फीफा वर्ल्ड कप 2026: सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से हार के बाद बेलिंगहम बोले — 'काश एक-दो और जीत दिला पाता'
सारांश
मुख्य बातें
जूड बेलिंगहम ने 16 जुलाई 2026 को अटलांटा में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना के हाथों इंग्लैंड की हार के बाद गहरी निराशा जताई और देशवासियों से माफी माँगी। 23 वर्षीय इस मिडफील्डर को उम्मीद थी कि वे उस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा बनेंगे जो 1966 के बाद पहली बार इंग्लैंड को विश्व कप दिलाती।
मैच का घटनाक्रम
अटलांटा स्टेडियम में बुधवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) खेले गए इस सेमीफाइनल में एंथनी गॉर्डन ने 55वें मिनट में गोल दागकर इंग्लैंड को बढ़त दिला दी थी। उस वक्त ऐसा लग रहा था कि 'थ्री लायंस' छह दशकों के खिताबी सूखे को समाप्त करने के करीब पहुँच गई है।
हालाँकि मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने मैच के अंतिम क्षणों में जबरदस्त वापसी की। एंजो फर्नांडीज ने 85वें मिनट में बराबरी का गोल किया और फिर स्टॉपेज टाइम में लौटारो मार्टिनेज ने 90+2वें मिनट में विजयी गोल दागकर अर्जेंटीना को फाइनल में पहुँचा दिया।
बेलिंगहम की प्रतिक्रिया
मैच के बाद बीबीसी से बात करते हुए भावुक बेलिंगहम ने कहा, 'मुझे लगता है कि हम इससे बहुत कुछ सीख सकते हैं, लेकिन यह बहुत दुखद है। मैं इंग्लैंड की उस टीम का हिस्सा बनना चाहता था जो आखिरकार जीत हासिल करे और कामयाबी पाए। यहाँ आकर फैंस को वही बातें बताना जो वे वर्षों से सुनते आ रहे हैं, सच में बहुत दुखद है।'
उन्होंने फाइनल की उम्मीद लेकर आए इंग्लैंड के समर्थकों से सीधे माफी माँगते हुए कहा, 'काश मैं एक या दो और जीत दिला पाता, लेकिन अभी निराशा के कारण मेरा दिमाग थोड़ा सुन्न हो गया है, इसलिए मैं माफी चाहता हूँ।'
टूर्नामेंट में बेलिंगहम का प्रदर्शन
इंग्लैंड के बाहर होने के बावजूद, बेलिंगहम का समग्र टूर्नामेंट प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। थॉमस ट्यूशेल की टीम के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में रहे इस मिडफील्डर ने पूरे टूर्नामेंट में 7 गोल दागे। इनमें राउंड ऑफ 16 में मैक्सिको के खिलाफ 2 गोल और क्वार्टर-फाइनल में नॉर्वे के खिलाफ 2 गोल शामिल हैं।
इंग्लैंड का नॉकआउट सफर
नॉकआउट चरण में इंग्लैंड ने डीआर कांगो, मैक्सिको और नॉर्वे को हराकर सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था। गौरतलब है कि यह 1966 के बाद इंग्लैंड का फीफा वर्ल्ड कप में सबसे बेहतरीन अभियान था, लेकिन अर्जेंटीना की देर से हुई वापसी ने 60 साल के खिताबी इंतजार को एक बार फिर लंबा कर दिया।
आगे क्या
अब 'थ्री लायंस' तीसरे स्थान के लिए होने वाले प्ले-ऑफ में फ्रांस से भिड़ेंगी। यह मुकाबला इंग्लैंड के लिए टूर्नामेंट की कड़वाहट को थोड़ा कम करने का अवसर होगा।