दक्षिण कोरिया में 14 वर्ष से कम बच्चों पर सोशल मीडिया बैन का प्रस्ताव, KMCC ने शुरू की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया का मीडिया नियामक कोरिया मीडिया एंड कम्युनिकेशंस कमीशन (KMCC) 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को सोशल मीडिया अकाउंट बनाने से रोकने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। किशोरों में सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच यह प्रस्ताव 16 जुलाई को सामने आया है।
मुख्य घटनाक्रम
KMCC के अध्यक्ष किम जोंग-चोल ने सोल स्थित चेओंग वा डे में आयोजित एक नीति ब्रीफिंग के दौरान कहा, 'हम चरणबद्ध तरीके से ऐसी योजना पर विचार कर रहे हैं, जिसके तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बनाने से रोका जाएगा। साथ ही, 14 से 19 वर्ष के किशोरों के लिए ऐसे डिज़ाइन और एल्गोरिदम के संपर्क को सीमित किया जाएगा, जो उन्हें सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में देश की राष्ट्रीय संसद में करीब सात विधेयक विचाराधीन हैं।
पुराने 'शटडाउन लॉ' का सबक
किम ने सावधानीपूर्वक कदम उठाने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए वर्ष 2011 में लागू 'शटडाउन लॉ' का उदाहरण दिया। इस कानून के तहत 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ऑनलाइन गेम खेलने पर प्रतिबंध था। बाद में इस कानून की आलोचना इस आधार पर हुई कि यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है और गेमिंग उद्योग को नुकसान पहुँचाता है। अंततः जनवरी 2022 में इसे समाप्त कर दिया गया। इस अनुभव को देखते हुए नियामक नए प्रस्ताव पर सतर्कता से आगे बढ़ना चाहता है।
वैश्विक संदर्भ: दुनिया भर में कस रहा शिकंजा
दक्षिण कोरिया का यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब कई देश बच्चों की सोशल मीडिया पहुँच सीमित करने के लिए कानूनी कदम उठा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रतिबंध लगाने वाला दुनिया का पहला देश बन चुका है। यूरोपीय संघ ने घोषणा की है कि वह गर्मियों के बाद बच्चों की सोशल मीडिया पहुँच सीमित करने के लिए नया कानून पेश करेगा। इससे पहले जून में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा करते हुए कहा था कि सोशल मीडिया ब्रिटेन के बच्चों को 'असुरक्षित' बना रहा है और सरकार ने उपलब्ध साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद यह फैसला लिया है।
आम जनता और किशोरों पर असर
यदि यह प्रस्ताव कानूनी रूप लेता है, तो 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नए अकाउंट नहीं बना सकेंगे। 14 से 19 वर्ष के किशोरों के लिए एल्गोरिदम-संचालित सामग्री की पहुँच सीमित की जाएगी, जो उन्हें अत्यधिक उपयोग की ओर धकेलती है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि व्यावहारिक क्रियान्वयन और मौलिक अधिकारों के संतुलन पर विस्तृत बहस अभी बाकी है।
क्या होगा आगे
फिलहाल KMCC इस प्रस्ताव पर हितधारकों से परामर्श कर रहा है। संसद में विचाराधीन सात विधेयकों में से किसी एक को आधार बनाकर विधायी प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है। यह देखना होगा कि दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया के मॉडल का अनुसरण करता है या अपना अलग ढाँचा तैयार करता है।