20 टीम में लगातार नजरअंदाज किया जाना
- चयनकर्ताओं की नीति पर सवाल
- बाएं हाथ के बल्लेबाज की विशेषताएँ
- फ्यूचर में संभावनाएँ
नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पिछले चार सीज़न में अपनी अद्भुत प्रतिभा दिखाने वाले यशस्वी जायसवाल पिछले 20 महीनों से भारत के लिए टी20 प्रारूप में नहीं खेले हैं। इस साल 7 फरवरी से 8 मार्च के बीच आयोजित हुए टी20 वर्ल्ड कप में भी इस 24 वर्षीय खिलाड़ी को नज़रअंदाज़ किया गया, जबकि उनके आंकड़े इस फॉर्मेट में उनकी बेहतरीन फॉर्म को दर्शाते हैं।
बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने अंडर-19 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद भारत की सीनियर टीम में अपनी जगह बनाई थी। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के लिए आईपीएल 2020/21 में 3 मैच खेले और फिर आईपीएल 2021 में 10 मैचों में 24.90 की औसत से 249 रन बनाए। आईपीएल 2022 में भी उन्होंने 10 मैचों में 25.80 की औसत से 258 रन बनाए।
आईपीएल 2023 उनके लिए विशेष रहा, जहां उन्होंने 14 मैचों में 48.07 की औसत से 625 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 1 शतक और 5 अर्धशतक निकले। इस अद्भुत प्रदर्शन का फल उन्हें मिला, जब जुलाई में उन्होंने टेस्ट फॉर्मेट में डेब्यू किया और अगस्त 2023 में टी20 टीम के लिए भी उनका चयन किया गया।
आईपीएल 2024 में, 31.07 की औसत से 435 रन बनाने वाले जायसवाल ने इस सीज़न में एक शतक भी बनाया। अगले साल में भी उन्होंने 14 मुकाबलों में 6 अर्धशतकों के साथ 559 रन बनाए। आईपीएल 2026 में, चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 38 रन की नाबाद पारी खेली और अगले मैच में गुजरात टाइटंस के खिलाफ 55 रन की पारी खेलकर राजस्थान रॉयल्स की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ओपनर के रूप में जायसवाल का प्रदर्शन भी शानदार रहा, जहां उन्होंने पिछले 9 पारियों में 567 रन बनाए।
जायसवाल के टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर की बात करें तो उन्होंने 2023 में 15 मैचों में 33.07 की औसत से 430 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 3 अर्धशतक शामिल हैं। अगले साल उन्हें 8 टी20 मैचों में मौका मिला, जिसमें 41.85 की औसत से 293 रन बनाए। उनकी पिछली 5 टी20 पारियों में उन्होंने 185 रन (93*, 12, 40, 30, और 10) बनाए।
जायसवाल 30 जुलाई 2024 को आखिरी बार भारत की टी20 टीम में दिखाई दिए, जिसके बाद से अजीत आगरकर की अध्यक्षता वाली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की चयन समिति ने उन्हें इस फॉर्मेट के लिए नहीं चुना। 14 दिसंबर 2025 को, जायसवाल ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में हरियाणा के खिलाफ 101 रन की पारी खेलकर मुंबई की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एक ओर जहां जायसवाल टी20 फॉर्मेट में लगातार अपनी क्षमता साबित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चयनकर्ताओं ने उन्हें इस फॉर्मेट के लिए नजरअंदाज कर रखा है। उनके पास शानदार स्ट्राइक रेट, पावर-हिटिंग, और परिस्थितियों के अनुसार खेलने की क्षमता है। हालांकि, उन्हें टेस्ट और वनडे टीम में स्थान दिया जा रहा है। यह सवाल उठता है कि क्या जायसवाल वर्तमान में केवल वनडे और टेस्ट फॉर्मेट के लिए योजनाओं का हिस्सा हैं? क्या वह टी20 फॉर्मेट में टीम कॉम्बिनेशन और ओपनिंग स्लॉट में फिट नहीं बैठ पा रहे हैं?