असम, केरल और पुडुचेरी में चुनावों के लिए मतदान, 296 सीटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सारांश
Key Takeaways
- गुरुवार को 296 सीटों पर मतदान होगा।
- असम में 2.5 करोड़ मतदाता हैं।
- मतगणना 4 मई को होगी।
- चुनाव आयोग ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
- युवाओं की भागीदारी बढ़ी है।
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों का प्रचार अब समाप्त हो चुका है। गुरुवार को इन तीनों क्षेत्रों की कुल 296 सीटों पर मतदान होना है। इस दिन उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी।
चुनाव आयोग की जानकारी के अनुसार, असम में 126, केरल में 140 और पुडुचेरी में 30 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। असम में लगभग 2.5 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.25 करोड़ पुरुष, 1.25 करोड़ महिलाएं और 343 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। विशेषकर 18-19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 5.75 लाख युवा पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। असम की 126 सीटों के लिए 722 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं और यहां बहुमत का आंकड़ा 64 है। राज्य की 15वीं विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त होगा।
दूसरी ओर, केरल में 140 सीटों के लिए 833 उम्मीदवार चुनावी क्षेत्र में हैं। यहां विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हो रहा है। सरकार बनाने के लिए 71 सीटों का बहुमत आवश्यक है। राज्य में कुल 2.71 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
पुडुचेरी में 30 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिनमें से 5 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। यहां सरकार बनाने के लिए 16 सीटों का बहुमत आवश्यक है। कुल 9.44 लाख मतदाताओं में लगभग 4.43 लाख पुरुष, 5 लाख महिलाएं और 139 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया था। असम में 1,388 नामांकन दाखिल हुए थे, जिनमें 817 उम्मीदवार थे। केरल में 2,117 नामांकन के साथ 1,252 उम्मीदवार और पुडुचेरी में 514 नामांकन के साथ 442 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। कुल मिलाकर 4,019 नामांकन दाखिल हुए, जिनमें 2,511 उम्मीदवार शामिल थे। लेकिन, स्क्रूटनी और नाम वापसी के बाद अंतिम उम्मीदवारों की संख्या घटकर लगभग 1,900 रह गई है।
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत 'साइलेंस पीरियड' लागू है। इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश में मतदान के बाद 4 मई को मतगणना होगी और उसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे। अब सभी की नजरें मतदान प्रतिशत और चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।
सभी पोलिंग बूथ पर पोलिंग कर्मी पहुंचने लगे हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो सके।