तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी की सरकारी कर्मचारियों से अपील: रोज़ एक घंटा अतिरिक्त काम करें, राजस्व बढ़ाएँ
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार, 25 जून को हैदराबाद में राज्य सरकार के समस्त कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे प्रतिदिन एक घंटा अतिरिक्त काम करें, ताकि राज्य का राजस्व बढ़ाया जा सके और कल्याणकारी योजनाओं का सुचारु क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। यह अपील उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को दुर्घटना बीमा कवरेज देने के लिए बैंकों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर के बाद आयोजित बैठक में की।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि कर्मचारियों का विश्वास ही सरकार की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ राजस्व सीधे कर्मचारियों के कल्याण पर खर्च किया जाएगा और राज्य की प्रतिष्ठा अर्जित करना भी कर्मचारियों के हाथों में है। उन्होंने सभी से तेलंगाना को देश का नंबर एक राज्य बनाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
रेवंत रेड्डी ने यह भी रेखांकित किया कि राजस्व वृद्धि के लिए अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना और भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करना अनिवार्य है। सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और राज्य में निवेश आकर्षित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
बीमा कवरेज: सरकार की प्रतिबद्धता
बैठक का तात्कालिक कारण था — राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों, आउटसोर्सिंग और संविदा श्रमिकों को दुर्घटना बीमा कवरेज देने के लिए बैंकों के साथ MoU पर हस्ताक्षर। इससे पहले, सिंगारेनी खदानों में दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले 45 श्रमिकों के परिवारों को ₹1 करोड़ का बीमा भुगतान सौंपा गया था। इसी अनुभव से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया कि अचानक निधन होने वाले किसी भी कर्मचारी के परिवार को आर्थिक सहायता मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बीमा योजना कठिन समय में कर्मचारियों के परिवारों को साहस और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी।
पूर्ववर्ती सरकार पर कड़ी आलोचना
रेवंत रेड्डी ने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) की अगुवाई वाली भारत राष्ट्र समिति (BRS) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व अधिशेष वाले तेलंगाना राज्य को मात्र 10 वर्षों में ₹8.11 लाख करोड़ के कर्ज में डुबो दिया गया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि BRS शासनकाल में कर्मचारियों को महीने की पहली तारीख को वेतन नहीं मिलता था, जबकि उनकी सरकार तमाम चुनौतियों के बावजूद समय पर वेतन सुनिश्चित कर रही है।
आम जनता और कर्मचारियों पर असर
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले 30 महीनों में उन्होंने एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली और दिल्ली की यात्राएँ केवल राज्य के हितों की रक्षा के लिए की हैं। उन्होंने कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे अपनी माँगें और शिकायतें सीधे उनके संज्ञान में लाएँ।
सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य 2047 तक तेलंगाना को 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने में कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी को अपरिहार्य बताया गया है।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना सरकार राजकोषीय दबाव के बीच कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि अतिरिक्त कार्य की यह अपील कानूनी बाध्यता नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत अपील है। अब देखना होगा कि कर्मचारी संगठन इस पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या राजस्व वृद्धि के ठोस उपाय भी इसके साथ आते हैं।