3 जुलाई 2026
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपी के दादा का दावा, परिवार को मिला घर ध्वस्त करने का एक सप्ताह का नोटिस

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपी के दादा का दावा, परिवार को मिला घर ध्वस्त करने का एक सप्ताह का नोटिस

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा के दादा का दावा है कि प्रशासन ने घर गिराने का एक हफ्ते का नोटिस दिया है और बुलडोजर मौके पर पहुंच चुका है। एसआईटी जांच अभी जारी है और परिवार डीएम से मिलकर कार्रवाई रोकने की कोशिश करेगा।

मुख्य बातें

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी लवकुश मिश्रा के दादा जगदंबा प्रसाद मिश्रा ने 3 जुलाई को दावा किया कि परिवार को मकान ध्वस्त करने का एक सप्ताह का नोटिस मिला है।
अधिकारियों ने स्वीकृत नक्शा मांगा है; परिवार का कहना है कि नक्शा ठेकेदार के पास है और शीघ्र प्रस्तुत किया जाएगा।
परिवार ने दावा किया कि बुलडोजर मौके पर पहुंच चुका है; जगदंबा प्रसाद मिश्रा जिला मजिस्ट्रेट से मिलकर कार्रवाई रोकने का प्रयास करेंगे।
दूसरे आरोपी टिन्नू यादव की भाभी साधना मिश्रा ने बरामद नकदी को निजी कैमरा व्यवसाय की कमाई बताया और आरोपों को गलत कहा।
परिवार का तर्क है कि एसआईटी रिपोर्ट और अदालत में आरोप साबित होने से पहले दंडात्मक कार्रवाई उचित नहीं।

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा के परिजनों ने 3 जुलाई को दावा किया कि प्रशासन ने उनके मकान को ध्वस्त करने के लिए एक सप्ताह का नोटिस थमाया है। आरोपी के दादा जगदंबा प्रसाद मिश्रा ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि बिना पर्याप्त अवसर दिए घर तोड़ना न्यायसंगत नहीं है।

नोटिस और नक्शे का विवाद

जगदंबा प्रसाद मिश्रा के अनुसार, अधिकारियों ने मकान का स्वीकृत नक्शा प्रस्तुत करने को कहा है। उन्होंने बताया कि यह नक्शा ठेकेदार के पास है, जो फिलहाल उपलब्ध नहीं है, और ठेकेदार के लौटते ही दस्तावेज अधिकारियों को सौंप दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'सिर्फ नोटिस देकर हमारा घर कैसे गिराया जा सकता है? हमारे मकान का नक्शा बना हुआ है और स्वीकृत भी है। जमीन के कुछ दस्तावेज भले पूरे न हुए हों, लेकिन मकान का नक्शा वैध है।'

बुलडोजर पहुंचने का दावा

जगदंबा प्रसाद मिश्रा ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि बुलडोजर मौके पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा, 'अगर उनके पास ताकत है तो घर गिरा दें, वे कुछ भी कर सकते हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी दस्तावेज की कमी है तो उसे पूरा करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए और उसके बाद ही कोई कार्रवाई होनी चाहिए।

एसआईटी जांच से पहले कार्रवाई पर सवाल

मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट आने और अदालत में आरोप साबित होने से पहले किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि वह जिला मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर ध्वस्तीकरण रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। फिलहाल उन्होंने अदालत जाने की आवश्यकता नहीं बताई।

दूसरे आरोपी के परिवार का पक्ष

मामले के एक अन्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की भाभी साधना मिश्रा ने पुलिस की बरामदगी पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि घर से बरामद नकदी मंदिर से नहीं, बल्कि निजी कैमरा संचालन व्यवसाय से अर्जित की गई थी। साधना मिश्रा ने यह भी कहा कि पिछले तीन वर्षों से टिन्नू यादव उनके घर पर नहीं रह रहे थे और उनसे कोई संपर्क नहीं था।

बड़े नामों की संलिप्तता का संकेत

साधना मिश्रा ने स्वीकार किया कि राम मंदिर में चढ़ावे के गबन का मामला सामने आया है, लेकिन टिन्नू यादव पर लगाए गए आरोपों को उन्होंने गलत बताया। उनका कहना था कि इस पूरे मामले में 'बड़े नाम' भी शामिल हो सकते हैं और जांच में सच्चाई सामने आनी चाहिए। यह मामला ऐसे समय में सुर्खियों में है जब एसआईटी की जांच अभी जारी है और अदालत में आरोप तय होने बाकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस मामले में अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला क्या है?
यह अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और धन के कथित गबन से जुड़ा मामला है, जिसमें लवकुश मिश्रा और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी जांच जारी है।
लवकुश मिश्रा के परिवार को ध्वस्तीकरण नोटिस क्यों मिला?
परिवार के अनुसार, प्रशासन ने मकान का स्वीकृत नक्शा न होने का हवाला देते हुए एक सप्ताह में नक्शा पेश न होने पर मकान गिराने की चेतावनी दी है। हालांकि, परिवार का दावा है कि नक्शा वैध और स्वीकृत है, और ठेकेदार के पास उपलब्ध है।
जगदंबा प्रसाद मिश्रा ध्वस्तीकरण रोकने के लिए क्या कदम उठाएंगे?
उन्होंने कहा कि वह जिला मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर बुलडोजर कार्रवाई रोकने का प्रयास करेंगे। फिलहाल उन्होंने अदालत जाने की आवश्यकता नहीं बताई है।
टिन्नू यादव की भाभी ने बरामदगी पर क्या कहा?
साधना मिश्रा ने दावा किया कि घर से बरामद नकदी मंदिर के चढ़ावे से नहीं, बल्कि निजी कैमरा संचालन व्यवसाय से अर्जित थी। उन्होंने यह भी कहा कि टिन्नू यादव पिछले तीन वर्षों से उनके घर नहीं रह रहे थे।
क्या एसआईटी जांच से पहले ध्वस्तीकरण कार्रवाई उचित है?
परिवार का तर्क है कि एसआईटी रिपोर्ट आने और अदालत में आरोप साबित होने से पहले दंडात्मक कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय भी इससे पहले यह स्पष्ट कर चुका है कि आरोपी होना अकेले ध्वस्तीकरण का आधार नहीं हो सकता।
राष्ट्र प्रेस
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