तेलंगाना सरकार ने किसानों के लिए 'रायथु भरोसा' योजना के तहत 9,000 करोड़ की निधि आवंटित की
सारांश
Key Takeaways
- तेलंगाना सरकार ने 'रायथु भरोसा योजना' के तहत 9,000 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।
- किसानों को प्रति एकड़ 12,000 रुपए की सब्सिडी मिलेगी।
- मुख्यमंत्री ने पहली किस्त 3,590 करोड़ रुपए की जारी की।
- 70 लाख किसानों को इस योजना से लाभ होगा।
- किसानों को विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
हैदराबाद, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना सरकार ने 'रायथु भरोसा योजना' के अंतर्गत किसानों को 1.50 एकड़ भूमि पर कृषि करने हेतु वित्तीय सहायता के लिए 9,000 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रविवार को सिद्दीपेट जिले के नारमेटा में आयोजित एक जनसभा में 3,590 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी की। यह धनराशि सोमवार को किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 2,650 करोड़ रुपए की दूसरी किस्त अगले 20 दिनों में जारी की जाएगी, जबकि शेष 2,760 करोड़ रुपए अगले 20 दिनों में वितरित किए जाएंगे।
इस योजना के अंतर्गत, राज्य सरकार किसानों को प्रति एकड़ 12,000 रुपए की वार्षिक इनपुट सब्सिडी (खेती की लागत के लिए सहायता) प्रदान कर रही है। इससे 70 लाख किसानों को लाभ होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद, सरकार किसानों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ लागू कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले शासन में किसानों के कल्याण के लिए हर महीने 2,533 करोड़ रुपए खर्च किए जाते थे, जबकि कांग्रेस सरकार के 28 महीनों में यह राशि 5,500 करोड़ रुपए प्रति माह हो गई।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने यह भी कहा कि सरकार कृषि उपज के लिए लाभकारी मूल्य निर्धारित करने के साथ-साथ अन्य कल्याणकारी योजनाओं को लागू करके किसानों के चेहरे पर खुशी देखना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस राज्य में किसान दुखी होते हैं, वह समृद्ध नहीं हो सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार फसल नुकसान से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने का कार्य कर रही है। जनता की सरकार ने सिर्फ दो वर्षों में किसानों के कल्याण के लिए 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि धान उत्पादन में तेलंगाना देश का नंबर एक राज्य बनकर उभरा है। इस सीजन में सरकार ने 71 लाख टन धान की खरीद की है। हालांकि, उन्होंने खेद जताया कि केंद्र सरकार 50 लाख टन से अधिक धान की खरीद नहीं कर रही है।
कृषि में परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को फसल विविधीकरण अपनाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि अतीत में विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट प्रकार की फसलें उगाई जाती थीं।
सीएम ने कहा, "किसानों को केवल धान ही नहीं, बल्कि विभिन्न प्रकार की फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। इसके लिए विभिन्न योजनाएं बनाई जानी चाहिए।"
रेवंत रेड्डी ने कहा कि केंद्र के सहयोग से राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों द्वारा उगाई जाने वाली फसलें लाभकारी हों।