11 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पीएम मोदी का न्यूजीलैंड दौरा: 2030 तक व्यापार ₹35,000 करोड़ दोगुना करने का लक्ष्य, रणनीतिक साझेदारी का ऐलान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पीएम मोदी का न्यूजीलैंड दौरा: 2030 तक व्यापार ₹35,000 करोड़ दोगुना करने का लक्ष्य, रणनीतिक साझेदारी का ऐलान

सारांश

40 साल में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड पहुँचा — और यह महज एक शिष्टाचार यात्रा नहीं थी। मोदी और लक्सन ने 2030 तक व्यापार दोगुना करने, आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाने और हिंद-प्रशांत में साझा रणनीतिक दृष्टि अपनाने का खाका खींचा।

मुख्य बातें

पीएम मोदी का 10 जुलाई 2026 को न्यूजीलैंड दौरा — 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा।
दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना कर ₹35,000 करोड़ (7 बिलियन NZD) करने का लक्ष्य तय किया।
भारत-न्यूजीलैंड संबंध 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर पर उठाए गए; 'रोडमैप टू 2030' को समर्थन।
22 अप्रैल 2025 पहलगाम और 10 नवंबर 2025 लाल किले के निकट हुए आतंकी हमलों की संयुक्त निंदा; काउंटर-टेररिज्म JWG के लिए एमओए पर हस्ताक्षर।
न्यूजीलैंड ने UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए समर्थन दोहराया।
रक्षा, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और पर्यटन सहित कई क्षेत्रों में एमओयू और व्यवस्थाओं पर हस्ताक्षर।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जुलाई 2026 को न्यूजीलैंड के आधिकारिक दौरे पर पहुँचे — यह 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली न्यूजीलैंड यात्रा है। ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर आए मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों के संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उठाने का फैसला किया और 'भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी: रोडमैप टू 2030' को औपचारिक रूप से समर्थन दिया।

मुख्य घटनाक्रम

प्रधानमंत्री मोदी का गवर्नमेंट हाउस में औपचारिक स्वागत हुआ, जिसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री लक्सन के साथ विस्तृत द्विपक्षीय बातचीत की। इस दौरान उन्होंने न्यूजीलैंड के बिज़नेस लीडर्स और भारतीय समुदाय को संबोधित किया तथा देश के खेल इनोवेशन का प्रदर्शन देखा। गौरतलब है कि मार्च 2025 में प्रधानमंत्री लक्सन के भारत दौरे के दौरान मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत शुरू हुई थी और रक्षा, शिक्षा, कस्टम्स, उद्यान विज्ञान, वन तथा खेल जैसे क्षेत्रों में एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे — यह दौरा उसी कड़ी को आगे बढ़ाता है।

व्यापार और आर्थिक सहयोग

दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार — वस्तुओं और सेवाओं में मिलाकर — को दोगुना कर 7 बिलियन न्यूजीलैंड डॉलर यानी लगभग ₹35,000 करोड़ तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने एक संतुलित, व्यापक और पारस्परिक लाभकारी भारत-न्यूजीलैंड FTA को जल्द से जल्द लागू करने पर सहमति जताई। इसके अलावा पर्यटन क्षेत्र में एमओयू पर हस्ताक्षर हुए और दोनों देशों के बीच सीधी नॉन-स्टॉप उड़ानें शुरू करने को प्रोत्साहन देने पर भी सहमति बनी। बागवानी, वानिकी, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में बढ़ती साझेदारी का स्वागत किया गया।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग

दोनों पक्षों ने रक्षा मंत्रालयों और सैन्य स्तरों पर नियमित संस्थागत जुड़ाव बनाए रखने पर सहमति जताई। 2025 में कंबाइंड टास्क फोर्स 150 (CTF-150) के तहत आपसी सहयोग पर विशेष बल दिया गया। समुद्री सहयोग के तहत मैरीटाइम कोऑपरेशन अरेंजमेंट (MCA), हाइड्रोग्राफी और नॉटिकल कार्टोग्राफी पर एक क्रियान्वयन व्यवस्था, तथा एक म्यूचुअल लॉजिस्टिक्स सपोर्ट अरेंजमेंट को अंतिम रूप दिया गया। एक वार्षिक मैरीटाइम सिक्योरिटी डायलॉग शुरू करने पर भी सहमति बनी।

