28 जून 2026
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राम मंदिर दान घोटाला: अयोध्या पुलिस ने टिन्नू यादव समेत 5 आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी

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राम मंदिर दान घोटाला: अयोध्या पुलिस ने टिन्नू यादव समेत 5 आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी

सारांश

राम मंदिर दान प्रकरण में अयोध्या पुलिस ने रविवार को एक साथ पाँच आरोपियों के घरों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई उस वक्त और संवेदनशील हो जाती है जब मामला करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा हो — और जाँच अभी और गहरी होने के संकेत हैं।

मुख्य बातें

अयोध्या पुलिस ने 28 जून 2026 को राम मंदिर दान प्रकरण में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की।
आरोपियों में टिन्नू यादव , रामशंकर मिश्रा , अनुकल्प मिश्रा , अविनाश शुक्ला और मनीष यादव शामिल हैं।
सीओ आशुतोष तिवारी ने पुष्टि की कि जाँच जारी है और सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
छापेमारी के दौरान लेखपाल की मौजूदगी में परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ हुई।
पड़ोसी कृष्णानंद तिवारी ने दोषियों को कड़ी सजा की माँग करते हुए इसे 'रामभक्तों के साथ छल' बताया।

अयोध्या में राम मंदिर दान प्रकरण की जाँच ने 28 जून 2026 को नई गति पकड़ी, जब पुलिस ने एक साथ कई टीमें गठित कर टिन्नू यादव, रामशंकर मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला और मनीष यादव के आवासों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों से विस्तृत पूछताछ की गई।

छापेमारी का घटनाक्रम

रविवार सुबह एक पुलिस टीम लेखपाल को साथ लेकर टिन्नू यादव के घर पहुँची। अधिकारियों ने पहले परिजनों से बातचीत की और फिर घर के भीतर तलाशी ली। इसके समानांतर, अलग-अलग टीमों ने शेष चारों आरोपियों के ठिकानों पर भी एक साथ दबिश दी।

सीओ का बयान

सर्किल ऑफिसर (सीओ) आशुतोष तिवारी ने कार्रवाई पर कहा, 'जाँच की प्रक्रिया चल रही है। जो भी आरोपी इसमें शामिल हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।' उनके इस बयान से स्पष्ट है कि पुलिस जाँच का दायरा और बढ़ सकता है।

पड़ोसियों की प्रतिक्रिया

टिन्नू यादव की पड़ोसी तारा देवी ने कहा, 'टिन्नू यादव अच्छे व्यक्ति थे। उनके ऊपर बिल्कुल गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्हें फँसाया जा रहा है।' वहीं, अनुकल्प मिश्रा के पड़ोसी कृष्णानंद तिवारी ने भिन्न दृष्टिकोण रखते हुए कहा, 'दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। चढ़ावे में गबन करके इन लोगों ने भगवान के साथ छल किया है। हजारों करोड़ों रामभक्तों के साथ भी छल हुआ है — यह बहुत ही शर्मनाक है।'

कृष्णानंद तिवारी ने अनुकल्प मिश्रा के बारे में यह भी जोड़ा कि वे उन्हें 5-6 महीने से जानते हैं और उनका व्यवहार कभी संदिग्ध नहीं लगा, 'लेकिन कोई चोर यह नहीं कहता कि हमने चोरी की है।' एक अन्य पड़ोसी अनुराग मिश्रा ने कहा कि वे अनुकल्प मिश्रा को लगभग एक साल से जानते हैं और कभी कोई संदिग्ध हरकत नहीं देखी, 'लेकिन उनके अंदर के भाव को हम नहीं जान सकते। दान प्रकरण पूरी तरह जाँच का विषय है।'

आम जनता पर असर

यह प्रकरण उन लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से सीधे जुड़ा है जिन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दिया था। कथित तौर पर दान राशि में हुई अनियमितता ने धार्मिक और सामाजिक स्तर पर गहरी चिंता पैदा की है। गौरतलब है कि राम मंदिर देश के सबसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक है और इससे जुड़ा कोई भी वित्तीय विवाद राष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है।

आगे क्या होगा

जाँच अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और छापेमारी में मिले साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि क्या पुलिस किसी और संदिग्ध को इस प्रकरण में नामज़द करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर दान प्रकरण क्या है?
यह मामला अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान या चढ़ावे में कथित गबन से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ व्यक्तियों ने दान राशि में अनियमितता की, जिसके बाद अयोध्या पुलिस ने जाँच शुरू कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
पुलिस ने किन-किन आरोपियों के घरों पर छापेमारी की?
28 जून 2026 को अयोध्या पुलिस ने टिन्नू यादव, रामशंकर मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला और मनीष यादव के आवासों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ भी की गई।
छापेमारी में पुलिस को क्या मिला?
अभी तक पुलिस ने छापेमारी में बरामद सामग्री या साक्ष्यों का सार्वजनिक ब्यौरा नहीं दिया है। सीओ आशुतोष तिवारी ने केवल इतना कहा कि जाँच की प्रक्रिया चल रही है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
इस मामले में आगे क्या होने की उम्मीद है?
जाँच अधिकारियों के बयान के अनुसार, सभी संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। छापेमारी में मिले साक्ष्यों की पड़ताल के बाद मामले में और गिरफ्तारियाँ या नए नाम सामने आ सकते हैं।
क्या आरोपियों के पड़ोसियों ने उनका बचाव किया?
टिन्नू यादव की पड़ोसी तारा देवी ने उन्हें निर्दोष बताया और कहा कि उन्हें फँसाया जा रहा है। वहीं, अनुकल्प मिश्रा के पड़ोसी कृष्णानंद तिवारी ने दोषियों को कड़ी सजा की माँग की और इसे 'रामभक्तों के साथ छल' करार दिया।
राष्ट्र प्रेस
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