तेलंगाना मंत्रिमंडल डिजिटल हुआ: रेवंत रेड्डी ने लागू की पेपरलेस कैबिनेट प्रणाली, मंत्रियों को टैबलेट वितरित
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना सरकार ने 18 जून 2026 को राज्य मंत्रिमंडल की बैठकों को पूरी तरह पेपरलेस बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया। हैदराबाद में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित विशेष मंत्रिमंडल बैठक में तेलंगाना डिजिटल कैबिनेट प्रणाली को औपचारिक रूप से मंजूरी दी गई। इस निर्णय के साथ तेलंगाना उन गिने-चुने राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने सरकारी कामकाज में डिजिटल परिवर्तन को संस्थागत स्तर पर अपनाया है।
टैबलेट वितरण और प्रणाली का शुभारंभ
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और समस्त मंत्रियों को विशेष रूप से तैयार किए गए टैबलेट वितरित किए। मुख्यमंत्री ने स्वयं डिजिटल कैबिनेट प्रणाली के संचालन का निरीक्षण किया और इसके कार्यप्रवाह की समीक्षा की।
नई व्यवस्था के अंतर्गत मंत्रिमंडल बैठक का एजेंडा, नीति-प्रस्ताव और अन्य आवश्यक दस्तावेज अब इन टैबलेट के माध्यम से मंत्रियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, ई-कैबिनेट एप्लिकेशन मंत्रियों को कहीं से भी और किसी भी समय संबंधित सूचनाओं और दस्तावेजों तक ऑनलाइन पहुँच देगा।
बैठक की विशेष संरचना
गुरुवार की इस विशेष बैठक में मुख्य सचिवों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित नहीं किया गया था। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
आंध्र प्रदेश से तुलना और ऐतिहासिक संदर्भ
तेलंगाना का यह कदम पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के लगभग दो वर्ष बाद आया है। आंध्र प्रदेश सरकार ने 28 अगस्त 2024 को मंत्रिपरिषद की बैठकों को पूरी तरह डिजिटल करते हुए ई-कैबिनेट प्रणाली लागू की थी, जिसमें मंत्रियों को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), नई दिल्ली द्वारा विकसित ई-कैबिनेट एप्लिकेशन से युक्त आईपैड प्रदान किए गए थे।
गौरतलब है कि 2014 से 2019 के बीच तेलुगु देशम पार्टी (TDP) सरकार के कार्यकाल में आंध्र प्रदेश में भी ई-कैबिनेट बैठकों की परंपरा रही थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य के विभाजन के बाद मुख्यमंत्री बनने के करीब 100 दिन बाद 2014 में ई-कैबिनेट बैठकों की शुरुआत की थी। हालाँकि, बाद में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) सरकार ने इस व्यवस्था को बंद कर दिया था।
पर्यावरण और प्रशासनिक लाभ
अधिकारियों के अनुसार पेपरलेस व्यवस्था न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि प्रशासनिक कार्यकुशलता और पारदर्शिता को भी बढ़ाती है। इस बार के ई-कैबिनेट एप्लिकेशन में कई नई सुविधाएँ और पूर्ण डिजिटल कार्यप्रवाह शामिल किया गया है, जो पिछले संस्करणों से अधिक व्यापक बताया जा रहा है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें डिजिटल गवर्नेंस को प्राथमिकता दे रही हैं। तेलंगाना की यह पहल राज्य के प्रशासनिक ढाँचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकती है।