आतंकवाद के मोर्चे पर दोनों देशों ने सीमा पार आतंकवाद सहित इसके सभी रूपों की कड़ी निंदा दोहराई। विशेष रूप से 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले और 10 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के लाल किले के निकट हुई आतंकवादी घटना की कड़े शब्दों में निंदा की गई। काउंटर-टेररिज्म ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप (JWG) बनाने के लिए एमओए पर हस्ताक्षर हुए।

क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोग

दोनों प्रधानमंत्रियों ने एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने 1982 के समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCLOS) के अनुसार नेविगेशन और ओवरफ्लाइट की स्वतंत्रता की पुष्टि की। यूक्रेन में जारी युद्ध पर चिंता जताई और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। न्यूजीलैंड ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अपना समर्थन दोहराया।

शिक्षा, विज्ञान और आपदा प्रबंधन

दोनों देशों ने शिक्षा, शोध, विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन को रणनीतिक साझेदारी का अहम हिस्सा माना। भारत की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और न्यूजीलैंड की नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (NEMA) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस में न्यूजीलैंड के शामिल होने का स्वागत किया। दोनों पक्ष अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) और कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेसिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) के जरिए सहयोग गहरा करने पर सहमत हुए।

दोनों नेताओं ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 2030 रोडमैप में उल्लिखित पहलों को समयबद्ध तरीके से लागू करना सुनिश्चित करें — यह भारत-न्यूजीलैंड संबंधों के एक नए और अधिक संरचित अध्याय की शुरुआत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है। ₹35,000 करोड़ का व्यापार लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, पर भारत-न्यूजीलैंड FTA वार्ता अभी प्रारंभिक चरण में है और दोनों देशों के बीच कृषि बाज़ार पहुँच पर संवेदनशील मतभेद सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किए गए। पहलगाम और लाल किले के हमलों की संयुक्त निंदा कूटनीतिक एकजुटता का स्पष्ट संकेत है, लेकिन यह देखना होगा कि न्यूजीलैंड FATF और UNSC मंचों पर इसे ठोस कार्रवाई में कितना बदलता है। UNSC स्थायी सदस्यता के लिए न्यूजीलैंड का समर्थन नया नहीं है — महत्व इसमें है कि यह समर्थन बहुपक्षीय दबाव के क्षणों में कितना मुखर रहता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी का न्यूजीलैंड दौरा क्यों ऐतिहासिक है?
यह 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली न्यूजीलैंड यात्रा है। इस दौरे में दोनों देशों ने संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर पर उठाया और 2030 तक व्यापार दोगुना करने सहित कई बड़े समझौतों पर सहमति जताई।
भारत-न्यूजीलैंड 2030 व्यापार लक्ष्य क्या है?
दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 7 बिलियन न्यूजीलैंड डॉलर यानी लगभग ₹35,000 करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए भारत-न्यूजीलैंड FTA को जल्द लागू करने पर भी सहमति बनी है।
आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों ने क्या रुख अपनाया?
दोनों प्रधानमंत्रियों ने सीमा पार आतंकवाद सहित इसके सभी रूपों की निंदा की। 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले और 10 नवंबर 2025 को लाल किले के निकट हुई आतंकी घटना की विशेष रूप से कड़ी निंदा की गई। काउंटर-टेररिज्म ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप (JWG) बनाने के लिए एमओए पर हस्ताक्षर किए गए।
भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी में क्या-क्या शामिल है?
'भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी: रोडमैप टू 2030' में राजनीतिक-कूटनीतिक संवाद, रक्षा व समुद्री सुरक्षा, व्यापार, शिक्षा, विज्ञान-तकनीक, आपदा प्रबंधन और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करना शामिल है। इसके तहत वार्षिक विदेश मंत्री स्तरीय संवाद और वरिष्ठ अधिकारियों की नियमित बैठकें भी तय की गई हैं।
न्यूजीलैंड ने UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता पर क्या कहा?
न्यूजीलैंड ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अपना समर्थन दोहराया। दोनों नेताओं ने आज की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करने के लिए UNSC में स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 3 घंटे पहले
  4. 4 घंटे पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 3 दिन पहले
  7. 4 दिन पहले
  8. 4 दिन पहले