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रेवंत रेड्डी ने खड़गे से की डेढ़ घंटे की मुलाकात, तेलंगाना की राजनीतिक स्थिति और कर्मचारी स्वास्थ्य योजना पर चर्चा

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रेवंत रेड्डी ने खड़गे से की डेढ़ घंटे की मुलाकात, तेलंगाना की राजनीतिक स्थिति और कर्मचारी स्वास्थ्य योजना पर चर्चा

सारांश

तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद में AICC अध्यक्ष खड़गे से डेढ़ घंटे की अहम बैठक की — राज्य की राजनीति और सरकारी योजनाओं पर चर्चा हुई। साथ ही, 17.07 लाख कर्मचारियों-पेंशनभोगियों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने वाली ₹1,056 करोड़ की योजना लागू करने की तैयारी तेज है।

मुख्य बातें

CM रेवंत रेड्डी , उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और प्रदेश अध्यक्ष महेश गौड़ ने 31 मई को हैदराबाद में AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की।
बैठक डेढ़ घंटे चली; राज्य की राजनीतिक स्थिति और सरकारी योजनाओं पर चर्चा हुई।
तेलंगाना कांग्रेस प्रभारी मीनाक्षी नटराजन भी बैठक में उपस्थित रहीं।
कर्मचारी स्वास्थ्य योजना में 17.07 लाख लाभार्थी — 3.56 लाख कर्मचारी, 2.88 लाख पेंशनभोगी और उनके परिजन।
योजना का वार्षिक बजट ₹1,056 करोड़ ; 652 निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज, 1,998 चिकित्सा प्रक्रियाएं शामिल।
ट्रस्ट गठन की घोषणा सोमवार को संभावित; कर्मचारी मूल वेतन का 1.5% अंशदान देंगे।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष महेश गौड़ ने रविवार, 31 मई को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से हैदराबाद के शमशाबाद स्थित नोवोटेल होटल में मुलाकात की। पार्टी सूत्रों के अनुसार यह बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली, जिसमें राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और सरकार की विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक का संदर्भ और उपस्थित नेता

खड़गे नई दिल्ली से कर्नाटक के गुलबर्गा जाते समय हैदराबाद में रुके थे। इस बैठक में तेलंगाना कांग्रेस की प्रभारी मीनाक्षी नटराजन भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने इस मुलाकात को औपचारिक रूप से शिष्टाचार भेंट बताया, हालाँकि बैठक की अवधि और एजेंडे को देखते हुए पार्टी सूत्रों ने इसे अधिक महत्वपूर्ण बताया।

कर्मचारी स्वास्थ्य योजना: क्रियान्वयन की तैयारी

इसी बीच मुख्यमंत्री कार्यालय ने रविवार को जारी बयान में बताया कि रेवंत रेड्डी सोमवार को अधिकारियों के साथ कर्मचारी स्वास्थ्य योजना के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक करेंगे। यह योजना राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है।

राज्य मंत्रिमंडल ने इस योजना को 23 फरवरी को मंजूरी दी थी। इसके अंतर्गत 3.56 लाख सरकारी कर्मचारी, 2.88 लाख पेंशनभोगी और उनके आश्रित परिजन — कुल मिलाकर 17.07 लाख लाभार्थी — कवर किए जाएंगे।

ट्रस्ट की संरचना और बजट

यह योजना कर्मचारी स्वास्थ्य देखभाल ट्रस्ट के माध्यम से लागू की जाएगी, जिसमें कुल आठ सदस्य होंगे — छह कर्मचारी संगठनों और दो पेंशनभोगी संगठनों के प्रतिनिधि। ट्रस्ट का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) राज्य सरकार का एक अधिकारी होगा। इस समिति के गठन की घोषणा सोमवार को होने की संभावना है।

ट्रस्ट का वार्षिक बजट ₹1,056 करोड़ होगा, जिसमें ₹528 करोड़ कर्मचारियों के अंशदान से और ₹528 करोड़ राज्य सरकार की ओर से दिए जाएंगे। कर्मचारियों को अपने मूल वेतन का 1.5 प्रतिशत योगदान देना होगा।

कैशलेस इलाज और डिजिटल हेल्थ कार्ड

सरकार ने घोषणा की है कि सभी सरकारी अस्पतालों और 652 सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में पूरी तरह कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। योजना के तहत 1,998 चिकित्सा प्रक्रियाएं शामिल की गई हैं। वित्त विभाग ने सभी सरकारी विभागों को कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके परिजनों का विवरण एकत्र करने का निर्देश दिया है — यह जानकारी 31 मई तक अपलोड की जानी थी, जिसके आधार पर डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे।

आगे क्या होगा

सोमवार की समीक्षा बैठक में ट्रस्ट के गठन की आधिकारिक घोषणा संभावित है। योजना का सफल क्रियान्वयन तेलंगाना सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक कसौटी होगी, क्योंकि 17 लाख से अधिक लाभार्थियों को कैशलेस स्वास्थ्य सेवा देने का यह वादा 2023 के विधानसभा चुनाव के प्रमुख संकल्पों में से एक था।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आंतरिक समन्वय की ज़रूरत इतनी जल्दी महसूस होना राज्य नेतृत्व पर केंद्रीय नज़र का संकेत है। दूसरी ओर, कर्मचारी स्वास्थ्य योजना का क्रियान्वयन चुनावी वादे से ज़मीनी हकीकत तक की असली परीक्षा है — 17 लाख लाभार्थियों को कैशलेस सुविधा देना प्रशासनिक रूप से जटिल काम है, और ट्रस्ट के CEO की नियुक्ति तथा डिजिटल हेल्थ कार्ड की डेडलाइन पर अमल यह तय करेगा कि यह योजना वादा बनी रहती है या मिसाल।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेवंत रेड्डी और मल्लिकार्जुन खड़गे की बैठक में क्या चर्चा हुई?
पार्टी सूत्रों के अनुसार इस डेढ़ घंटे की बैठक में तेलंगाना की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया है।
तेलंगाना कर्मचारी स्वास्थ्य योजना क्या है और इसमें कौन शामिल होगा?
यह तेलंगाना सरकार की एक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है जिसे राज्य मंत्रिमंडल ने 23 फरवरी को मंजूरी दी थी। इसमें 3.56 लाख सरकारी कर्मचारी, 2.88 लाख पेंशनभोगी और उनके परिजन — कुल 17.07 लाख लाभार्थी — कवर किए जाएंगे।
तेलंगाना कर्मचारी स्वास्थ्य योजना का बजट और अंशदान कितना होगा?
योजना का वार्षिक बजट ₹1,056 करोड़ होगा — ₹528 करोड़ कर्मचारियों के अंशदान से और ₹528 करोड़ राज्य सरकार की ओर से। कर्मचारियों को अपने मूल वेतन का 1.5 प्रतिशत योगदान देना होगा।
कर्मचारी स्वास्थ्य योजना के तहत कैशलेस इलाज कहाँ मिलेगा?
सभी सरकारी अस्पतालों और 652 सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में पूरी तरह कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। योजना में 1,998 चिकित्सा प्रक्रियाएं शामिल की गई हैं और लाभार्थियों को डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे।
कर्मचारी स्वास्थ्य देखभाल ट्रस्ट का गठन कब होगा?
ट्रस्ट गठन की घोषणा सोमवार को होने की संभावना है। इसमें आठ सदस्य होंगे — छह कर्मचारी संगठनों और दो पेंशनभोगी संगठनों के प्रतिनिधि — और ट्रस्ट का CEO राज्य सरकार का एक अधिकारी होगा।
राष्ट्र प्रेस
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