नेतन्याहू ने अमेरिका दौरा रद्द किया, लिंडसे ग्राहम की स्मृति सभा स्थगित होने से बदला कार्यक्रम
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अगले सप्ताह अमेरिका की अपनी प्रस्तावित यात्रा पर नहीं जाएंगे। 16 जुलाई को उनके कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम की स्मृति सभा स्थगित होने के कारण यह यात्रा रद्द की गई है।
यात्रा क्यों रद्द हुई
नेतन्याहू के कार्यालय के अनुसार, वे शनिवार को अमेरिका रवाना होने और मंगलवार तक वहाँ रुकने वाले थे। इस दौरान उनका मुख्य उद्देश्य सीनेटर ग्राहम की स्मृति सभा में शामिल होना था। जैसे ही यह कार्यक्रम स्थगित हुआ, दौरे का आधार ही समाप्त हो गया।
लिंडसे ग्राहम कौन थे
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम इजरायल के प्रबल समर्थक और ईरान के मुखर आलोचक के रूप में जाने जाते थे। पिछले सप्ताह अचानक बीमार पड़ने के बाद उनका निधन हो गया था। नेतन्याहू ने उन्हें अपना 'करीबी मित्र' और अमेरिका-इजरायल गठबंधन का 'मजबूत स्तंभ' बताया था। उन्होंने इजरायल की सुरक्षा के प्रति ग्राहम की अटूट प्रतिबद्धता की भी सराहना की थी।
ट्रंप से मुलाकात की संभावना थी
रिपोर्टों के अनुसार, एक इजरायली अधिकारी के हवाले से यह भी सामने आया था कि नेतन्याहू इस दौरे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करना चाहते थे, हालाँकि दोनों नेताओं के बीच बैठक को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। यदि यह यात्रा होती, तो ईरान के खिलाफ संघर्ष शुरू होने के बाद यह नेतन्याहू की पहली अमेरिका यात्रा होती।
पिछली यात्रा और ईरान संदर्भ
नेतन्याहू की पिछली अमेरिका यात्रा फरवरी 2026 के मध्य में हुई थी। उसके कुछ ही दिनों बाद अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई की थी। उस बैठक के बाद ट्रंप ने कहा था कि वे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए किसी समझौते की संभावना अभी भी तलाश रहे हैं। यह बयान नेतन्याहू के साथ तीन घंटे की बैठक के बाद आया था, जिसमें माना गया था कि इजरायली प्रधानमंत्री ईरान के विरुद्ध और अधिक सख्त सैन्य कदम की माँग करेंगे।
आगे क्या
स्मृति सभा की नई तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। जैसे ही कार्यक्रम की तिथि तय होगी, नेतन्याहू की अमेरिका यात्रा का कार्यक्रम भी पुनः बन सकता है। इजरायल-ईरान तनाव और अमेरिका-इजरायल कूटनीतिक समन्वय के बीच यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।