संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण पर चर्चाएं: प्रवीण खंडेलवाल का बयान
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण पर विस्तृत चर्चा होगी।
- महिलाओं की भूमिका हर क्षेत्र में बढ़ रही है।
- राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व आवश्यक है।
- भाजपा का महिला सशक्तीकरण पर जोर है।
- विपक्षी दलों की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने संसद के विशेष सत्र की जानकारी साझा की। उन्होंने सोमवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को बताया कि इस सत्र में महिला आरक्षण पर विस्तृत चर्चा होगी। इस दौरान महिला आरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को बारीकी से समझा जाएगा, और हमें पूरा विश्वास है कि इससे आम लोगों का मत काफी मजबूत होगा, जिससे हमें भविष्य में लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि जब भी महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर चर्चा होती है, तो विचार विमर्श का दायरा बढ़ता है। आज के समय में हर क्षेत्र में महिलाएं समान रूप से कार्यरत हैं। महिलाएं अपनी कुशलता के बल पर विभिन्न क्षेत्रों में पहचान बना रही हैं, जिसका हमें स्वागत करना चाहिए।
भाजपा सांसद ने यह भी कहा कि जब महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्टता से प्रदर्शन कर रही हैं, तो राजनीति के क्षेत्र में महिलाओं को पीछे रहना क्यों चाहिए? यह सवाल उठाना जरूरी है।
उन्होंने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि इस मुद्दे पर लोगों में एकता का माहौल बने, लेकिन विपक्षी दलों ने इस मामले में अलग रुख अपनाया है, तो हम क्या कर सकते हैं।
इसके अलावा, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हमें किसी भी नकारात्मकता पर ध्यान नहीं देना चाहिए। महिला सशक्तीकरण भाजपा की प्राथमिकता का हिस्सा रहा है, और इस पर लोगों में कोई भ्रम नहीं है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे को लेकर नया दृष्टिकोण स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसे लोग हताश हैं। देश की जनता उनकी असलियत से अवगत है।
प्रवीण खंडेलवाल ने कांग्रेस पर भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस खुद को संभाल नहीं पा रही है और यह पार्टी अपने आप को इतिहास में खोती जा रही है।