राम मंदिर दान घोटाला: अयोध्या पुलिस ने टिन्नू यादव समेत 5 आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में राम मंदिर दान प्रकरण की जाँच ने 28 जून 2026 को नई गति पकड़ी, जब पुलिस ने एक साथ कई टीमें गठित कर टिन्नू यादव, रामशंकर मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला और मनीष यादव के आवासों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों से विस्तृत पूछताछ की गई।
छापेमारी का घटनाक्रम
रविवार सुबह एक पुलिस टीम लेखपाल को साथ लेकर टिन्नू यादव के घर पहुँची। अधिकारियों ने पहले परिजनों से बातचीत की और फिर घर के भीतर तलाशी ली। इसके समानांतर, अलग-अलग टीमों ने शेष चारों आरोपियों के ठिकानों पर भी एक साथ दबिश दी।
सीओ का बयान
सर्किल ऑफिसर (सीओ) आशुतोष तिवारी ने कार्रवाई पर कहा, 'जाँच की प्रक्रिया चल रही है। जो भी आरोपी इसमें शामिल हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।' उनके इस बयान से स्पष्ट है कि पुलिस जाँच का दायरा और बढ़ सकता है।
पड़ोसियों की प्रतिक्रिया
टिन्नू यादव की पड़ोसी तारा देवी ने कहा, 'टिन्नू यादव अच्छे व्यक्ति थे। उनके ऊपर बिल्कुल गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्हें फँसाया जा रहा है।' वहीं, अनुकल्प मिश्रा के पड़ोसी कृष्णानंद तिवारी ने भिन्न दृष्टिकोण रखते हुए कहा, 'दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। चढ़ावे में गबन करके इन लोगों ने भगवान के साथ छल किया है। हजारों करोड़ों रामभक्तों के साथ भी छल हुआ है — यह बहुत ही शर्मनाक है।'
कृष्णानंद तिवारी ने अनुकल्प मिश्रा के बारे में यह भी जोड़ा कि वे उन्हें 5-6 महीने से जानते हैं और उनका व्यवहार कभी संदिग्ध नहीं लगा, 'लेकिन कोई चोर यह नहीं कहता कि हमने चोरी की है।' एक अन्य पड़ोसी अनुराग मिश्रा ने कहा कि वे अनुकल्प मिश्रा को लगभग एक साल से जानते हैं और कभी कोई संदिग्ध हरकत नहीं देखी, 'लेकिन उनके अंदर के भाव को हम नहीं जान सकते। दान प्रकरण पूरी तरह जाँच का विषय है।'
आम जनता पर असर
यह प्रकरण उन लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से सीधे जुड़ा है जिन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दिया था। कथित तौर पर दान राशि में हुई अनियमितता ने धार्मिक और सामाजिक स्तर पर गहरी चिंता पैदा की है। गौरतलब है कि राम मंदिर देश के सबसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक है और इससे जुड़ा कोई भी वित्तीय विवाद राष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है।
आगे क्या होगा
जाँच अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और छापेमारी में मिले साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि क्या पुलिस किसी और संदिग्ध को इस प्रकरण में नामज़द करती है।