राम मंदिर चढ़ावा चोरी: टिन्नू यादव के पास थीं सभी दान पेटियों की चाबियाँ, ट्रस्ट सदस्य की भूमिका उजागर
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जाँच में पुलिस को चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। 19 जुलाई 2026 को जाँच अधिकारियों ने मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ 'टिन्नू' और उसके भतीजे मनीष यादव से 39 घंटे की कस्टडी रिमांड के दौरान गहन पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि दान पेटियों की सभी चाबियाँ कथित तौर पर बिना किसी आधिकारिक अनुमति के टिन्नू के पास थीं।
मुख्य घटनाक्रम
अदालत से 39 घंटे की रिमांड मिलने के बाद शनिवार सुबह करीब 8 बजे दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लिया गया। रविवार सुबह करीब 3 बजे जाँच अधिकारियों ने रामशंकर यादव और मनीष यादव को उनके घर ले जाकर घटनाक्रम को फिर से समझने की कोशिश की। इसके बाद रामशंकर यादव को राम जन्मभूमि परिसर भी ले जाया गया। दोनों आरोपियों से पुलिस लाइन्स में पूछताछ जारी है।
ट्रस्ट सदस्य की संदिग्ध भूमिका
पूछताछ में एक गंभीर तथ्य सामने आया है — श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक वरिष्ठ सदस्य ने कथित तौर पर बिना किसी आधिकारिक प्रक्रिया के दान पेटियों की चाबियाँ टिन्नू को सौंप दी थीं। जाँच अधिकारी आशुतोष तिवारी इस कड़ी की पुष्टि करने में जुटे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मंदिर प्रशासन की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर पहले से सवाल उठ रहे हैं।
आरोपी की पहुँच और बरामदगी
जाँच में पता चला है कि रामशंकर यादव को मंदिर परिसर के किसी भी गेट से बिना पूर्व अनुमति के प्रवेश करने की छूट थी। उस पर दान गिनती वाले कक्ष में भी बेरोकटोक आने-जाने का आरोप है। पुलिस ने मनीष यादव से कथित तौर पर दान पेटियों से चुराए गए ₹2 लाख बरामद किए हैं। जाँच के अनुसार, टिन्नू ने कथित तौर पर अपने भतीजे मनीष को चढ़ावे की गिनती करने वाली टीम में नियुक्त करवाया था।
अन्य संदिग्ध गतिविधियाँ
जाँच में यह भी सामने आया है कि रामशंकर यादव ने कथित तौर पर अपनी पत्नी के नाम पर एक निर्माण कंपनी स्थापित की थी। पुलिस इन आरोपों की भी जाँच कर रही है कि उसके बेटे ने राम मंदिर से जुड़े प्रभाव का इस्तेमाल कर लोक निर्माण विभाग (PWD) में नौकरी हासिल की। इस मामले में पुलिस पहले ही छह अन्य आरोपियों से कस्टडी में पूछताछ पूरी कर चुकी है।
आगे क्या होगा
रामशंकर यादव उर्फ 'टिन्नू' और मनीष यादव की पुलिस कस्टडी रविवार रात 11 बजे तक जारी रहेगी, जिसके बाद रिमांड आदेश के अनुसार दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, शेष हिरासत अवधि में और अहम खुलासे होने की संभावना है। चाचा-भतीजे की इस जोड़ी से पूछताछ कथित साजिश, धनराशि के लेन-देन और प्रत्येक आरोपी की भूमिका को स्पष्ट करने में निर्णायक साबित हो सकती है।