बड़ा फैसला: राशिद इंजीनियर की अंतरिम जमानत याचिका पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज की

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बड़ा फैसला: राशिद इंजीनियर की अंतरिम जमानत याचिका पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज की

सारांश

पटियाला हाउस कोर्ट ने बारामूला सांसद राशिद इंजीनियर की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी। वेंटिलेटर पर भर्ती बीमार पिता से मिलने के लिए मांगी गई एक माह की जमानत को एनआईए के विरोध के बाद अदालत ने ठुकरा दिया। राशिद 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं।

Key Takeaways

  • पटियाला हाउस कोर्ट ने 25 अप्रैल 2025 को बारामूला सांसद राशिद इंजीनियर की अंतरिम जमानत याचिका खारिज की।
  • राशिद ने वेंटिलेटर पर भर्ती बीमार पिता से मिलने के लिए एक महीने की अंतरिम जमानत मांगी थी।
  • एनआईए ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया और केवल कस्टडी पैरोल देने की पेशकश की।
  • राशिद 2017 के टेरर फंडिंग मामले में UAPA के तहत गिरफ्तार हैं और 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं।
  • 2024 लोकसभा चुनाव में राशिद ने जेल से चुनाव लड़कर उमर अब्दुल्ला को 2 लाख से अधिक वोटों से हराया था।
  • अब राशिद के वकील दिल्ली हाईकोर्ट में राहत के लिए अर्जी दाखिल कर सकते हैं।

नई दिल्ली, 25 अप्रैल 2025 (राष्ट्र प्रेस)। पटियाला हाउस कोर्ट ने टेरर फंडिंग मामले में तिहाड़ जेल में बंद बारामूला के सांसद राशिद इंजीनियर की अंतरिम जमानत याचिका को शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025 को खारिज कर दिया। राशिद ने अस्पताल में वेंटिलेटर पर भर्ती अपने बीमार पिता से मिलने के लिए एक महीने की अंतरिम जमानत की मांग की थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस याचिका का पुरजोर विरोध करते हुए केवल कस्टडी पैरोल देने की पेशकश की थी।

क्या था पूरा मामला

राशिद इंजीनियर के वकील ने अदालत में दलील दी थी कि उनके मुवक्किल के पिता वेंटिलेटर पर हैं और ऐसे में उन्हें तत्काल अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए। वकील ने यह भी आरोप लगाया कि राशिद की गिरफ्तारी राजनीतिक प्रेरित है। उन्होंने तर्क दिया कि चुनाव के समय राशिद को अंतरिम जमानत मिल जाती है, लेकिन परिवार की आपात स्थिति में एनआईए विरोध कर रही है — यह विरोधाभास न्याय की भावना के विपरीत है।

एनआईए का रुख और कोर्ट का निर्णय

एनआईए ने अदालत में स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों को देखते हुए वह राशिद इंजीनियर को पूर्ण जमानत देने के पक्ष में नहीं है। जांच एजेंसी ने कहा कि कस्टडी पैरोल के जरिए राशिद अपने पिता और परिवार से मिल सकते हैं, जो उनके लिए पर्याप्त राहत है। पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को सभी पक्षों की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था और दो दिन बाद शुक्रवार को याचिका खारिज करने का आदेश सुनाया।

राशिद इंजीनियर को पहले मिली राहतें

यह पहला मौका नहीं है जब राशिद इंजीनियर की जमानत से जुड़ा कोई मामला चर्चा में आया हो। इससे पहले उन्हें संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए कस्टडी पैरोल दी गई थी। उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान के लिए भी कोर्ट ने उन्हें संसद जाने की अनुमति दी थी, हालांकि इसके लिए शर्त रखी गई थी कि यात्रा का खर्च राशिद स्वयं वहन करेंगे और इसके लिए एक हलफनामा देना होगा। यह खर्च तब चुकाना होगा जब दिल्ली हाईकोर्ट उनकी यात्रा व्यय से संबंधित लंबित अर्जी पर फैसला सुनाएगा।

