ब्रजेश पाठक का अखिलेश यादव पर तीखा जवाब: 'विदेश में पढ़ने वाले को भारतीय भाषा से क्या लेना-देना'
सारांश
Key Takeaways
- अखिलेश यादव और ब्रजेश पाठक के बीच भाषा को लेकर तीखी बहस हुई।
- जवाब में ब्रजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश को भारतीय भाषाओं से दिक्कत है।
- प्रधानमंत्री मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का आश्वासन दिया।
- पश्चिम बंगाल में भाजपा के चुनावी जीत का दावा।
लखनऊ, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के बीच भाषा पर तीखी बहस देखने को मिली है। सपा प्रमुख ने अवधी भाषा बोलने पर कटाक्ष किया, जबकि उपमुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि अखिलेश यादव को भारतीय संस्कृति और स्थानीय भाषाओं से समस्या है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के नेता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "अखिलेश यादव को भारतीय संस्कृति, अवध, भोजपुरी और अन्य स्थानीय भाषाओं से परेशानी है। वे तो विदेश में पढ़े हैं, उन्हें भारतीय भाषाओं और उत्तर प्रदेश की भाषाओं से क्या लेना-देना।"
यह विवाद तब शुरू हुआ जब अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर ब्रजेश पाठक का एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे पत्रकारों के सवालों का उत्तर अवधी भाषा में दे रहे थे। अखिलेश यादव ने कटाक्ष करते हुए कहा, "भाषा बोलो या बोली, छुपती नहीं चोरी।"
इससे पूर्व, ब्रजेश पाठक ने कहा, "सपा और कांग्रेस के लोग नहीं चाहते कि हमारी बहनें संसद में बैठें। वे हमेशा माताओं और बहनों के लिए खाई खोदने में लगे रहते हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहनों के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने एक विशेष सत्र बुलाकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन करने की प्रक्रिया को तुरंत लागू करने की व्यवस्था की है।"
उधर, शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के संकल्प पत्र पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में एकतरफा चुनाव जीतने जा रही है। तृणमूल कांग्रेस की असलियत अब सबके सामने आ गई है। गुंडागर्दी, अराजकता और कानून व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है। बंगाल की आंतरिक सुरक्षा भी खराब है। बंगाल की आम जनता टीएमसी से ऊबकर भाजपा के साथ आ चुकी है। भाजपा भारी बहुमत से बंगाल में सरकार बनाएगी।"