7 जुलाई 2026
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: बृजभूषण शरण सिंह बोले — 'जांच रिपोर्ट आने तक बयानबाजी बंद करें'

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: बृजभूषण शरण सिंह बोले — 'जांच रिपोर्ट आने तक बयानबाजी बंद करें'

सारांश

अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मामला गहराता जा रहा है — 8 गिरफ्तार, ₹80 लाख से अधिक बरामद, ट्रस्ट के दो पदाधिकारियों के इस्तीफे। BJP नेता बृजभूषण शरण सिंह ने सभी पक्षों से जांच पूरी होने तक चुप रहने की अपील की है, लेकिन उनके पुराने 'संकट में आ जाएंगे' वाले बयान ने सवाल और गहरे कर दिए हैं।

मुख्य बातें

अयोध्या पुलिस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक 8 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के पास से ₹80 लाख से अधिक की नकदी और आभूषण बरामद किए गए हैं।
6 जुलाई को ट्रस्ट बैठक के बाद दो पदाधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार किए गए।
BJP नेता बृजभूषण शरण सिंह ने साधु-संतों सहित सभी से जांच रिपोर्ट आने तक बयानबाजी बंद रखने की अपील की।
विपक्ष — विशेषकर कांग्रेस — का आरोप है कि बड़े लोगों को बचाया जा रहा है और जांच निष्पक्ष नहीं है।

अयोध्या के राम मंदिर में हुई कथित चढ़ावा चोरी के मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह ने 7 जुलाई को अपील की कि जब तक जांच पूरी न हो, किसी को भी इस विषय पर सार्वजनिक बयानबाजी से बचना चाहिए। अयोध्या पुलिस अब तक आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है और आरोपियों के पास से ₹80 लाख से अधिक की नकदी व आभूषण बरामद किए गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

6 जुलाई को हुई श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के बाद दो पदाधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। जांच एजेंसियों ने आरोपियों के पास से बरामद नकदी और गहनों की जांच जारी रखी है। मंदिर प्रबंधन की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

बृजभूषण शरण सिंह का रुख

बृजभूषण शरण सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिन लोगों का इस मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है, वे भी अनावश्यक बयान दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, 'मामले की जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट आने दीजिए — अगर उसमें कोई खामी नजर आती है तो हम जरूर बोलेंगे।' उन्होंने अयोध्या के साधु-संतों से भी अनुरोध किया कि वे इस विषय पर अधिक बयानबाजी न करें।

पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने संक्षेप में कहा, 'ये लोग कमजोर नहीं हैं। मैं अधिक नहीं बोलूंगा।' गौरतलब है कि इससे पहले उन्होंने कहा था कि यदि वह पूरी सच्चाई बोलेंगे तो 'संकट में आ जाएंगे' — इस बयान ने राजनीतिक हलकों में अटकलों को हवा दी थी।

सरकार और ट्रस्ट की प्रतिक्रिया

बृजभूषण शरण सिंह के अनुसार, इस मामले को राज्य सरकार, केंद्र सरकार और ट्रस्ट — तीनों ने गंभीरता से लिया है। जांच की प्राथमिक जिम्मेदारी अयोध्या पुलिस के पास है और प्रक्रिया जारी है।

विपक्ष का हमला

इस पूरे प्रकरण को लेकर विपक्षी दल लगातार BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साध रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस मामले में बड़े लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है और जांच निष्पक्ष नहीं है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के कई नेता इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर चुके हैं।

आगे क्या

जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की दिशा स्पष्ट होगी। ट्रस्ट की ओर से चढ़ावा प्रबंधन की व्यवस्था में सुधार की संभावना भी जताई जा रही है। यह मामला धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही के व्यापक सवाल खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, में चढ़ावे की चोरी केवल आपराधिक मामला नहीं — यह संस्थागत विश्वास का संकट है। जांच की जिम्मेदारी उसी राज्य पुलिस पर है जो सत्तारूढ़ दल के प्रति जवाबदेह है; ऐसे में विपक्ष की निष्पक्षता पर उठाई आपत्ति को सिरे से खारिज करना कठिन है। जब तक जांच में स्वतंत्र निगरानी तंत्र नहीं होगा, तब तक 'प्रतीक्षा करें' का संदेश संदेह को और गहरा ही करेगा।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए धन और आभूषणों की कथित चोरी का यह मामला है। अयोध्या पुलिस ने अब तक 8 मंदिर कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है और ₹80 लाख से अधिक की नकदी व गहने बरामद किए हैं।
बृजभूषण शरण सिंह ने इस मामले पर क्या कहा?
BJP नेता बृजभूषण शरण सिंह ने 7 जुलाई को अपील की कि जांच रिपोर्ट आने तक सभी पक्षों को बयानबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने अयोध्या के साधु-संतों से भी यही अनुरोध किया। इससे पहले उन्होंने कहा था कि 'पूरी सच्चाई बोलने पर संकट में आ जाएंगे', जिससे राजनीतिक अटकलें तेज हुई थीं।
राम मंदिर ट्रस्ट ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
6 जुलाई को हुई श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में दो पदाधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार किए गए। ट्रस्ट ने मामले को गंभीरता से लेने की बात कही है, हालांकि चढ़ावा प्रबंधन में सुधार की विस्तृत योजना अभी सामने नहीं आई है।
विपक्ष इस मामले पर क्या आरोप लगा रहा है?
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों का आरोप है कि इस मामले में बड़े लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है और जांच निष्पक्ष नहीं है। कांग्रेस के कई नेता इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
इस मामले की जांच कौन कर रहा है और आगे क्या होगा?
मामले की जांच अयोध्या पुलिस कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले की दिशा स्पष्ट होगी। राज्य सरकार, केंद्र सरकार और ट्रस्ट — तीनों ने मामले को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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