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तेलंगाना: 2034 तक 1 करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनाने का लक्ष्य, सीएम रेवंत रेड्डी ने किए बड़े ऐलान

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तेलंगाना: 2034 तक 1 करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनाने का लक्ष्य, सीएम रेवंत रेड्डी ने किए बड़े ऐलान

सारांश

तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी का दांव सिर्फ कल्याण नहीं, बल्कि व्यापारिक भागीदारी है — बसें, सौर संयंत्र, सुपर बाजार और चावल मिलें। 2034 तक 1 करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनाने का यह लक्ष्य राज्य की महिला-नेतृत्व वाली अर्थव्यवस्था की नई परिकल्पना पेश करता है।

मुख्य बातें

तेलंगाना सरकार का लक्ष्य 2034 तक 1 करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनाना है।
महिला SHG को बैंक-लिंकेज लोन सीमा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख की जाएगी।
राज्यभर में 8,000 इंदिरा गांधी स्त्री शक्ति भवनों की आधारशिला वर्चुअल माध्यम से रखी गई।
महिला SHG के स्वामित्व वाली 553 बसें 5 जून को परेड ग्राउंड, हैदराबाद से रवाना होंगी।
सरकार ने महिला समूहों को ₹60,472 करोड़ का बैंक-लिंकेज लोन और ₹1,390 करोड़ ब्याज मुक्त ऋण दिया है।
महिला SHG के ज़रिए 1,000 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र और 'महिला शक्ति सुपर बाजार' स्थापित करने की योजना।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार, 25 मई 2026 को हैदराबाद में महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की और कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 2034 तक 1 करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनाना है। यह घोषणा तेलंगाना सरकार की महिला-केंद्रित नीतियों की श्रृंखला में एक और बड़ा कदम है।

मुख्य घोषणाएँ

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने ऐलान किया कि महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को दिए जाने वाले बैंक-लिंकेज लोन की सीमा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख की जाएगी। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से राज्यभर में 8,000 इंदिरा गांधी स्त्री शक्ति भवनों की आधारशिला भी रखी।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि महिला स्वयं सहायता समूहों के स्वामित्व वाली 553 बसों को 5 जून को परेड ग्राउंड से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इससे पहले, महिला SHG के माध्यम से 1,000 बसों की खरीद और उन्हें आरटीसी को पट्टे पर देने की योजना लागू की जा चुकी है।

वित्तीय सहयोग और उपलब्धियाँ

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने महिला समूहों के लिए ₹60,472 करोड़ के बैंक-लिंकेज लोन की सुविधा प्रदान की है। इसके अलावा, ब्याज मुक्त ऋण योजनाओं के तहत ₹1,390 करोड़ पहले ही वितरित किए जा चुके हैं।

गौरतलब है कि सरकार ने पदभार संभालने के दो दिनों के भीतर ही आरटीसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा शुरू की थी, और इस योजना के तहत अब तक आरटीसी को ₹10,000 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।

आर्थिक विस्तार की योजनाएँ

सीएम रेवंत रेड्डी ने महिला समूहों को छोटे पैमाने की आजीविका गतिविधियों से आगे बढ़कर बड़े व्यवसायों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। मंडल (ब्लॉक) स्तर पर चावल मिलें, गोदाम और लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने की योजना शुरू की गई है।

कॉर्पोरेट रिटेल चेन की तर्ज पर 'महिला शक्ति सुपर बाजार' स्थापित करने की भी योजना है। सरकार शहरी क्षेत्रों में इन सुपर बाजारों के लिए रियायती दरों पर भूमि पट्टे पर देगी और स्वयं एक हितधारक के रूप में काम करेगी। इस पहल का उद्देश्य किसानों, महिला समूहों और उपभोक्ताओं — तीनों को एक साझा मंच पर जोड़ना है।

इसके अतिरिक्त, महिला SHG के माध्यम से 1,000 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने और पेट्रोल पंप व्यवसाय में भी महिला समूहों को भागीदार बनाने की घोषणा की गई।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख नेता