राशिद इंजीनियर: पृष्ठभूमि और राजनीतिक सफर

राशिद इंजीनियर को एनआईए ने 2017 के आतंकी फंडिंग मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया था। वे 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं। इसके बावजूद 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने उत्तरी कश्मीर की बारामूला सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला को 2 लाख से अधिक वोटों के भारी अंतर से हराया था — यह जीत राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी थी।

व्यापक संदर्भ: UAPA और जमानत का पेचीदा सवाल

राशिद इंजीनियर का मामला UAPA के तहत जमानत की कठिनाइयों को रेखांकित करता है। इस कानून के तहत जमानत मिलना अत्यंत कठिन है क्योंकि अदालत को यह संतुष्टि होनी चाहिए कि आरोप प्रथम दृष्टया सत्य नहीं हैं। गौरतलब है कि UAPA के तहत बंद कई आरोपियों को वर्षों तक जमानत नहीं मिलती, जबकि मुकदमे की सुनवाई धीमी गति से चलती रहती है। यह मामला इस बात की भी याद दिलाता है कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि जेल में रहते हुए भी अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने को विवश है — जो संसदीय लोकतंत्र के लिए एक जटिल प्रश्न खड़ा करता है।

आने वाले दिनों में राशिद इंजीनियर के वकील दिल्ली हाईकोर्ट में नियमित जमानत या उच्च न्यायालय स्तर पर अंतरिम राहत के लिए अर्जी दाखिल कर सकते हैं। एनआईए बनाम राशिद इंजीनियर का यह मामला देश की न्यायपालिका, सुरक्षा एजेंसियों और राजनीतिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन की बहस को और गहरा करता जा रहा है।

Point of View

जनता ने उन्हें भारी बहुमत से चुना, फिर भी वे अपने बीमार पिता से नहीं मिल सकते। UAPA जैसे कड़े कानूनों की जरूरत राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए है, लेकिन जब चुनावी सुविधा के लिए पैरोल मिलती है और मानवीय आधार पर नहीं — तो यह विरोधाभास न्यायिक संवेदनशीलता पर सवाल उठाता है। यह मामला सिर्फ राशिद का नहीं — यह UAPA के तहत बंद सैकड़ों विचाराधीन कैदियों की कहानी है जहां जमानत अपवाद है, नियम नहीं।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

राशिद इंजीनियर की अंतरिम जमानत क्यों खारिज हुई?
पटियाला हाउस कोर्ट ने एनआईए के विरोध को देखते हुए राशिद इंजीनियर की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी। एनआईए ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कहा कि वह केवल कस्टडी पैरोल देने के लिए तैयार है।
राशिद इंजीनियर किस मामले में जेल में हैं?
राशिद इंजीनियर को एनआईए ने 2017 के आतंकी फंडिंग मामले में UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत गिरफ्तार किया था। वे 2019 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं।
कस्टडी पैरोल और अंतरिम जमानत में क्या फर्क है?
कस्टडी पैरोल में कैदी को पुलिस या जांच एजेंसी की निगरानी में किसी विशेष कार्य के लिए बाहर जाने की अनुमति मिलती है, जबकि अंतरिम जमानत में व्यक्ति अपेक्षाकृत स्वतंत्र रूप से बाहर रह सकता है। एनआईए ने राशिद के लिए केवल कस्टडी पैरोल की पेशकश की।
राशिद इंजीनियर को पहले कब-कब राहत मिली है?
राशिद इंजीनियर को संसद के बजट सत्र में भाग लेने और उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान के लिए कस्टडी पैरोल दी जा चुकी है। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए यात्रा खर्च स्वयं वहन करने की शर्त पर कोर्ट ने अनुमति दी थी।
2024 चुनाव में राशिद इंजीनियर का प्रदर्शन कैसा रहा?
राशिद इंजीनियर ने 2024 के लोकसभा चुनाव में जेल से ही चुनाव लड़ा और बारामूला सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला को 2 लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराया। यह जीत राजनीतिक रूप से बेहद चर्चित रही।
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