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राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: आरोपी लवकुश मिश्रा का दोमंजिला मकान जांच के घेरे में, 3-4 महीने में हुआ निर्माण

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राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: आरोपी लवकुश मिश्रा का दोमंजिला मकान जांच के घेरे में, 3-4 महीने में हुआ निर्माण

सारांश

राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपी लवकुश मिश्रा का अयोध्या में महज 3-4 महीने में बना दोमंजिला मकान अब जांच एजेंसियों के निशाने पर है। संपत्ति के वित्तीय स्रोत की पड़ताल जारी है। पड़ोसी राजकुमार पांडेय ने कहा — दोषी साबित हों तो सख्त सजा मिलनी चाहिए।

मुख्य बातें

राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपी लवकुश मिश्रा का अयोध्या के शहादतगंज में बना दोमंजिला मकान जांच एजेंसियों के रडार पर आया।
स्थानीय निवासियों के अनुसार यह मकान महज 3-4 महीने में तैयार हो गया, जो संदेह का कारण बना।
जांच एजेंसियां संपत्ति के निर्माण से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की गहन पड़ताल कर रही हैं।
पड़ोसी राजकुमार पांडेय ने कहा — आरोप सही साबित हों तो दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा ।

अयोध्या के शहादतगंज क्षेत्र में राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपी लवकुश मिश्रा का हाल ही में बना दोमंजिला मकान अब जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। अधिकारी इस संपत्ति के निर्माण से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की गहन पड़ताल कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि निर्माण में लगे धन का स्रोत क्या था और उसका कथित घोटाले से कोई संबंध है या नहीं।

मुख्य घटनाक्रम

स्थानीय निवासियों के अनुसार, अयोध्या के शहादतगंज इलाके में स्थित यह मकान महज तीन से चार महीने के भीतर तैयार हो गया। निर्माण की यह असाधारण गति ही जांच एजेंसियों की नजर में संदेह का कारण बनी है। अधिकारी अब संपत्ति से जुड़े सभी आर्थिक पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहे हैं।

गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का यह मामला हाल के हफ्तों में तेजी से सामने आया है और जांच एजेंसियां आरोपी की संपत्तियों व वित्तीय गतिविधियों की व्यापक समीक्षा कर रही हैं।

पड़ोसी की प्रतिक्रिया

आरोपी लवकुश मिश्रा के पड़ोसी राजकुमार पांडेय ने बताया कि जबसे राम मंदिर चढ़ावे में गड़बड़ी का मामला सामने आया है, तब से इलाके में इसे लेकर काफी चर्चा है। उन्होंने कहा कि मकान बनने के दौरान ही लवकुश मिश्रा से उनकी सामान्य पहचान हुई थी।

पांडेय ने कहा, 'बगल में मकान बन रहा था, इसलिए पहचान हो गई। दो-चार बार ही मुलाकात हुई होगी। शाम के समय कभी-कभी अभिवादन हो जाता था, बस इतना ही संबंध था।' उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति को देखकर उसके स्वभाव या गतिविधियों का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

आरोपों पर पड़ोसी का रुख

लवकुश मिश्रा पर लगे आरोपों के बारे में राजकुमार पांडेय ने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

पांडेय ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और इसके निर्माण के लिए लोगों ने वर्षों तक प्रतीक्षा की। उनके शब्दों में, 'यदि मंदिर से जुड़े दान में किसी प्रकार की हेराफेरी हुई है तो यह बेहद दुखद और निंदनीय है।'

जांच का दायरा और आगे की राह

जांच एजेंसियां अब आरोपी की संपत्ति के दस्तावेज, निर्माण सामग्री की खरीद और भुगतान के रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। यह जांच ऐसे समय में तेज हुई है जब राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता की मांग जोर पकड़ रही है। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग स्थानीय स्तर पर भी उठ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि मंदिर ट्रस्ट की आंतरिक लेखापरीक्षा प्रणाली इतने समय तक इस कथित गड़बड़ी को क्यों नहीं पकड़ पाई।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा घोटाले में लवकुश मिश्रा पर क्या आरोप हैं?
लवकुश मिश्रा पर अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के रूप में आए दान में कथित हेराफेरी का आरोप है। जांच एजेंसियां उनकी संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही हैं।
लवकुश मिश्रा का मकान जांच के दायरे में क्यों आया?
अयोध्या के शहादतगंज में स्थित उनका दोमंजिला मकान महज 3-4 महीने में तैयार हो गया, जिससे जांच एजेंसियों को इसके निर्माण में लगे धन के स्रोत पर संदेह हुआ। अधिकारी अब संपत्ति के दस्तावेजों और भुगतान रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर क्या कहा है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि राम मंदिर चढ़ावे में हेराफेरी के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह बयान पड़ोसी राजकुमार पांडेय ने भी दोहराया।
आरोपी के पड़ोसियों की इस मामले पर क्या राय है?
पड़ोसी राजकुमार पांडेय ने कहा कि लवकुश मिश्रा से उनका संबंध केवल सामान्य अभिवादन तक सीमित था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में आरोप सही साबित हों तो दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावे की जांच में अब तक क्या हुआ है?
जांच एजेंसियां आरोपी लवकुश मिश्रा की संपत्ति, उससे जुड़े दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन की गहन पड़ताल कर रही हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि मकान निर्माण में इस्तेमाल धन का स्रोत क्या था और उसका कथित घोटाले से संबंध है या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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