4 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर चंदा चोरी मामला: बृजभूषण शरण सिंह बोले — 'पहले दिन से खेल चल रहा था'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर चंदा चोरी मामला: बृजभूषण शरण सिंह बोले — 'पहले दिन से खेल चल रहा था'

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बृजभूषण शरण सिंह का बयान — 'पहले दिन से खेल चल रहा था' — राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ गया है। 8 गिरफ्तारियां, ₹80 लाख से अधिक बरामदगी और ट्रस्ट पदाधिकारियों के इस्तीफे की अटकलों के बीच यह मामला अब सियासी भूचाल बन चुका है।

मुख्य बातें

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि राम मंदिर में 'पहले दिन से खेल चल रहा था' और इसीलिए वे आज तक राम जन्मभूमि दर्शन नहीं गए।
उन्होंने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के एफआईआर वाले बयान पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया देने से इनकार किया।
मामले में अब तक 8 कर्मचारी गिरफ्तार ; आरोपियों के पास से ₹80 लाख से अधिक नकदी और आभूषण बरामद।
ट्रस्ट पदाधिकारी चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबरों ने विवाद को और गहरा किया।
विपक्ष का आरोप — 'बड़े लोगों को बचाया जा रहा है'; BJP ने आरोपों का खंडन किया।

भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 4 जुलाई को अयोध्या में राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले पर एक बार फिर रहस्यमय टिप्पणी करते हुए कहा कि 'पहले दिन से खेल चल रहा था' और इसीलिए वे आज तक राम जन्मभूमि दर्शन करने नहीं गए। कैसरगंज (गोंडा) से पूर्व सांसद ने विस्तृत प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए कहा कि इस विषय पर वे पहले ही अपनी बात कह चुके हैं।

बृजभूषण का बयान: 'चार साल पहले बोल चुका हूं'

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, 'इस मुद्दे पर जब कोई नहीं बोला था संसार में, चार साल पहले बोल चुका हूं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राम मंदिर ट्रस्ट की हालिया बैठक से जुड़े सवाल उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आते। उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इससे पहले वे कह चुके हैं कि यदि पूरी सच्चाई बोलेंगे तो 'संकट में आ जाएंगे।'

दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया से इनकार

जब उनसे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई — जिसमें दिग्विजय सिंह ने कहा था कि वे भी राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर एफआईआर दर्ज कराएंगे क्योंकि उनका भी चढ़ावा चोरी हुआ है — तो बृजभूषण शरण सिंह ने कोई विस्तृत जवाब देने से साफ इनकार कर दिया। उनके इस मौन ने मामले को और पेचीदा बना दिया है।

जांच में अब तक क्या हुआ

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों ने आरोपियों के पास से ₹80 लाख से अधिक की नकदी और आभूषण बरामद किए हैं। जांच के दौरान मंदिर प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। इसी बीच, ट्रस्ट से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबरों ने विवाद को और हवा दे दी है।

विपक्ष और भाजपा की प्रतिक्रिया

विपक्षी दल इस पूरे प्रकरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर लगातार हमलावर हैं। विपक्ष का आरोप है कि कथित चढ़ावा चोरी मामले में 'बड़े लोगों' को बचाने की कोशिश की जा रही है और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही। वहीं, BJP की ओर से इन आरोपों का लगातार खंडन किया जाता रहा है।

आगे क्या

यह मामला ऐसे समय में और उलझता दिख रहा है जब ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों के इस्तीफे की अटकलें जारी हैं और जांच एजेंसियां अभी भी सक्रिय हैं। बृजभूषण शरण सिंह के बार-बार के अधूरे बयान राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठाते रहेंगे कि आखिर वे 'पूरी सच्चाई' से क्यों बच रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक बड़ा सवाल खड़ा करता है — यदि यह जानकारी इतने समय से थी, तो इसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? उनका बार-बार 'पूरी सच्चाई' से बचना और 'संकट में आ जाऊंगा' जैसे संकेत देना यह दर्शाता है कि मामला सिर्फ कुछ कर्मचारियों की चोरी से कहीं अधिक गहरा हो सकता है। ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे की अटकलें और जांच में मंदिर प्रबंधन पर उठते सवाल संकेत देते हैं कि जवाबदेही की परीक्षा अभी बाकी है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे की कथित चोरी का मामला है। जांच में अब तक 8 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है और ₹80 लाख से अधिक नकदी व आभूषण बरामद किए गए हैं।
बृजभूषण शरण सिंह ने इस मामले पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि इस विषय पर वे 'चार साल पहले' ही बोल चुके हैं और 'पहले दिन से खेल चल रहा था।' इसीलिए वे आज तक राम जन्मभूमि दर्शन करने नहीं गए। विस्तृत टिप्पणी से उन्होंने इनकार किया।
दिग्विजय सिंह ने इस मामले में एफआईआर की बात क्यों कही?
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनका भी चढ़ावा चोरी हुआ है, इसलिए वे एफआईआर दर्ज कराएंगे। यह बयान विपक्ष के उस व्यापक आरोप का हिस्सा है जिसमें कहा जा रहा है कि मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हो रही।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबरें क्यों चर्चा में हैं?
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबरों ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है। इससे ट्रस्ट के आंतरिक कामकाज और प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं।
इस मामले में विपक्ष और BJP की क्या स्थिति है?
विपक्षी दलों का आरोप है कि कथित चढ़ावा चोरी में 'बड़े लोगों' को बचाया जा रहा है और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही। BJP ने इन सभी आरोपों का खंडन किया है और जांच जारी रहने की बात कही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 घंटे पहले
  2. 8 घंटे पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 5 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 2 सप्ताह पहले