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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: टिन्नू यादव के पास थीं सभी दान पेटियों की चाबियाँ, ट्रस्ट सदस्य की भूमिका उजागर

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: टिन्नू यादव के पास थीं सभी दान पेटियों की चाबियाँ, ट्रस्ट सदस्य की भूमिका उजागर

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की जाँच गहरी होती जा रही है — दान पेटियों की चाबियाँ बिना अनुमति आरोपी के पास, ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य की संदिग्ध भूमिका और ₹2 लाख की बरामदगी। यह मामला अब महज चोरी नहीं, बल्कि मंदिर प्रशासन की आंतरिक खामियों का आईना बन चुका है।

मुख्य बातें

मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ 'टिन्नू' और भतीजे मनीष यादव से 39 घंटे की कस्टडी रिमांड में गहन पूछताछ जारी।
राम मंदिर की दान पेटियों की सभी चाबियाँ कथित तौर पर बिना आधिकारिक अनुमति के टिन्नू के पास थीं।
ट्रस्ट के एक वरिष्ठ सदस्य ने कथित तौर पर बिना प्रक्रिया के चाबियाँ टिन्नू को सौंपी थीं।
पुलिस ने मनीष यादव से कथित चोरी के ₹2 लाख बरामद किए।
टिन्नू पर अपनी पत्नी के नाम पर निर्माण कंपनी बनाने और बेटे को PWD में नौकरी दिलाने के आरोप भी जाँच में।
दोनों आरोपियों की कस्टडी रविवार रात 11 बजे समाप्त होगी, इसके बाद अदालत में पेशी।

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जाँच में पुलिस को चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। 19 जुलाई 2026 को जाँच अधिकारियों ने मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ 'टिन्नू' और उसके भतीजे मनीष यादव से 39 घंटे की कस्टडी रिमांड के दौरान गहन पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि दान पेटियों की सभी चाबियाँ कथित तौर पर बिना किसी आधिकारिक अनुमति के टिन्नू के पास थीं।

मुख्य घटनाक्रम

अदालत से 39 घंटे की रिमांड मिलने के बाद शनिवार सुबह करीब 8 बजे दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लिया गया। रविवार सुबह करीब 3 बजे जाँच अधिकारियों ने रामशंकर यादव और मनीष यादव को उनके घर ले जाकर घटनाक्रम को फिर से समझने की कोशिश की। इसके बाद रामशंकर यादव को राम जन्मभूमि परिसर भी ले जाया गया। दोनों आरोपियों से पुलिस लाइन्स में पूछताछ जारी है।

ट्रस्ट सदस्य की संदिग्ध भूमिका

पूछताछ में एक गंभीर तथ्य सामने आया है — श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक वरिष्ठ सदस्य ने कथित तौर पर बिना किसी आधिकारिक प्रक्रिया के दान पेटियों की चाबियाँ टिन्नू को सौंप दी थीं। जाँच अधिकारी आशुतोष तिवारी इस कड़ी की पुष्टि करने में जुटे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मंदिर प्रशासन की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर पहले से सवाल उठ रहे हैं।

आरोपी की पहुँच और बरामदगी

जाँच में पता चला है कि रामशंकर यादव को मंदिर परिसर के किसी भी गेट से बिना पूर्व अनुमति के प्रवेश करने की छूट थी। उस पर दान गिनती वाले कक्ष में भी बेरोकटोक आने-जाने का आरोप है। पुलिस ने मनीष यादव से कथित तौर पर दान पेटियों से चुराए गए ₹2 लाख बरामद किए हैं। जाँच के अनुसार, टिन्नू ने कथित तौर पर अपने भतीजे मनीष को चढ़ावे की गिनती करने वाली टीम में नियुक्त करवाया था।

अन्य संदिग्ध गतिविधियाँ

जाँच में यह भी सामने आया है कि रामशंकर यादव ने कथित तौर पर अपनी पत्नी के नाम पर एक निर्माण कंपनी स्थापित की थी। पुलिस इन आरोपों की भी जाँच कर रही है कि उसके बेटे ने राम मंदिर से जुड़े प्रभाव का इस्तेमाल कर लोक निर्माण विभाग (PWD) में नौकरी हासिल की। इस मामले में पुलिस पहले ही छह अन्य आरोपियों से कस्टडी में पूछताछ पूरी कर चुकी है।

आगे क्या होगा

रामशंकर यादव उर्फ 'टिन्नू' और मनीष यादव की पुलिस कस्टडी रविवार रात 11 बजे तक जारी रहेगी, जिसके बाद रिमांड आदेश के अनुसार दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, शेष हिरासत अवधि में और अहम खुलासे होने की संभावना है। चाचा-भतीजे की इस जोड़ी से पूछताछ कथित साजिश, धनराशि के लेन-देन और प्रत्येक आरोपी की भूमिका को स्पष्ट करने में निर्णायक साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महज लापरवाही नहीं — यह प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है। सवाल यह नहीं कि टिन्नू ने चोरी की या नहीं, बल्कि यह है कि ट्रस्ट की निगरानी व्यवस्था इतनी कमज़ोर कैसे रही कि एक व्यक्ति को परिसर में असीमित पहुँच मिल गई। जब तक ट्रस्ट की आंतरिक जवाबदेही तय नहीं होती और प्रशासनिक खामियों को दूर नहीं किया जाता, तब तक केवल आरोपियों की गिरफ्तारी से न्याय अधूरा रहेगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला क्या है?
अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में दान पेटियों से चढ़ावा चुराने का मामला है, जिसमें मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ 'टिन्नू' और उसके भतीजे मनीष यादव को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मनीष यादव से कथित रूप से चुराए गए ₹2 लाख बरामद किए हैं।
टिन्नू यादव के पास दान पेटियों की चाबियाँ कैसे आईं?
पूछताछ में सामने आया है कि ट्रस्ट के एक वरिष्ठ सदस्य ने कथित तौर पर बिना किसी आधिकारिक प्रक्रिया के सभी दान पेटियों की चाबियाँ रामशंकर यादव उर्फ 'टिन्नू' को सौंप दी थीं। पुलिस इस ट्रस्ट सदस्य की भूमिका की भी जाँच कर रही है।
दोनों आरोपियों की पुलिस कस्टडी कब तक है?
रामशंकर यादव उर्फ 'टिन्नू' और मनीष यादव की पुलिस कस्टडी रविवार रात 11 बजे तक जारी रहेगी। इसके बाद रिमांड आदेश के अनुसार दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा।
इस मामले में अब तक कितने आरोपी हैं?
पुलिस इस मामले में कुल आठ आरोपियों से पूछताछ कर चुकी है या कर रही है। छह अन्य आरोपियों से कस्टडी में पूछताछ पहले ही पूरी हो चुकी है, जबकि टिन्नू और मनीष यादव से पूछताछ जारी है।
टिन्नू यादव पर चोरी के अलावा और क्या आरोप हैं?
जाँच में सामने आया है कि रामशंकर यादव ने कथित तौर पर अपनी पत्नी के नाम पर एक निर्माण कंपनी बनाई थी। पुलिस इन आरोपों की भी जाँच कर रही है कि उसके बेटे ने राम मंदिर से जुड़े प्रभाव का इस्तेमाल कर PWD में नौकरी हासिल की।
राष्ट्र प्रेस
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