राशिद इंजीनियर को कोर्ट की मंजूरी, तिहाड़ से मानसून सत्र में ले सकेंगे हिस्सा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने बारामूला के सांसद अब्दुल रशीद शेख उर्फ राशिद इंजीनियर को पुलिस हिरासत में रहते हुए 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले संसद के मानसून सत्र में भाग लेने की अनुमति दे दी है। यह सुनवाई 16 जुलाई को इन-कैमरा (बंद कमरे में) हुई। राशिद इंजीनियर फिलहाल आतंकी फंडिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
राशिद इंजीनियर 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामूला निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के उपाध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के मौजूदा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को 2 लाख से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया था — जो उस चुनाव के सबसे चर्चित परिणामों में से एक था। हालाँकि, चुनावी जीत के बाद से वे जेल में बंद हैं और अपने निर्वाचन क्षेत्र की सेवा करने में असमर्थ रहे हैं।
इस्तीफे का विचार और पार्टी का रुख
इससे पहले 21 जून को राशिद इंजीनियर ने घोषणा की थी कि वे लोकसभा से इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि जेल में रहते हुए वे अपने मतदाताओं की समस्याओं को प्रभावी ढंग से नहीं सुन पा रहे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उन्हें भारी बहुमत से चुना, उनकी सेवा न कर पाना उनके लिए पीड़ादायक है।
उनकी पार्टी अवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) ने तत्काल कोई निर्णय लेने के बजाय जमीनी स्तर से परामर्श करने का फैसला किया। AIP के मुख्य प्रवक्ता इनाम उन नबी द्वारा जारी बयान के अनुसार, पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति ने बारामूला संसदीय क्षेत्र के सभी 18 विधानसभा क्षेत्रों में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ दो दिवसीय परामर्श सत्र आयोजित करने का संकल्प लिया।
परामर्श प्रक्रिया और अगला कदम
यह परामर्श प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि AIP चाहती है कि इस्तीफे या बने रहने का अंतिम निर्णय पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता की राय के आधार पर हो। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक सरगर्मी तेज़ है और बारामूला सीट की नुमाइंदगी का सवाल स्थानीय स्तर पर संवेदनशील बना हुआ है।
कोर्ट के फैसले का महत्व
पटियाला हाउस कोर्ट की यह अनुमति संसदीय लोकतंत्र की दृष्टि से उल्लेखनीय है — एक विचाराधीन कैदी सांसद को अपने संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन का अवसर मिल रहा है। मानसून सत्र में उनकी उपस्थिति से बारामूला के मतदाताओं को संसद में प्रतिनिधित्व मिलेगा, भले ही वे हिरासत में हों। आगे की कार्यवाही और इस्तीफे पर अंतिम निर्णय AIP की परामर्श प्रक्रिया के बाद सामने आने की संभावना है।