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, मंत्री सीताक्का, श्रीधर बाबू और पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, राज्यसभा सदस्य वेम नरेंद्र रेड्डी, सरकारी सलाहकार हरकारा वेणुगोपाल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में महिला आर्थिक सशक्तिकरण की नीतियाँ चुनावी एजेंडे का केंद्र बन रही हैं। तेलंगाना सरकार का यह रोडमैप आने वाले वर्षों में किस हद तक ज़मीनी बदलाव ला पाता है, यह देखना अहम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन '1 करोड़ करोड़पति' जैसा लक्ष्य तब तक एक राजनीतिक नारा ही रहेगा जब तक इसके लिए कोई सत्यापन-योग्य मापदंड न हो। ₹60,472 करोड़ के बैंक-लिंकेज लोन का आँकड़ा बड़ा है, पर असली सवाल यह है कि इनमें से कितने ऋण वास्तव में आय-वृद्धि में तब्दील हुए। सुपर बाजार, सौर संयंत्र और बस स्वामित्व जैसी योजनाएँ महिला उद्यमिता की सही दिशा दिखाती हैं, लेकिन इनके क्रियान्वयन की गति और जवाबदेही तंत्र अभी स्पष्ट नहीं है। देश के अन्य राज्यों के SHG अनुभव बताते हैं कि बिना बाज़ार-संपर्क और कौशल विकास के, ऋण विस्तार अकेले परिवर्तनकारी नहीं होता।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना सरकार 2034 तक 1 करोड़ महिलाओं को करोड़पति कैसे बनाएगी?
सीएम रेवंत रेड्डी के अनुसार, यह लक्ष्य महिला स्वयं सहायता समूहों को बड़े व्यवसायों — जैसे बस स्वामित्व, सौर ऊर्जा संयंत्र, सुपर बाजार और कृषि लॉजिस्टिक्स — में शामिल करके हासिल किया जाएगा। इसके साथ बैंक-लिंकेज लोन सीमा बढ़ाकर ₹10 लाख और ब्याज मुक्त ऋण योजनाएँ भी इस दिशा में सहायक होंगी।
महिला SHG की बैंक लोन सीमा कितनी बढ़ाई गई है?
तेलंगाना सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों को दिए जाने वाले बैंक-लिंकेज लोन की सीमा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने की घोषणा की है। यह कदम महिला समूहों को बड़े व्यावसायिक उद्यमों में प्रवेश दिलाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इंदिरा गांधी स्त्री शक्ति भवन क्या हैं और इनकी संख्या कितनी होगी?
इंदिरा गांधी स्त्री शक्ति भवन महिला सशक्तिकरण केंद्र हैं। सीएम रेवंत रेड्डी ने 25 मई 2026 को वर्चुअल माध्यम से राज्यभर में ऐसे 8,000 केंद्रों की आधारशिला रखी, जो महिला समूहों को प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने का काम करेंगे।
'महिला शक्ति सुपर बाजार' योजना क्या है?
'महिला शक्ति सुपर बाजार' कॉर्पोरेट रिटेल चेन की तर्ज पर महिला SHG द्वारा संचालित दुकानें होंगी। सरकार शहरी क्षेत्रों में रियायती दरों पर ज़मीन पट्टे पर देगी और स्वयं हितधारक के रूप में भाग लेगी, ताकि किसानों के उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँच सकें।
तेलंगाना सरकार ने महिला SHG के लिए अब तक कितना वित्तीय सहयोग दिया है?
सरकार ने महिला समूहों के लिए ₹60,472 करोड़ के बैंक-लिंकेज लोन की सुविधा प्रदान की है और ब्याज मुक्त ऋण योजनाओं के तहत ₹1,390 करोड़ वितरित किए हैं। इसके अलावा, मुफ्त बस यात्रा योजना के तहत आरटीसी को अब तक ₹10,000 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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