27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 8 आरोपी अदालत में पेश, ₹79.84 लाख बरामद; CCTV में कैद हुई करतूत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 8 आरोपी अदालत में पेश, ₹79.84 लाख बरामद; CCTV में कैद हुई करतूत

सारांश

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला गहराता जा रहा है — 8 आरोपी अदालत में पेश, ₹79.84 लाख बरामद और CCTV में चोरी कैद। सिफारिश से नियुक्ति, बिना तलाशी की ड्यूटी और चाबियों का दुरुपयोग — यह चोरी नहीं, सुनियोजित साजिश का संकेत है।

मुख्य बातें

अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी मामले में 8 आरोपियों को 26 जून 2026 को अदालत में पेश किया गया।
7 आरोपियों की निशानदेही पर ₹79.84 लाख बरामद; लवकुश मिश्रा के घर से अलग से ₹10 लाख मिले।
8वें आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पास से कोई रकम बरामद नहीं, उन्हें साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है।
आरोपी टिन्नू के पास कैश काउंटर, दान पेटी और नोट गिनने वाले हॉल की चाबियां थीं।
कई आरोपी सिफारिश के आधार पर नियुक्त थे और ड्यूटी के बाद उनकी तलाशी नहीं ली जाती थी।
मामले के बाद मंदिर से जुड़े दो पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है।

अयोध्या के राम मंदिर में दान-चढ़ावे की चोरी के मामले में पुलिस ने 26 जून 2026 को सभी 8 गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया। जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि प्रारंभिक जांच में सभी आरोपियों के विरुद्ध चोरी के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं और सीसीटीवी फुटेज में आरोपी चढ़ावे की नकदी व आभूषण चुराते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

जांच रिपोर्ट और न्यायिक रिमांड नोट में चंदे की चोरी, सीसीटीवी में दर्ज घटनाएं, प्रशासनिक अनियमितताएं और सुरक्षा खामियों का विस्तृत उल्लेख किया गया है। आरोपियों में टिन्नू, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश, करुणेश, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, रमा शंकर मिश्र और सुभाष श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी मंदिर परिसर से नकदी और ज्वेलरी अपने साथ ले जाते थे।

बरामदगी का ब्यौरा

जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि अब तक 7 आरोपियों की निशानदेही पर ₹79.84 लाख की बरामदगी हो चुकी है। हालांकि, 8वें आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पास से कोई रकम बरामद नहीं हुई है; उन्हें इस साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है। आरोपी लवकुश मिश्रा के घर से अलग से करीब ₹10 लाख बरामद किए गए हैं।

कैसे होती थी चोरी

जांच में सामने आया है कि आरोपी टिन्नू के पास कैश काउंटर, दान पेटी और नोट गिनने वाले हॉल की चाबियां रहती थीं। आरोपी अनुकल्प मिश्रा पर वाउचर बनाने की प्रक्रिया में हेराफेरी करने और अपने बहनोई लवकुश मिश्रा के साथ मिलकर गड़बड़ी करने का आरोप है। गौरतलब है कि कई आरोपी सिफारिश के आधार पर नोट गिनने के काम में लगाए गए थे और ड्यूटी समाप्त होने के बाद उनकी तलाशी तक नहीं ली जाती थी — जो कि एक गंभीर प्रशासनिक चूक मानी जा रही है।

संस्थागत जवाबदेही

इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राम मंदिर से जुड़े दो पदाधिकारियों ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे मंदिर प्रशासन की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

आगे की जांच

पुलिस आरोपियों की रिमांड के दौरान चोरी की कुल अवधि, बरामद न हुई रकम की संभावित खपत और संभावित अन्य सहयोगियों की पहचान पर ध्यान केंद्रित करेगी। अदालत का अगला आदेश इस बात का संकेत देगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रशासनिक विफलता की गहरी जड़ों का संकेत है। यह मामला इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि चाबियों जैसे संवेदनशील संसाधनों का नियंत्रण एक ही व्यक्ति के पास था और वाउचर प्रक्रिया में भी हेराफेरी हुई — यानी चूक बहुस्तरीय थी। दो पदाधिकारियों का इस्तीफा जवाबदेही की दिशा में एक कदम है, लेकिन असली सवाल यह है कि निगरानी तंत्र इतने समय तक क्यों नाकाम रहा। बिना संस्थागत सुधार के केवल गिरफ्तारियां इस खामी को नहीं भर सकतीं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर में दान पेटियों और कैश काउंटर से नकदी व आभूषण चुराने का मामला सामने आया है, जिसमें 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी चोरी करते हुए दिखाई दे रहे हैं और अब तक ₹79.84 लाख बरामद हो चुके हैं।
राम मंदिर चोरी में कितनी रकम बरामद हुई है?
जांच अधिकारी के अनुसार, 7 आरोपियों की निशानदेही पर अब तक ₹79.84 लाख बरामद किए गए हैं। लवकुश मिश्रा के घर से अलग से करीब ₹10 लाख मिले हैं, जबकि 8वें आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पास से कोई रकम नहीं मिली।
राम मंदिर चोरी में कौन-कौन से आरोपी हैं?
गिरफ्तार 8 आरोपियों में टिन्नू, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश, करुणेश, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, रमा शंकर मिश्र और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। इनमें से कई सिफारिश के आधार पर नोट गिनने के काम में लगाए गए थे।
राम मंदिर में चोरी कैसे होती थी?
आरोपी टिन्नू के पास कैश काउंटर, दान पेटी और नोट गिनने वाले हॉल की चाबियां थीं। अनुकल्प मिश्रा पर वाउचर प्रक्रिया में हेराफेरी का आरोप है। ड्यूटी के बाद आरोपियों की तलाशी न लिए जाने की खामी का फायदा उठाकर वे नकदी और ज्वेलरी बाहर ले जाते थे।
राम मंदिर चोरी मामले में मंदिर प्रशासन पर क्या असर पड़ा?
इस मामले के सामने आने के बाद मंदिर से जुड़े दो पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। मामले ने मंदिर की आंतरिक निगरानी व्यवस्था और नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 11 घंटे पहले
  3. 16 घंटे पहले
  4. 3 दिन पहले
  5. 6 दिन पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 महीना पहले