राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी: टिन्नू यादव के घर से आभूषण व दस्तावेज बरामद, सोमवार को अदालत में पेशी
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामले में पुलिस ने 28 जून 2026 (रविवार) को सभी आठ गिरफ्तार आरोपियों के घरों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान मंदिर प्रबंधन से जुड़े प्रमुख आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के आवास से आभूषण, नकदी और संपत्ति से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। जांच एजेंसियाँ अब इन साक्ष्यों का सत्यापन कर रही हैं।
तलाशी अभियान में क्या मिला
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के घर से बरामद सामग्री में आभूषण, नकदी और अचल संपत्ति से जुड़े कागजात शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि सभी आठों आरोपियों के घरों से कुछ न कुछ सामान बरामद हुआ है, जिनकी जांच और सत्यापन रविवार शाम तक पूरा किए जाने का लक्ष्य था। विशेष रूप से टिन्नू यादव की भूमिका जांच एजेंसियों के विशेष रडार पर बताई जा रही है।
न्यायिक हिरासत और अदालती कार्यवाही
गौरतलब है कि शुक्रवार को स्थानीय अदालत ने सभी आठों आरोपियों को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। ये आरोपी 29 जून तक जेल में रहेंगे और सोमवार को उन्हें पुनः अदालत में पेश किया जाएगा। देर रात जांच अधिकारी यह तय करेंगे कि सोमवार की पेशी के दौरान आरोपियों की दोबारा पुलिस रिमांड माँगी जाए या नहीं।
पड़ोसियों की प्रतिक्रिया
आरोपी टिन्नू यादव की पड़ोसी तारा देवी ने उन्हें अपना 'भाई' बताते हुए उनकी बेगुनाही पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा, 'वह अच्छे इंसान हैं। उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है।' वहीं, आरोपी अनुकल्प मिश्रा के पड़ोसी कृष्णानंद तिवारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, 'जो भी इस मामले में शामिल है, चाहे वह मेरा भाई (मिश्रा) ही क्यों न हो, जिसने भी चोरी या गलत काम किया है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ विश्वासघात किया है।'
एक अन्य पड़ोसी अनुराग ने बताया कि वह करीब एक साल से मिश्रा को जानते हैं। उन्होंने कहा, 'उनका स्वभाव अच्छा था। उनके मन में कोई गलत इरादा था या नहीं, यह मैं नहीं जानता।'
मामले की पृष्ठभूमि और आरोपी
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर गुरुवार को अयोध्या कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई थी। यह मामला तब सामने आया जब तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कई स्तरों पर अनियमितताओं की ओर संकेत किया। मामले में नामजद आठ आरोपियों में रामशंकर यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, अविनाश शुक्ला और सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं।
आगे की जांच
पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कथित हेराफेरी के पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में प्रत्येक आरोपी की अलग-अलग स्तर पर भूमिका सामने आई है। यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक परतें उघाड़ सकता है।