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तेलंगाना में डिजिटल गवर्नेंस समिति गठित, 100 दिनों में रिपोर्ट देगी; रेवंत रेड्डी का बड़ा निर्देश

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तेलंगाना में डिजिटल गवर्नेंस समिति गठित, 100 दिनों में रिपोर्ट देगी; रेवंत रेड्डी का बड़ा निर्देश

सारांश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने डिजिटल गवर्नेंस को संस्थागत रूप देने के लिए बहु-विभागीय समिति गठित करने का आदेश दिया है — जो 100 दिनों में रिपोर्ट देगी। साथ ही, वेतन में देरी करने वाली एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई और हर माह की पहली तारीख को वेतन सुनिश्चित करने का निर्देश भी जारी किया गया।

मुख्य बातें

रेवंत रेड्डी ने 7 जुलाई 2026 को डिजिटल गवर्नेंस के लिए बहु-विभागीय समिति गठित करने का निर्देश दिया।
समिति को 100 दिनों के भीतर सिफारिशें और रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
अधिकारियों को डिजिटल गवर्नेंस के लिए योजना और आवश्यक कानून का मसौदा तैयार करने का आदेश दिया गया।
संविदा, आउटसोर्सिंग और नियमित कर्मचारियों के समस्त डेटा के पूर्ण डिजिटलीकरण का निर्देश।
वेतन भुगतान में देरी करने वाली एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रत्येक माह की पहली तारीख को वेतन सुनिश्चित करने का आदेश।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक आधिकारिक समिति गठित करने का निर्देश दिया। इस समिति को 100 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करनी होंगी। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, यह कदम प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाने के व्यापक उद्देश्य का हिस्सा है।

मुख्य घटनाक्रम

उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने डिजिटल गवर्नेंस के कार्यान्वयन का विस्तृत ब्यौरा माँगा। उन्होंने अधिकारियों को न केवल इसके लिए ठोस योजनाएँ तैयार करने, बल्कि आवश्यक कानूनी ढाँचे का मसौदा भी तैयार करने का स्पष्ट निर्देश दिया। गठित की जाने वाली समिति में अनेक विभागों के अधिकारी शामिल होंगे जो इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

डिजिटलीकरण का दायरा

CMO के अनुसार, मुख्यमंत्री ने संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के साथ-साथ नियमित सरकारी कर्मचारियों से जुड़े समस्त डेटा के पूर्ण डिजिटलीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कर्मचारियों का वेतन प्रत्येक माह की पहली तारीख को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के विलंबित वेतन को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।

एजेंसियों पर सख्ती का निर्देश

बैठक में रेवंत रेड्डी ने अनुबंध और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी के मुद्दे को गंभीरता से उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो एजेंसियाँ सरकार द्वारा धनराशि जारी किए जाने के बाद भी कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं देतीं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश सरकारी लक्ष्यों के अनुरूप कार्य न करने वाली एजेंसियों पर जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण संकेत है।

आम जनता पर असर

राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से जनता को बेहतर और त्वरित सेवाएँ उपलब्ध कराना है। पूर्णतः डिजिटलीकृत प्रशासनिक व्यवस्था से कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिचौलियों के बिना सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुँचने की उम्मीद है। गौरतलब है कि तेलंगाना पहले भी तकनीक-आधारित शासन में अग्रणी राज्यों में गिना जाता रहा है।

क्या होगा आगे

गठित समिति अगले 100 दिनों में अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर राज्य में डिजिटल गवर्नेंस के लिए विधायी और प्रशासनिक ढाँचा तैयार किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल की सफलता काफी हद तक समिति की सिफारिशों की गुणवत्ता और उनके क्रियान्वयन की गति पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'समिति गठन' और 'वास्तविक बदलाव' के बीच की खाई भारतीय राज्य-प्रशासन में पुरानी समस्या रही है। असली परीक्षा यह होगी कि 100 दिनों में आने वाली रिपोर्ट केवल दस्तावेज़ी कवायद बनती है या उसके आधार पर ठोस विधायी और प्रशासनिक ढाँचा खड़ा होता है। वेतन विलंब पर एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश स्वागतयोग्य है, किंतु इसके क्रियान्वयन की निगरानी के लिए स्वतंत्र तंत्र की अनुपस्थिति एक उल्लेखनीय कमी है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना की डिजिटल गवर्नेंस समिति क्या है?
यह मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के निर्देश पर गठित की जाने वाली बहु-विभागीय समिति है, जो राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को लागू करने के लिए सिफारिशें और आवश्यक कानून का मसौदा तैयार करेगी। इसे 100 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
डिजिटल गवर्नेंस से तेलंगाना के आम नागरिकों को क्या फायदा होगा?
राज्य सरकार के अनुसार, डिजिटल गवर्नेंस से कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिचौलियों के बिना सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुँचेगा और सरकारी सेवाएँ अधिक पारदर्शी व त्वरित होंगी।
तेलंगाना में संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार द्वारा धनराशि जारी होने के बाद भी वेतन में देरी करने वाली एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, सभी कर्मचारियों का वेतन प्रत्येक माह की पहली तारीख को सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।
डिजिटल गवर्नेंस समिति कब तक रिपोर्ट देगी?
समिति को गठन के 100 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशें और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा जाएगा।
तेलंगाना सरकार डिजिटल गवर्नेंस के लिए क्या कदम उठाएगी?
सरकार डिजिटल गवर्नेंस के लिए योजनाएँ बनाने, आवश्यक कानून का मसौदा तैयार करने और संविदा-नियमित सभी कर्मचारियों के डेटा का पूर्ण डिजिटलीकरण करने की दिशा में काम करेगी। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी बहु-विभागीय समिति करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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