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मार्को रुबियो की भारत यात्रा: क्वाड बैठक 26 मई को नई दिल्ली में, ऊर्जा सहयोग पर भी होगी चर्चा

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मार्को रुबियो की भारत यात्रा: क्वाड बैठक 26 मई को नई दिल्ली में, ऊर्जा सहयोग पर भी होगी चर्चा

सारांश

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड बैठक के लिए भारत आ रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री भी शामिल होंगे। रुबियो ने भारत को 'महान साझेदार' बताते हुए ऊर्जा निर्यात विस्तार की इच्छा जताई है।

मुख्य बातें

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे।
बैठक में ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वांग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भी शामिल होंगे।
रुबियो ने भारत को 'महान सहयोगी' और 'महान साझेदार' बताया; ऊर्जा सहयोग विस्तार पर जोर दिया।
पश्चिम एशिया तनाव और होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच अमेरिका भारत को अधिक ऊर्जा निर्यात करने को तैयार।
रुबियो ने बताया कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली आधिकारिक बैठक क्वाड साझेदारों के साथ ही हुई थी।
वर्ष के अंत में एक और क्वाड बैठक आयोजित होने की संभावना।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो शीघ्र ही भारत दौरे पर आ रहे हैं। अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार, 22 मई को स्पष्ट किया कि यह यात्रा क्वाड साझेदारी के सामरिक महत्व को रेखांकित करती है — क्षेत्रीय सुरक्षा से लेकर महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण तक। 26 मई को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में रुबियो के अलावा ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वांग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भी शामिल होंगे।

क्वाड बैठक का एजेंडा

भारत के विदेश मंत्री के निमंत्रण पर तीनों विदेश मंत्री नई दिल्ली पहुँचेंगे। क्वाड — जिसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका शामिल हैं — का उद्देश्य एक स्वतंत्र, खुला, समावेशी, समृद्ध और लचीला इंडो-पैसिफिक क्षेत्र सुनिश्चित करना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक सहयोग के मुद्दे केंद्र में रहेंगे।

रुबियो का भारत को लेकर बयान

यात्रा से पूर्व मियामी में पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने भारत को 'महान सहयोगी' और 'महान साझेदार' बताया। उन्होंने कहा, 'भारत के साथ काम करने के कई क्षेत्र हैं। हम उनके साथ बहुत अच्छा सहयोग करते हैं। यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है और इसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।' उन्होंने यह भी बताया कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली आधिकारिक बैठक क्वाड साझेदारों के साथ ही हुई थी, जो इस गठबंधन के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता दर्शाता है।

ऊर्जा सहयोग: नई प्राथमिकता

रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका नई दिल्ली के साथ ऊर्जा संबंधों का विस्तार करने का इच्छुक है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति संकट के बीच उन्होंने कहा, 'हम भारत को जितनी ऊर्जा चाहिए, उतनी बेचने के इच्छुक हैं। अमेरिका इस समय ऐतिहासिक स्तर पर ऊर्जा उत्पादन और निर्यात कर रहा है और हम इसे और बढ़ाना चाहते हैं।' उन्होंने बताया कि इस विषय पर पहले से बातचीत जारी है और आगामी यात्रा में भी यह चर्चा आगे बढ़ेगी।

अमेरिकी दूतावास का संदेश

दूतावास ने अपने आधिकारिक बयान में लिखा, 'मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक के लिए एकजुट। क्षेत्रीय सुरक्षा से लेकर महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण तक, मार्को रुबियो की भारत यात्रा क्वाड साझेदारी के महत्व को दर्शाती है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब इंडो-पैसिफिक में चीन की बढ़ती सक्रियता को लेकर क्वाड देशों के बीच समन्वय गहरा करने की कोशिशें तेज हो रही हैं।

आगे क्या होगा

26 मई की बैठक के अलावा, रुबियो ने संकेत दिया कि वर्ष के अंत में एक और क्वाड बैठक आयोजित की जाएगी। गौरतलब है कि यह बैठक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ व्यापक इंडो-पैसिफिक रणनीति की दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और भारत दोनों मोर्चों पर रणनीतिक रूप से प्रासंगिक है। ऊर्जा सहयोग को एजेंडे में सामने रखना संकेत देता है कि अमेरिका भारत को केवल सुरक्षा साझेदार नहीं, बल्कि आर्थिक निर्भरता के विकल्प के रूप में भी देख रहा है। हालाँकि क्वाड अब तक मुख्यतः घोषणाओं और संयुक्त बयानों तक सीमित रहा है — ठोस आपूर्ति श्रृंखला या ऊर्जा समझौतों में इसका रूपांतरण अभी बाकी है। असली कसौटी यह होगी कि 26 मई की बैठक से निकलने वाले संकल्प कागज़ पर रहते हैं या क्रियान्वयन की मेज़ तक पहुँचते हैं।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मार्को रुबियो की भारत यात्रा का उद्देश्य क्या है?
रुबियो 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने आ रहे हैं, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा होगी। यह यात्रा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को भी आगे बढ़ाएगी।
क्वाड क्या है और इसमें कौन-से देश शामिल हैं?
क्वाड (Quad) एक चतुर्पक्षीय सुरक्षा संवाद है जिसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका शामिल हैं। इसका उद्देश्य एक स्वतंत्र, खुला, समावेशी और लचीला इंडो-पैसिफिक क्षेत्र सुनिश्चित करना है।
26 मई की क्वाड बैठक में कौन-कौन शामिल होंगे?
बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो , ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वांग , जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और भारत के विदेश मंत्री शामिल होंगे। बैठक नई दिल्ली में आयोजित होगी।
रुबियो ने भारत को ऊर्जा निर्यात के बारे में क्या कहा?
रुबियो ने मियामी में पत्रकारों से कहा कि अमेरिका भारत को जितनी ऊर्जा चाहिए, उतनी बेचने का इच्छुक है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ऐतिहासिक स्तर पर ऊर्जा उत्पादन और निर्यात कर रहा है, और पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत के साथ ऊर्जा सहयोग और गहरा करने की बातचीत पहले से जारी है।
क्वाड की अगली बैठक कब होगी?
रुबियो ने संकेत दिया कि 26 मई की नई दिल्ली बैठक के अलावा वर्ष के अंत में एक और क्वाड बैठक आयोजित की जाएगी। इससे स्पष्ट है कि क्वाड देश इस वर्ष अपने समन्वय को और घनिष्ठ करने की योजना बना रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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