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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: तीन आरोपियों की 7 दिन की कस्टडी रिमांड की मांग, अयोध्या कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: तीन आरोपियों की 7 दिन की कस्टडी रिमांड की मांग, अयोध्या कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई

सारांश

राम मंदिर की दान पेटियों से करोड़ों की हेराफेरी के इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों की 7 दिन की कस्टडी रिमांड माँगी है। तीनों के पास से कुल ₹55 लाख से अधिक नकद बरामद हो चुके हैं और 20 भूखंडों के रिकॉर्ड जाँच के दायरे में हैं।

मुख्य बातें

अयोध्या पुलिस ने करुणेश पांडे , अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा की 7 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड माँगी है।
अयोध्या कोर्ट में मंगलवार दोपहर 12 बजे सुनवाई निर्धारित है; तीनों 13 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में हैं।
इस मामले में कुल 8 आरोपी गिरफ्तार; अविनाश शुक्ला से ₹20.39 लाख , करुणेश पांडे से ₹18.07 लाख और अनुकल्प मिश्रा से ₹16.82 लाख नकद बरामद।
आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त ; पुलिस डेटा डिलीट होने की आशंका की जाँच कर रही है।
राजस्व विभाग से प्राप्त करीब 20 भूखंडों के रिकॉर्ड की जाँच जारी; संपत्ति खरीद की तारीखें ट्रस्ट से जुड़ाव की तारीखों से मिलाई जा रही हैं।

अयोध्या पुलिस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में तीन प्रमुख आरोपियों — करुणेश पांडे, अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा — की 7 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए अयोध्या कोर्ट में अर्जी दी है। 6 जुलाई को दाखिल इस अर्जी पर मंगलवार दोपहर 12 बजे सुनवाई होगी। फिलहाल ये तीनों आरोपी 13 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में हैं।

पुलिस को क्यों चाहिए कस्टडी रिमांड

पुलिस का कहना है कि कस्टडी रिमांड मिलने पर वह आरोपियों से चोरी के पूरे नेटवर्क, चढ़ावे की रकम के प्रवाह और अन्य संदिग्धों की भूमिका के बारे में विस्तृत पूछताछ करेगी। तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और पुलिस यह जानना चाहती है कि क्या किसी ने डिवाइस से डेटा डिलीट किया है।

गिरफ्तार आठ आरोपी और बरामदगी का विवरण

इस मामले में विशेष जाँच दल (एसआईटी) के गठन के बाद पुलिस ने कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है — अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव। इन सभी पर राम मंदिर की दान पेटियों से नकदी और कीमती सामान की हेराफेरी की साजिश रचने का आरोप है।

बरामदगी के आँकड़े उल्लेखनीय हैं — अविनाश शुक्ला के पास से ₹20.39 लाख नकद बरामद हुए, जिनमें डॉलर और अन्य विदेशी मुद्रा भी शामिल थी। उसके परिसर से जब्त नकदी में 500 रुपये के 3,600 से अधिक नोट, 200 रुपये के 500 से अधिक नोट और छोटे मूल्यवर्ग के नोट मिले। अनुकल्प मिश्रा के पास से ₹16.82 लाख और करुणेश पांडे के पास से ₹18.07 लाख नकद बरामद किए गए।

संपत्तियों की जाँच और राजस्व रिकॉर्ड

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अपराध से अर्जित संपत्ति की तेजी से जाँच की जा रही है। राजस्व विभाग से आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के भूमि रिकॉर्ड माँगे गए थे, जिनमें से अब तक करीब 20 भूखंडों के दस्तावेज पुलिस को प्राप्त हो चुके हैं। इन दस्तावेजों का सत्यापन जारी है।

जाँच में यह देखा जा रहा है कि संबंधित संपत्तियाँ कब खरीदी गईं और आरोपियों का श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ाव कब शुरू हुआ। पुलिस के लिए इन दोनों तारीखों का मिलान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एसआईटी को मिला अतिरिक्त समय

इस पूरे मामले में एसआईटी को जाँच के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। सरकार ने दावा किया है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब सबकी नजरें मंगलवार को अयोध्या कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं — जो तय करेगा कि पुलिस को इन तीनों से सीधे पूछताछ का अवसर मिलेगा या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि धार्मिक संस्थाओं में आंतरिक निगरानी तंत्र की विफलता का संकेत है। तीन आरोपियों के पास से संयुक्त रूप से ₹55 लाख से अधिक की नकदी और 20 से अधिक भूखंडों के रिकॉर्ड बताते हैं कि यह कथित तौर पर लंबे समय से चली आ रही व्यवस्थित हेराफेरी थी, न कि कोई एकबारगी घटना। असली सवाल यह है कि ट्रस्ट की आंतरिक लेखापरीक्षा प्रणाली इतने समय तक इसे पकड़ने में क्यों विफल रही। एसआईटी जाँच और कस्टडी रिमांड की माँग सही दिशा में कदम हैं, लेकिन जब तक दान प्रबंधन में संस्थागत सुधार नहीं होते, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला क्या है?
यह अयोध्या के राम मंदिर की दान पेटियों से नकदी और कीमती सामान की कथित हेराफेरी का मामला है, जिसमें अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपियों पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चढ़ावे की रकम को व्यवस्थित तरीके से गबन करने की साजिश रचने का आरोप है।
कस्टडी रिमांड की सुनवाई कब होगी?
अयोध्या कोर्ट में मंगलवार दोपहर 12 बजे सुनवाई निर्धारित है। पुलिस ने करुणेश पांडे, अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा की 7 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड माँगी है, जबकि तीनों फिलहाल 13 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में हैं।
आरोपियों के पास से कितनी रकम बरामद हुई?
अविनाश शुक्ला से ₹20.39 लाख (डॉलर सहित), करुणेश पांडे से ₹18.07 लाख और अनुकल्प मिश्रा से ₹16.82 लाख नकद बरामद किए गए हैं। शुक्ला के परिसर से 500 रुपये के 3,600 से अधिक नोट भी मिले, जिन्हें पुलिस मंदिर के चढ़ावे से जोड़कर देख रही है।
एसआईटी जाँच में अब तक क्या सामने आया है?
एसआईटी ने राजस्व विभाग से आरोपियों और उनके परिजनों के भूमि रिकॉर्ड माँगे हैं, जिनमें से करीब 20 भूखंडों के दस्तावेज प्राप्त हो चुके हैं। पुलिस यह जाँच रही है कि ये संपत्तियाँ कब खरीदी गईं और आरोपियों का ट्रस्ट से जुड़ाव किस तारीख से शुरू हुआ।
इस मामले में कुल कितने लोग गिरफ्तार हैं?
इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है — अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव। सभी पर दान पेटियों से हेराफेरी की साजिश का आरोप है।
राष्ट्र प्रेस
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