टूचेल का फीफा वर्ल्ड कप 2026 सेमीफाइनल पर बयान: 'बढ़त के बाद गेंद पर नियंत्रण खोया, अर्जेंटीना से 1-2 की हार'
सारांश
मुख्य बातें
इंग्लैंड के हेड कोच थॉमस टूचेल ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना के हाथों 1-2 से मिली हार के बाद गहरी निराशा जताई। 16 जुलाई को अटलांटा में खेले गए इस निर्णायक मुकाबले में इंग्लैंड ने बढ़त बनाई, लेकिन अंतिम सात मिनटों में अर्जेंटीना की जबरदस्त वापसी के सामने टिक नहीं सका। इस हार के साथ इंग्लैंड का फाइनल का सपना टूट गया।
मैच का घटनाक्रम
एंथनी गॉर्डन के दूसरे हाफ में किए गोल की बदौलत इंग्लैंड ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली थी। लेकिन 85वें मिनट में एंजो फर्नांडीज ने बराबरी का गोल दागा और इंजरी टाइम में लाउतारो मार्टिनेज ने विजयी गोल करते हुए अर्जेंटीना को 2-1 से जीत दिला दी। इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बना ली।
टूचेल का विश्लेषण
मैच के बाद टूचेल ने स्वीकार किया कि बढ़त मिलने के बाद टीम जरूरत से ज्यादा रक्षात्मक हो गई। उन्होंने कहा, 'हम जीत के बहुत करीब थे, लेकिन बढ़त मिलने के बाद हम जरूरत से ज्यादा रक्षात्मक हो गए। हमने गेंद पर अपना नियंत्रण नहीं बनाए रखा और विपक्ष को कई क्रॉस, शॉट और गोल करने के मौके दे दिए।' उन्होंने बताया कि टीम ने डिफेंस को मजबूत करने के लिए पाँच डिफेंडरों के साथ खेलने की रणनीति अपनाई, लेकिन यह कारगर नहीं रही।
कोच के अनुसार मैच के बीच के हिस्से में काफी जगह खाली रह रही थी और अर्जेंटीना हवाई गेंदों व क्रॉस के जरिए लगातार दबाव बनाता रहा। टूचेल ने कहा, 'अर्जेंटीना के खिलाड़ियों का लगभग हर हेडर सटीक बैठ रहा था और वह लगातार हमारे बॉक्स में गेंद भेज रहे थे। हमने बीच के गैप को बंद करने और डिफेंस को मजबूत करने की कोशिश की, लेकिन हम गेंद अपने पास नहीं रख पाए। अगर आपके पास गेंद नहीं होगी तो दबाव से निकलना मुश्किल हो जाता है।'
सब्स्टिट्यूशन और रणनीतिक फैसले
टूचेल ने बताया कि उस समय उन्हें नहीं लगा कि सब्स्टिट्यूशन से मैच का रुख बदल सकता है। उनका मानना था कि मैदान पर मौजूद खिलाड़ी ही स्थिति संभाल सकते हैं, लेकिन अंतिम मिनटों में बढ़त को बरकरार रखना संभव नहीं हो सका। यह ऐसे समय में आया जब टीम पूरे टूर्नामेंट में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के करीब थी।
खिलाड़ियों की तारीफ और टूर्नामेंट का संघर्ष
हार के बावजूद टूचेल ने अपनी टीम के जज्बे और मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा, 'खिलाड़ियों ने अपना सब कुछ मैदान पर झोंक दिया। हम 1-0 की बढ़त के हकदार थे और पूरे टूर्नामेंट में यह हमारा सबसे अच्छा प्रदर्शन था। जीत नहीं मिली, पर खिलाड़ियों की मेहनत और जज्बे पर मुझे गर्व है।' गौरतलब है कि इंग्लैंड ने इस टूर्नामेंट में लंबी यात्राएँ कीं, ऊँचाई वाले मैदानों पर खेला, गर्म मौसम में मुकाबले किए और एक मैच में 10 खिलाड़ियों के साथ भी चुनौती का सामना किया।
आगे क्या
इंग्लैंड अब शनिवार को तीसरे स्थान के प्लेऑफ मुकाबले में फ्रांस से भिड़ेगा। यदि इंग्लैंड यह मुकाबला जीतता है, तो वह पिछले 60 वर्षों में विश्व कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज करेगा। वहीं अर्जेंटीना रविवार को न्यू जर्सी में होने वाले फाइनल में स्पेन से टकराएगा।