राम मंदिर चढ़ावा चोरी: तीन आरोपियों की 7 दिन की कस्टडी रिमांड की मांग, अयोध्या कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या पुलिस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में तीन प्रमुख आरोपियों — करुणेश पांडे, अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा — की 7 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए अयोध्या कोर्ट में अर्जी दी है। 6 जुलाई को दाखिल इस अर्जी पर मंगलवार दोपहर 12 बजे सुनवाई होगी। फिलहाल ये तीनों आरोपी 13 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में हैं।
पुलिस को क्यों चाहिए कस्टडी रिमांड
पुलिस का कहना है कि कस्टडी रिमांड मिलने पर वह आरोपियों से चोरी के पूरे नेटवर्क, चढ़ावे की रकम के प्रवाह और अन्य संदिग्धों की भूमिका के बारे में विस्तृत पूछताछ करेगी। तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और पुलिस यह जानना चाहती है कि क्या किसी ने डिवाइस से डेटा डिलीट किया है।
गिरफ्तार आठ आरोपी और बरामदगी का विवरण
इस मामले में विशेष जाँच दल (एसआईटी) के गठन के बाद पुलिस ने कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है — अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव। इन सभी पर राम मंदिर की दान पेटियों से नकदी और कीमती सामान की हेराफेरी की साजिश रचने का आरोप है।
बरामदगी के आँकड़े उल्लेखनीय हैं — अविनाश शुक्ला के पास से ₹20.39 लाख नकद बरामद हुए, जिनमें डॉलर और अन्य विदेशी मुद्रा भी शामिल थी। उसके परिसर से जब्त नकदी में 500 रुपये के 3,600 से अधिक नोट, 200 रुपये के 500 से अधिक नोट और छोटे मूल्यवर्ग के नोट मिले। अनुकल्प मिश्रा के पास से ₹16.82 लाख और करुणेश पांडे के पास से ₹18.07 लाख नकद बरामद किए गए।
संपत्तियों की जाँच और राजस्व रिकॉर्ड
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अपराध से अर्जित संपत्ति की तेजी से जाँच की जा रही है। राजस्व विभाग से आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के भूमि रिकॉर्ड माँगे गए थे, जिनमें से अब तक करीब 20 भूखंडों के दस्तावेज पुलिस को प्राप्त हो चुके हैं। इन दस्तावेजों का सत्यापन जारी है।
जाँच में यह देखा जा रहा है कि संबंधित संपत्तियाँ कब खरीदी गईं और आरोपियों का श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ाव कब शुरू हुआ। पुलिस के लिए इन दोनों तारीखों का मिलान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एसआईटी को मिला अतिरिक्त समय
इस पूरे मामले में एसआईटी को जाँच के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। सरकार ने दावा किया है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब सबकी नजरें मंगलवार को अयोध्या कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं — जो तय करेगा कि पुलिस को इन तीनों से सीधे पूछताछ का अवसर मिलेगा या नहीं।