राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपी के दादा का दावा, परिवार को मिला घर ध्वस्त करने का एक सप्ताह का नोटिस
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा के परिजनों ने 3 जुलाई को दावा किया कि प्रशासन ने उनके मकान को ध्वस्त करने के लिए एक सप्ताह का नोटिस थमाया है। आरोपी के दादा जगदंबा प्रसाद मिश्रा ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि बिना पर्याप्त अवसर दिए घर तोड़ना न्यायसंगत नहीं है।
नोटिस और नक्शे का विवाद
जगदंबा प्रसाद मिश्रा के अनुसार, अधिकारियों ने मकान का स्वीकृत नक्शा प्रस्तुत करने को कहा है। उन्होंने बताया कि यह नक्शा ठेकेदार के पास है, जो फिलहाल उपलब्ध नहीं है, और ठेकेदार के लौटते ही दस्तावेज अधिकारियों को सौंप दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'सिर्फ नोटिस देकर हमारा घर कैसे गिराया जा सकता है? हमारे मकान का नक्शा बना हुआ है और स्वीकृत भी है। जमीन के कुछ दस्तावेज भले पूरे न हुए हों, लेकिन मकान का नक्शा वैध है।'
बुलडोजर पहुंचने का दावा
जगदंबा प्रसाद मिश्रा ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि बुलडोजर मौके पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा, 'अगर उनके पास ताकत है तो घर गिरा दें, वे कुछ भी कर सकते हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी दस्तावेज की कमी है तो उसे पूरा करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए और उसके बाद ही कोई कार्रवाई होनी चाहिए।
एसआईटी जांच से पहले कार्रवाई पर सवाल
मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट आने और अदालत में आरोप साबित होने से पहले किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि वह जिला मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर ध्वस्तीकरण रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। फिलहाल उन्होंने अदालत जाने की आवश्यकता नहीं बताई।
दूसरे आरोपी के परिवार का पक्ष
मामले के एक अन्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की भाभी साधना मिश्रा ने पुलिस की बरामदगी पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि घर से बरामद नकदी मंदिर से नहीं, बल्कि निजी कैमरा संचालन व्यवसाय से अर्जित की गई थी। साधना मिश्रा ने यह भी कहा कि पिछले तीन वर्षों से टिन्नू यादव उनके घर पर नहीं रह रहे थे और उनसे कोई संपर्क नहीं था।
बड़े नामों की संलिप्तता का संकेत
साधना मिश्रा ने स्वीकार किया कि राम मंदिर में चढ़ावे के गबन का मामला सामने आया है, लेकिन टिन्नू यादव पर लगाए गए आरोपों को उन्होंने गलत बताया। उनका कहना था कि इस पूरे मामले में 'बड़े नाम' भी शामिल हो सकते हैं और जांच में सच्चाई सामने आनी चाहिए। यह मामला ऐसे समय में सुर्खियों में है जब एसआईटी की जांच अभी जारी है और अदालत में आरोप तय होने बाकी हैं।