4 अगस्त 2026
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तेलंगाना मंत्रिमंडल डिजिटल हुआ: रेवंत रेड्डी ने लागू की पेपरलेस कैबिनेट प्रणाली, मंत्रियों को टैबलेट वितरित

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तेलंगाना मंत्रिमंडल डिजिटल हुआ: रेवंत रेड्डी ने लागू की पेपरलेस कैबिनेट प्रणाली, मंत्रियों को टैबलेट वितरित

सारांश

तेलंगाना का मंत्रिमंडल अब पूरी तरह डिजिटल — रेवंत रेड्डी सरकार ने पेपरलेस कैबिनेट प्रणाली लागू करते हुए सभी मंत्रियों को टैबलेट सौंपे। आंध्र प्रदेश के दो वर्ष बाद उठाया यह कदम तेलंगाना के प्रशासनिक आधुनिकीकरण की दिशा में एक नई शुरुआत है।

मुख्य बातें

18 जून 2026 को हैदराबाद में मुख्यमंत्री ए.
रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में तेलंगाना डिजिटल कैबिनेट प्रणाली को मंजूरी दी गई।
श्रीधर बाबू ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और सभी मंत्रियों को विशेष टैबलेट वितरित किए।
अब मंत्रिमंडल बैठक का एजेंडा और दस्तावेज टैबलेट के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे — कागज का उपयोग पूरी तरह समाप्त।
तेलंगाना ने यह कदम पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के 28 अगस्त 2024 को ई-कैबिनेट लागू करने के करीब दो वर्ष बाद उठाया।
नए ई-कैबिनेट एप्लिकेशन में पूर्ण डिजिटल कार्यप्रवाह और कई नई सुविधाएँ शामिल हैं।

तेलंगाना सरकार ने 18 जून 2026 को राज्य मंत्रिमंडल की बैठकों को पूरी तरह पेपरलेस बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया। हैदराबाद में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित विशेष मंत्रिमंडल बैठक में तेलंगाना डिजिटल कैबिनेट प्रणाली को औपचारिक रूप से मंजूरी दी गई। इस निर्णय के साथ तेलंगाना उन गिने-चुने राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने सरकारी कामकाज में डिजिटल परिवर्तन को संस्थागत स्तर पर अपनाया है।

टैबलेट वितरण और प्रणाली का शुभारंभ

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और समस्त मंत्रियों को विशेष रूप से तैयार किए गए टैबलेट वितरित किए। मुख्यमंत्री ने स्वयं डिजिटल कैबिनेट प्रणाली के संचालन का निरीक्षण किया और इसके कार्यप्रवाह की समीक्षा की।

नई व्यवस्था के अंतर्गत मंत्रिमंडल बैठक का एजेंडा, नीति-प्रस्ताव और अन्य आवश्यक दस्तावेज अब इन टैबलेट के माध्यम से मंत्रियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, ई-कैबिनेट एप्लिकेशन मंत्रियों को कहीं से भी और किसी भी समय संबंधित सूचनाओं और दस्तावेजों तक ऑनलाइन पहुँच देगा।

बैठक की विशेष संरचना

गुरुवार की इस विशेष बैठक में मुख्य सचिवों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित नहीं किया गया था। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

आंध्र प्रदेश से तुलना और ऐतिहासिक संदर्भ

तेलंगाना का यह कदम पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के लगभग दो वर्ष बाद आया है। आंध्र प्रदेश सरकार ने 28 अगस्त 2024 को मंत्रिपरिषद की बैठकों को पूरी तरह डिजिटल करते हुए ई-कैबिनेट प्रणाली लागू की थी, जिसमें मंत्रियों को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), नई दिल्ली द्वारा विकसित ई-कैबिनेट एप्लिकेशन से युक्त आईपैड प्रदान किए गए थे।

गौरतलब है कि 2014 से 2019 के बीच तेलुगु देशम पार्टी (TDP) सरकार के कार्यकाल में आंध्र प्रदेश में भी ई-कैबिनेट बैठकों की परंपरा रही थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य के विभाजन के बाद मुख्यमंत्री बनने के करीब 100 दिन बाद 2014 में ई-कैबिनेट बैठकों की शुरुआत की थी। हालाँकि, बाद में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) सरकार ने इस व्यवस्था को बंद कर दिया था।

पर्यावरण और प्रशासनिक लाभ

अधिकारियों के अनुसार पेपरलेस व्यवस्था न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि प्रशासनिक कार्यकुशलता और पारदर्शिता को भी बढ़ाती है। इस बार के ई-कैबिनेट एप्लिकेशन में कई नई सुविधाएँ और पूर्ण डिजिटल कार्यप्रवाह शामिल किया गया है, जो पिछले संस्करणों से अधिक व्यापक बताया जा रहा है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें डिजिटल गवर्नेंस को प्राथमिकता दे रही हैं। तेलंगाना की यह पहल राज्य के प्रशासनिक ढाँचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा टैबलेट वितरण से आगे है — क्या यह प्रणाली नियमित उपयोग में टिकाऊ साबित होगी? आंध्र प्रदेश में YSRCP सरकार द्वारा TDP की ई-कैबिनेट व्यवस्था को बंद करने का उदाहरण बताता है कि ऐसी पहलें राजनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भर करती हैं, तकनीक पर नहीं। डिजिटल गवर्नेंस का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब पेपरलेस प्रणाली निर्णय-प्रक्रिया की गति और जवाबदेही को मापने योग्य रूप से बेहतर बनाए — केवल कागज की बचत तक सीमित न रहे।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना डिजिटल कैबिनेट प्रणाली क्या है?
यह तेलंगाना सरकार की वह व्यवस्था है जिसके तहत मंत्रिमंडल की बैठकें अब पूरी तरह पेपरलेस होंगी। मंत्रियों को विशेष टैबलेट दिए गए हैं, जिनके माध्यम से बैठक का एजेंडा और सभी दस्तावेज डिजिटल रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे।
तेलंगाना में डिजिटल कैबिनेट प्रणाली कब लागू हुई?
18 जून 2026 को हैदराबाद में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित विशेष मंत्रिमंडल बैठक में इस प्रणाली को औपचारिक मंजूरी दी गई और उसी दिन टैबलेट वितरित किए गए।
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की ई-कैबिनेट प्रणाली में क्या अंतर है?
आंध्र प्रदेश ने 28 अगस्त 2024 को NIC, नई दिल्ली द्वारा विकसित ई-कैबिनेट एप्लिकेशन से युक्त आईपैड मंत्रियों को दिए थे। तेलंगाना ने लगभग दो वर्ष बाद यह कदम उठाया है और इस बार के एप्लिकेशन में कई नई सुविधाएँ और पूर्ण डिजिटल कार्यप्रवाह शामिल बताया जा रहा है।
पेपरलेस कैबिनेट प्रणाली से क्या फायदे होंगे?
अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था प्रशासनिक कार्यकुशलता, पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी। मंत्री कहीं से भी और कभी भी आवश्यक दस्तावेजों तक ऑनलाइन पहुँच सकेंगे।
क्या पहले भी तेलुगु राज्यों में ई-कैबिनेट की कोशिश हुई है?
हाँ, 2014 से 2019 के बीच TDP सरकार के दौरान आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य विभाजन के करीब 100 दिन बाद ई-कैबिनेट बैठकें शुरू की थीं। बाद में YSRCP सरकार ने इस व्यवस्था को बंद कर दिया था।
राष्ट्र प्रेस
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