मध्य प्रदेश में भीषण लू का कहर: खजुराहो-रतलाम में 45°C, 27 अप्रैल से गरज-बारिश का अलर्ट
सारांश
Key Takeaways
- खजुराहो और रतलाम में तापमान 45°C तक पहुंचा, भोपाल में सीजन की रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव दर्ज।
- IMD भोपाल ने 27 से 30 अप्रैल 2025 तक 30+ जिलों में गरज-चमक, बारिश और 40-50 km/h तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया।
- रीवा, सीधी, मऊगंज में 27 अप्रैल को सबसे पहले तूफानी मौसम; 30 अप्रैल तक भोपाल, ग्वालियर, सागर तक पहुंचने का अनुमान।
- नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूल 30 अप्रैल तक बंद, जिला शिक्षा अधिकारी का आदेश।
- इंदौर और उज्जैन में रात के समय भी तापमान असहनीय रहने की चेतावनी।
- पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और दक्षिणी हवाओं में व्यवधान — तीन वायुमंडलीय कारण एक साथ सक्रिय।
भोपाल, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में इस समय भीषण लू और हीटवेव का प्रकोप चरम पर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), भोपाल ने अप्रैल के अंतिम सप्ताह के लिए एक विस्तृत मौसम रिपोर्ट जारी करते हुए बताया है कि 27 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 के बीच राज्य के 30 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी आने की प्रबल संभावना है। फिलहाल खजुराहो और रतलाम में पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।
वायुमंडलीय सिस्टम: क्यों बिगड़ा मध्य प्रदेश का मौसम?
IMD के नवीनतम विश्लेषण के अनुसार, इस समय कई वायुमंडलीय प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। पूर्व दिशा की ओर बढ़ता एक पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड तथा मध्य मध्य प्रदेश में कई चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।
इसके साथ ही कर्नाटक से कोमोरिन (कन्याकुमारी) क्षेत्र तक फैली हवाओं की निरंतरता में व्यवधान ने पूरे राज्य में अस्थिर मौसम की स्थिति उत्पन्न कर दी है। यही वजह है कि एक ओर भीषण गर्मी है तो दूसरी ओर तूफान की आशंका बनी हुई है।
किन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट?
मौसम विशेषज्ञों ने 27 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच भोपाल, विदिशा, शिवपुरी, शाजापुर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर कलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
विशेष रूप से 27 अप्रैल तक रीवा, मऊगंज और सीधी जैसे क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, बिजली गिरने और गरज के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। 30 अप्रैल तक ये तूफानी परिस्थितियां भोपाल, ग्वालियर और सागर तक फैलने का अनुमान है।
हीटवेव का कहर: इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
भोपाल, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, अलीराजपुर, झाबुआ, देवास, शाजापुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, शहडोल और उमरिया जिलों में अभी भी तीव्र गर्मी की स्थिति बरकरार है। भोपाल में भी इस सीजन की रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव दर्ज की गई है।
इंदौर और उज्जैन के निवासियों को विशेष रूप से गर्म रातों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है, जहां सूर्यास्त के बाद भी तापमान असहनीय स्तर पर बना रहेगा। यह स्थिति शहरी हीट आइलैंड प्रभाव को और गहरा कर रही है।
स्कूल बंद, सरकार की तैयारी
बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने नर्सरी से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए 30 अप्रैल तक स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में मध्य प्रदेश में अप्रैल-मई के दौरान लू से होने वाली मौतों की संख्या में वृद्धि देखी गई है, जिसने प्रशासन को इस बार पहले से ही सतर्क कर दिया है।
नागरिकों और किसानों के लिए जरूरी सलाह
IMD और स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने की सलाह दी है। बिजली गिरने के दौरान घर के भीतर रहें, सभी खिड़की-दरवाजे बंद रखें और पेड़ों व बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें।
कृषि समुदाय के लिए विभाग ने मिट्टी की नमी बनाए रखने हेतु बार-बार हल्की सिंचाई करने की सिफारिश की है। दिन के सबसे गर्म समय में उर्वरकों या कीटनाशकों का छिड़काव न करें। पशुओं को हवादार आश्रयों में रखें और उन्हें दिन में कई बार साफ पानी उपलब्ध कराएं।
जलवायु विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की एक साथ हीटवेव और तूफानी गतिविधि का संयोजन जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का संकेत है। मध्य भारत में प्री-मानसून मौसम पहले से कहीं अधिक अनिश्चित और चरम होता जा रहा है।
आगामी दिनों में मौसम विभाग की ओर से और अपडेट जारी होने की उम्मीद है। राज्य के नागरिकों को सलाह है कि वे IMD के आधिकारिक पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।