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जनगणना 2027: तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने स्व-गणना पोर्टल पर दर्ज कराया अपना विवरण

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जनगणना 2027: तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने स्व-गणना पोर्टल पर दर्ज कराया अपना विवरण

सारांश

तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी ने जनगणना 2027 की स्व-गणना प्रक्रिया में हिस्सा लेकर नागरिकों को प्रेरित किया। 26 अप्रैल से 10 मई तक चलने वाला यह डिजिटल चरण भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना का हिस्सा है, जिसमें जाति गणना भी शामिल है।

मुख्य बातें

रेवंत रेड्डी ने 26 अप्रैल को जनगणना 2027 के आधिकारिक पोर्टल पर स्व-गणना विवरण दर्ज किया।
स्व-गणना का डिजिटल चरण 26 अप्रैल से 10 मई तक कोर अर्बन रीजन (सीयूआरई) में चलेगा।
पोर्टल में 33 प्रश्न हैं, प्रक्रिया 15-20 मिनट में पूरी होती है और किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं।
विवरण जमा करने पर स्व-गणना आईडी (SE ID) मिलेगी, जो सत्यापन के दौरान अनिवार्य है।
गृह सूचीकरण अभियान (एचएलओ) 11 मई से 9 जून तक चलेगा।
जनगणना 2027 भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है और इसमें जाति गणना भी शामिल है।

हैदराबाद, 26 अप्रैल: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रविवार, 26 अप्रैल को जनगणना 2027 के स्व-गणना चरण में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने आधिकारिक वेब पोर्टल पर अपना व्यक्तिगत और पारिवारिक विवरण ऑनलाइन दर्ज कर इस ऐतिहासिक डिजिटल प्रक्रिया की शुरुआत का संकेत दिया। यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है और तेलंगाना के लिए एक अलग राज्य के रूप में पहली जनगणना भी है।

स्व-गणना प्रक्रिया और अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर तेलंगाना की जनगणना संचालन निदेशक भारती होलिकेरी, ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के आयुक्त आरवी कर्णन, संयुक्त प्रधान जनगणना अधिकारी प्रियंका अला, सूचना एवं जनसंपर्क आयुक्त चेक्का प्रियंका सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

जनगणना अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को स्व-गणना की कार्यप्रणाली, उसके महत्व और सटीक डेटा संग्रह में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कोर अर्बन रीजन में स्व-गणना की शुरुआत

तेलंगाना के कोर अर्बन रीजन (सीयूआरई) में स्व-गणना का डिजिटल चरण 26 अप्रैल से आरंभ हुआ और यह 10 मई तक जारी रहेगा। इस प्रक्रिया के अंतर्गत ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी), साइबराबाद नगर निगम और मलकाजगिरि नगर निगम को एक एकीकृत जनगणना इकाई के रूप में शामिल किया गया है।

इन 15 दिनों के दौरान, निवासी स्वेच्छा से आधिकारिक पोर्टल के जरिए अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। पोर्टल प्रतिदिन सुबह 6 बजे से मध्यरात्रि 12 बजे तक उपलब्ध रहेगा।

पोर्टल की विशेषताएं और प्रक्रिया

जनगणना संचालन निदेशक भारती होलिकेरी के अनुसार, पोर्टल में आवास, सुविधाओं और संपत्तियों से संबंधित 33 प्रश्न शामिल हैं। इस प्रक्रिया को पूरा करने में मात्र 15 से 20 मिनट का समय लगने का अनुमान है और किसी भी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है।

विवरण जमा करने के बाद परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (एसई आईडी) प्रदान की जाएगी, जिसे बाद में गणनाकर्ताओं के सत्यापन के दौरान अनिवार्य रूप से साझा करना होगा। सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेगा।

जागरूकता अभियान और गृह सूचीकरण

जीएचएमसी इस दौरान 'स्व-गणना महोत्सव — 15 दिन' नामक एक विशेष जागरूकता अभियान चलाएगा, जिसकी थीम है — 'स्वयं करें, गणनाकर्ता का इंतजार न करें'। यह अभियान नागरिकों को डिजिटल माध्यम से जनगणना में सहभागिता के लिए प्रोत्साहित करेगा।

ऑनलाइन चरण की समाप्ति के बाद 11 मई से 9 जून तक गृह सूचीकरण अभियान (एचएलओ) चलाया जाएगा, जिसमें घर-घर जाकर सर्वेक्षण और दीवारों पर चिह्न लगाने का कार्य शामिल होगा।

ऐतिहासिक महत्व और व्यापक संदर्भ

जनगणना 2027 कई मायनों में अभूतपूर्व है — यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी और इसमें जाति गणना भी शामिल की जाएगी। गौरतलब है कि 2011 के बाद से भारत में कोई जनगणना नहीं हुई है, जिससे नीति-निर्माण, बजट आवंटन और कल्याणकारी योजनाओं की लक्षित डिलीवरी पर गहरा असर पड़ा है।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें, क्योंकि जनगणना के आंकड़े राज्य के विकास, बुनियादी ढांचे और संसाधन आवंटन की योजनाओं की नींव होते हैं।

आने वाले हफ्तों में गृह सूचीकरण अभियान के परिणाम और नागरिकों की भागीदारी दर यह तय करेगी कि तेलंगाना डिजिटल जनगणना में देश के अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन पाता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती डिजिटल डिवाइड की है — जहां शहरी हैदराबाद में पोर्टल आसानी से चलेगा, वहीं ग्रामीण और वंचित तबके तक यह सुविधा कैसे पहुंचेगी, यह सवाल अनुत्तरित है। जाति जनगणना का समावेश इस बार की प्रक्रिया को राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बनाता है, क्योंकि इसके आंकड़े भविष्य के आरक्षण और नीतिगत फैसलों की दिशा तय करेंगे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनगणना 2027 की स्व-गणना प्रक्रिया क्या है और इसमें कैसे भाग लें?
जनगणना 2027 की स्व-गणना प्रक्रिया में नागरिक आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसमें 33 प्रश्न हैं, कोई दस्तावेज नहीं चाहिए और 15-20 मिनट में प्रक्रिया पूरी होती है।
तेलंगाना में जनगणना 2027 स्व-गणना कब से कब तक चलेगी?
तेलंगाना के कोर अर्बन रीजन में स्व-गणना का डिजिटल चरण 26 अप्रैल से 10 मई 2025 तक चलेगा। इसके बाद 11 मई से 9 जून तक घर-घर सर्वेक्षण यानी गृह सूचीकरण अभियान चलाया जाएगा।
स्व-गणना आईडी (SE ID) क्या होती है और यह क्यों जरूरी है?
ऑनलाइन विवरण जमा करने के बाद परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (SE ID) दी जाती है। यह आईडी बाद में गणनाकर्ताओं द्वारा किए जाने वाले सत्यापन के दौरान अनिवार्य रूप से साझा करनी होती है।
जनगणना 2027 भारत की पिछली जनगणनाओं से अलग क्यों है?
जनगणना 2027 भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है। इसमें पहली बार जाति गणना भी शामिल की गई है और 2011 के बाद यह पहली जनगणना है, जो नीति-निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जनगणना स्व-गणना पोर्टल के लिए हेल्पलाइन नंबर क्या है?
जनगणना स्व-गणना पोर्टल पर किसी भी सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 पर संपर्क किया जा सकता है। यह हेल्पलाइन प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहती है।
राष्ट्र प्रेस
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